मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल करते समय किस तरह के खाने से बचना चाहिए?

टाइप 2 डायबिटीज  के लिए मेटफॉर्मिन पहली पसंद है यह ब्लड शुगर लेवल को (सुरक्षित रूप से) कम करने के लिए जाना जाता है। यह काफी इफेक्टिव और अच्छा रिस्पॉन्स देता है, अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (एडीए) के अनुसार, इसे डायबिटीज  का फर्स्ट लाइन ट्रीटमेंट  माना जाता है।

मेटफोर्मिन डायबिटीज  के पीड़ितों के लिए कोई समस्या पैदा नहीं करता है अगर वे सही से खाएं। लेकिन फिर भी, अच्छा इफेक्ट हो और कोई परेशानी न हो इसके  लिए मेटफॉर्मिन लेते समय कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हे खाने से बचना चाहिए। मेटफॉर्मिन इस्तेमाल करते समय किस टाइप के खाने से परहेज करना चाहिए, यह जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।

मेटफॉर्मिन क्या है?

मेटफोर्मिन 500 एमजी टैबलेट एक दवा है जिसे टाइप 2 डायबिटीज, प्रीडायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस  के इलाज के लिए दिया जाता है। सीडीसी के अनुसार, 30 मिलियन डायबिटीज  पीड़ितों में से 90 से 95% को टाइप 2 डायबिटीज  है। मेटफॉर्मिन बिगुआनाइड्स नाम की दवाओं के ग्रुप से है, ये ऐसी दवाएं हैं जो लीवर में ग्लूकोज बनने से रोकती हैं। मेटफॉर्मिन व्यक्ति द्वारा खाए जाने वाले खाने से शरीर द्वारा एब्जॉर्ब की जाने वाली शुगर के लेवल को भी कम कर देता है और इंसुलिन के लिए शरीर में सुधार करता है।

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मेटफॉर्मिन लेते समय परहेज किए जाने वाले फूड

मेटफॉर्मिन लेते समय परहेज किए जाने वाले फूड

मेटफॉर्मिन की सही डोज और डाइट अच्छी हो तो डायबिटीज  पीड़ित के लिए बेहतर काम कर सकता है।

नीचे कुछ चीजें बताई गई हैं जिन्हें मेटफॉर्मिन लेते समय नहीं खाना चाहिए

1- फैट

कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ पर निगेटिव इफेक्ट से बचने के लिए मेटफॉर्मिन लेते समय ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट से बचना चाहिए।

प्रोसेस्ड और फ्राई फूड  में पाए जाने वाले ट्रांस फैट, बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ा सकते हैं और हार्ट (ह्रदय) की बीमारियों को बढ़ा सकते हैं। रेड मीट और फुल फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट में मौजूद सैचुरेटेड फैट भी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकती है।

मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल डायबिटीज  जैसी कंडीशन को मैनेज करने के लिए किया जाता है, इसलिए हार्ट और ओवर ऑल हेल्थ के लिए इन अनहेल्दी फैट को कंट्रोल करना जरूरी है।

2- सिंपल और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट

जब हम सिंपल और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, जैसे कि स्वीट्स और सफेद ब्रेड, तो हमारा शरीर जल्दी से उन्हें ग्लूकोज में बदल देता है। यह ग्लूकोज हमारे ब्लड में पहुंच जाती है, जिससे हमारे ब्लड ग्लूकोज लेवल तेजी से बढ़ जाता है। अब, मेटफॉर्मिन एक दवा है जो हमारे ब्लड शुगर लेवल को स्टेबल रखने में मदद करती है, जो डायबिटीज वाले लोगों के लिए बहुत जरूरी है।

लेकिन जब हम बहुत अधिक मीठा (स्वीट) और फुल स्टार्च फूड खाते हैं, तो हमारा ब्लड ग्लूकोज बहुत बढ़ जाता है, और मेटफॉर्मिन को इसे कंट्रोल करने में परेशानी हो सकती है। वास्तव में यह तेजी से जा रही कार को रोकने की कोशिश करने जैसा है जो ज्यादा चैलेंजिंग हो जाता है।

इसलिए,तेजी से काम करने वाले कार्ब्स से बहुत अधिक परहेज करके, हम मेटफॉर्मिन को अपना काम बेहतर ढंग से करने में मदद कर रहे हैं। हमे चाहिए की  हमारे ब्लड ग्लूकोज का लेवल सेफ और स्टेबल रहे, जो हमारे हेल्थ के लिए अच्छा है, खासकर यदि हम डायबिटीज  जैसी कंडीशन को मैनेज करने के लिए मेटफॉर्मिन ले रहे हैं।

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3- हाई फाइबर वाले फूड

मेटफॉर्मिन लेते समय न खाने वाले फूड्स की लिस्ट में कुछ हाई फाइबर वाले फूड आइटम्स हैं। डायबिटीज  में फाइबर काफी अच्छा है क्योंकि यह हमारे ब्लड में ग्लूकोज की फास्ट एंट्री को धीमा कर देता है। लेकिन मेटफॉर्मिन जैसी दवाओं के साथ हाई फाइबर वाले फूड कम लेना चाहिए ज्यादा फाइबर भी हेल्थ के लिए अच्छा नहीं है।

ऐसा माना जाता है कि फाइबर कुछ दवाओं को एब्जॉर्ब करता है और ब्लड फ्लो में इसके कनसंट्रेशन (सांद्रता) को कम करता है। यदि कोई इंसान ज्यादा मात्रा में फाइबर इस्तेमाल करता है, तो मेटफॉर्मिन का लेवल कम हो सकता है। हर रोज  फाइबर का सेवन 30 ग्राम से कम रखें।

4- सोडियम

मेटफॉर्मिन लेते समय परहेज करने वाले आइटम्स में सोडियम भी शामिल है। ब्लड प्रेशर सही रखने के लिए मेटफॉर्मिन इस्तेमाल करते समय एक्स्ट्रा सोडियम से बचने की सलाह दी जाती है।

हाई सोडियम से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। जिस कारण हार्ट से जुड़ी हुई परेशानी बढ़ सकती है। ज्यादा सोडियम किडनी फंक्शन को डिस्टर्ब कर सकता है, मेटफॉर्मिन इस्तेमाल करने वालों में किडनी फंक्शन की मॉनिटरिंग की जाती है।

कम सोडियम वाले डाइट हार्ट फंक्शन को सही करने, ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने और ओवर ऑल हेल्थ को सही करने में  मेटफॉर्मिन को और अधिक हेल्प करता है।जब कोई व्यक्ति मेटफॉर्मिन इस्तेमाल कर रहा हो तो उसे सोडियम की ज्यादा मात्रा नहीं लेनी चाहिए। रोजाना सोडियम 2300 मिलीग्राम से कम रखें।

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5- शराब (एल्कोहल)

ज्यादा एल्कोहल से लो ब्लड ग्लूकोज के साथ-साथ लैक्टिक एसिडोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है। एल्कोहल की वजह से लीवर को ग्लूकोज मैनेजमेंट में दिक्कत आ सकती है।

डायबिटीज  पीड़ित  पहले से ही ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने के लिए काम करते हैं, इसलिए एल्कोहल उनकी परेशानी को और बढ़ा सकती है। खाली पेट एल्कोहल पीने से ब्लड ग्लूकोज कम हो सकता है। यह इंसुलिन और दूसरी एंटी डायबिटीज  दवाओं का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों के लिए है जो इंसुलिन के लेवल को बढ़ाते हैं। मेटफॉर्मिन लैक्टेट की मात्रा को भी बढ़ाता है।

लैक्टेट लैक्टिक एसिड का अंडरलाइन कंपाउंड है। रिसर्च इस बात को प्रूव करता है कि थायमिन की कमी के साथ ज्यादा एल्कोहल लैक्टेट एक्युमुलेशन को बढ़ा सकती है। अल्कोहल और मेटफॉर्मिन साथ मिलकर ब्लड में लैक्टिक एसिड की मात्रा बढ़ा सकते हैं और सीरियस कंडीशन बना सकते हैं। इसलिए कम एल्कोहल पीना सुरक्षित है। एल्कोहल का सेफ लेवल महिलाओं के लिए हर रोज एक ड्रिंक और पुरुषों के लिए हर रोज 2 ड्रिंक हैं।

6- ग्रैपफ्रूट (चकोतरा)

एक रिसर्च में मेटफॉर्मिन पर ग्रेप(अंगूर) के प्रभाव का पता लगाया गया। रिसर्चर ने पाया कि जिन लोगों ने मेटफॉर्मिन और अंगूर का जूस दोनों लिया था, उनमें लैक्टिक एसिड का प्रोडक्शन उन लोगों की तुलना में अधिक मात्रा में हुआ, जिन्होंने सिर्फ मेटफॉर्मिन लिया था और उनका वेट (वज़न) भी अधिक बढ़ सकता है।

यह भी पाया गया कि अंगूर का जूस लीवर में मेटफॉर्मिन के बिल्ड अप को बढ़ाता है। जिससे बाद में लैक्टिक एसिड प्रोडक्शन भी बढ़ जाता है। रिसर्च्स से यह भी पता चला कि अंगूर का जूस पीने से मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल करने वाले पीड़ितों में लैक्टिक एसिडोसिस का खतरा अधिक हो सकता है।

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7- लो(कम) कार्ब वाले फल

ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए मेटफॉर्मिन के साथ अपने डाइट में कम(लो) कार्ब वाले फलों को शामिल करना फायदेमंद है। ये फल, जैसे जामुन (स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रास्पबेरी), सेब, नाशपाती, चेरी और कीवी, फाइबर और न्यूट्रियंश से भरे होते हैं, जिससे धीरे-धीरे ग्लूकोज रिलीज होती है।

यह ग्लूकोज लेवल को स्टेबल रखने में मदद करता है, जो डायबिटीज या पीसीओएस को रोकने के लिए मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए ज्यादा जरूरी है। फाइबर कंटेंट ग्लूकोज एबजॉरबेशन को धीमा कर देती है, जिससे ब्लड ग्लूकोज बढ़ने का खतरा कम हो जाता है। लो कार्ब वाले फल ग्लूकोज कंट्रोल में सहायता करते हैं।

8- नट्स(दाना) और सीड्स(बीज)

मेटफॉर्मिन लेते समय अपने आहार में नट्स और सीड्स को शामिल करने से उनके कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स और हेल्दी फैट के कारण फायदा मिलता है। ये ब्लड ग्लूकोज कंट्रोल में हेल्प करते हुए लगातार एनर्जी भी देते हैं।

बादाम, अखरोट, चिया सीड्स और अलसी के बीज से जरूरी न्यूट्रिएंट, फाइबर, और ओमेगा -3 मिलता है। ये ग्लूकोज लेवल को स्टेबल करने में मदद करते हैं, और मेटाबोलिक हेल्थ सही करने को बढ़ावा देते हैं। नट्स और सीड्स को शामिल करने से ब्लड शुगर लेवल को स्टेबल रखने और डायबिटीज  या पीसीओएस जैसी कंडीशन को कंट्रोल करने में दवा को मदद मिलती है।

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पीसीओएस के लिए मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल करते समय कैसे खाने(फूड्स) से बचना चाहिए

पीसीओएस के लिए मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल करते समय कैसे खाने(फूड्स) से बचना चाहिए

पीसीओएस कंडीशन वाली महिलाओं को अपने खाने को लेकर ज्यादा सतर्क(सजग) रहने की जरूरत है, खासकर जब उन्हें मेटफॉर्मिन जैसी दवाएं दी गई हों। हेल्दी डाइट लेना और जंक फूड से बचना हमेशा अच्छा आइडिया  है। यहां कुछ स्पेशल फूड आइटम्स दिए गए हैं जिनसे पीसीओएस जैसी कंडीशन के लिए मेटफॉर्मिन इस्तेमाल करते समय परहेज करना चाहिए-

एल्कोहल-

पीसीओएस के लिए मेटफॉर्मिन लेते समय परहेज(अवॉइड) करने वाले फूड आइटम्स की लिस्ट में पहला एल्कोहल है। एल्कोहल पीने से आपका ब्लड ग्लूकोज कम हो सकता है। अगर आप मेटफॉर्मिन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो ब्लड ग्लूकोज और भी कम हो सकता है।

यदि आप पीसीओएस के लिए मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल करते समय एक ड्रिंक चाहते हैं, तो हर रोज केवल एक लें, इससे ज्यादा नहीं। पीसीओएस के दौरान ज्यादा एल्कोहल पीने से मेटफॉर्मिन अल्कोहल रिएक्शन हो सकता है।

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ज्यादा शुगर वाला ड्रिंक-

सोडा, मीठी चाय(स्वीट टी) और एनर्जी ड्रिंक जैसे ड्रिंक्स में बहुत ज्यादा शुगर होती है जो आपके ब्लड ग्लूकोज को तेजी से बढ़ा सकती है। यदि आपके शरीर में पीसीओएस जैसी समस्या है, तो इन ड्रिंक्स को छोड़ देना ही समझदारी है। इस तरह, मेटफॉर्मिन अपना काम बेहतर ढंग से कर सकता है और इंसुलिन प्रॉब्लम को ठीक करने में मदद कर सकता है।

एडेड शुगर फूड्स-

एडेड शुगर फूड्स इस्तेमाल करने से इंसुलिन प्रॉब्लम और पीसीओएस प्रॉब्लम को ज्यादा खराब कर सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अपनी एक्स्ट्रा शुगर को रोजाना 25 ग्राम से कम रखना सबसे अच्छा है।

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रिफाइंड ग्रेन्स-

पीसीओएस के लिए मेटफॉर्मिन लेते समय रिफाइंड ग्रेन्स से बचना चाहिए। कुछ ग्रेन्स(अनाज) न्यूट्रिशन और फाइबर जैसी अच्छी चीजें खो देते हैं, और ये अनाज आपके ब्लड ग्लूकोज को तेजी से बढ़ा सकते हैं। यदि आप पीसीओएस के लिए मेटफॉर्मिन ले रहे हैं, तो इन अनाजों से बचना जरूरी हैं।

फ्राइड फूड्स-

यदि आपको पेट में अजीब सा लगता है, तो फ्राइड फूड्स इसका कारण हो सकते हैं। उनमें कमी करने से मदद मिल सकती है। यह वजन(वेट) में मदद कर सकता है, जिससे इंसुलिन बेहतर काम कर सकता है और पीसीओएस के सिंपटम्स में सुधार हो सकता है।

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एक्स्ट्रा साल्ट(नमक)-

डायबिटीज होने से हार्ट की समस्या होने के चांस अधिक हो जाते हैं। दुनिया भर में लोग अक्सर बहुत अधिक नमक खाते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। हर दिन 2,300 मिलीग्राम या उससे कम नमक खाना सही है। यह आपके हार्ट और ब्लड प्रेशर को सही रखने में मदद करता है।

ग्रेपफ्रूट(अंगूर) मेटफॉर्मिन पर कैसे प्रभाव(इफेक्ट) डालता है?

मेटफॉर्मिन ऊपर सूचीबद्ध दवाओं के समान एंजाइम द्वारा नहीं टूटता है। यह व्यक्ति के शरीर द्वारा अनप्रोसेड रहता है और यूरिन(मूत्र) के रूप में निकाल दिया जाता है।

एक रिसर्च में नॉन-डायबिटिक लोगों में मेटफॉर्मिन के साथ अंगूर के इफेक्ट पर बात की गई। कुछ लोगों को अंगूर के जूस के साथ-साथ मेटफॉर्मिन भी दिया गया और कुछ को केवल मेटफॉर्मिन दिया गया।

बाद में यह पाया गया कि जो लोग मेटफॉर्मिन के साथ-साथ अंगूर का जूस भी इस्तेमाल कर रहे थे उनमें लैक्टिक एसिड का प्रोडक्शन बढ़ गया था। यह माना गया था कि अंगूर के जूस ने लीवर में मेटफॉर्मिन के बिल्ड अप को बढ़ा दिया है। जिस कारण लैक्टिक एसिड का प्रोडक्शन भी बढ़ गया । यह सुझाव दिया गया है कि अंगूर का जूस पीने से मेटफॉर्मिन वाले लोगों में लैक्टिक एसिडोसिस का खतरा बढ़ सकता है।

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मेटफॉर्मिन और अल्कोहल

डायबिटीज  पीड़ितों को एल्कोहल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि एल्कोहल लीवर की क्षमता को ख़राब कर देती है । ग्लूकोज को मेंटेन करना डायबिटीज  पीड़ितों के लिए एक समस्या है। खाली पेट एल्कोहल पीने से लो-ब्लड ग्लूकोज (हाइपोग्लाइसीमिया) हो सकता है।

जो डायबिटिक लोग इंसुलिन या कोई दूसरी डायबिटिक दवाएं इस्तेमाल कर रहे हैं जिनसे इंसुलिन बढ़ाया जाता है। उनमें ये समस्या नॉर्मल है। मेटफॉर्मिन इंसुलिन लेवल को नहीं बढ़ाता है, इसलिए इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों में एल्कोहल की वजह से  हाइपोग्लाइसीमिया होने की संभावना कम होती है।

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मेटफॉर्मिन-रिलेटेड लैक्टिक एसिडोसिस

जब शरीर एनर्जी के लिए ग्लूकोज का इस्तेमाल करता है, तो लैक्टिक एसिड निकलता है। मेटफॉर्मिन ब्लडफ्लो में लैक्टेट की मात्रा को बढ़ाता है, जो लैक्टिक एसिड में मौजूद बेसिक कंपाउंड है। एक रिसर्च के हिसाब से, थायमिन (विटामिन बी1) की कमी के अलावा एल्कोहल ज्यादा लेने से लैक्टेट की मात्रा ज्यादा हो सकती है। मेटफोर्मिन और एल्कोहल का यह साथ ब्लड में लैक्टिक एसिड की अधिकता ला सकता है, और एक सीरियस सिचुएशन लैक्टिक एसिडोसिस का कारण बन सकता है।

मेटफॉर्मिन-रिलेटेड लैक्टिक एसिडोसिस शायद ही कभी होता है, लेकिन खतरनाक है। जबकि डायबिटिक लोगों के लिए लैक्टिक एसिडोसिस का खतरा कम है, अगर किसी व्यक्ति को कंजेस्टिव हार्ट फेलियर या खराब किडनी फंक्शन है तो उसको खतरा अधिक हो सकता है।

यदि कोई व्यक्ति मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल कर रहा है, तो उसे कम मात्रा (सीमित मात्रा) में एल्कोहल पीनी चाहिए।

महिलाओं के लिए रोजाना एक ड्रिंक अपने हेल्थ केयर एक्सपर्ट के साथ नॉन-एल्कोहलिक लाइफस्टाइल के बारे में या एल्कोहल लेने के बारे में बात करना आपके लिए अच्छा हो सकता है।

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मेटफॉर्मिन डाइट में शामिल करने वाले फूड्स

मेटफॉर्मिन डाइट में शामिल करने वाले फूड्स

नीचे 5 फूड आइटम्स दिए गए हैं जिन्हें कोई भी व्यक्ति अपने मेटफॉर्मिन डाइट में शामिल कर सकता है।

1- कॉम्प्लेक्स कार्ब्स-

ये कार्बोहाइड्रेट(कार्ब्स) फलों, सब्जियों, साबुत अनाज जैसे ब्राउन चावल और साबुत अनाज वाली ब्रेड से मिलते हैं। इनमें फाइबर अधिक होता है और इससे उन्हें मेटाबोलाइज होने में परेशानी बढ़ जाती है।

इसके बाद यह ब्लड फ्लो में ग्लूकोज सिक्रेशन को धीमा कर देता है। यदि कोई व्यक्ति कांप्लेक्स कार्बोहाइड्रेट लेता है  तो उसको फुल मॉनिटरिंग की जरूरत है। यह जरूरी है क्योंकि कार्ब्स सीधे ब्लड शुगर लेवल को डिस्टर्ब करते हैं। मेटफॉर्मिन लेते समय ऐसे भोजन से बचना चाहिए।

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2- लीन प्रोटीन-

अपने मेटफॉर्मिन डाइट में लीन प्रोटीन को शामिल करना फायदेमंद है क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को स्टेबल करने में मदद करता है। चिकन, मछली, टोफू जैसे प्रोटीन में ग्लाइसेमिक प्रभाव कम होता है, जिससे ग्लूकोज को बढ़ने से कंट्रोल किया जा सकता है।

यह मेटफॉर्मिन के प्रभावों के साथ तालमेल बिठाता है और डायबिटिक कंडीशन के लिए ग्लूकोज मैनेजमेंट में सहायता करता है।

3- हेल्दी फैट-

अपने मेटफॉर्मिन डाइट में हेल्दी फैट शामिल करने से लगातार एनर्जी मिलती है और ब्लड ग्लूकोज मैनेजमेंट में भी मदद मिलती है। एवोकाडो, नट्स, सीड्स और ऑलिव ऑयल जैसे फैट न्यूट्रिशन के एबजॉरबेशन में ब्लड शुगर लेवल पर बहुत कम  प्रभाव डालते हैं। यह ग्लूकोज लेवल और ओवर ऑल मेटाबोलिक हेल्थ को बढ़ावा देता है।

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4- बिना स्टार्च वाली सब्जियाँ-

मेटफॉर्मिन के साथ गैर-स्टार्च(बिना स्टार्च) वाली सब्जियां खाना एक अच्छा आइडिया है क्योंकि उनमें कार्ब्स की मात्रा कम होती है और इससे शुगर भी तेजी से नहीं बढ़ता है। मेटफॉर्मिन ब्लड ग्लूकोज को कंट्रोल करने में मदद करता हैं।

कल्पना करें कि वे एक टीम हैं जो ग्लूकोज के लेवल को स्टेबल रखने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। यह ओवरऑल हेल्थ के लिए जरूरी है, खासकर डायबिटीज या पीसीओएस जैसी कंडीशन को मैनेज करते समय। यह मेटफॉर्मिन के प्रयास के लिए एक मजबूत बैकअप होने जैसा है।

5- मॉडरेटेड फाइबर कंजम्पशन(खपत)-

भले ही यह सुझाव दिया जाता है कि बहुत अधिक फाइबर न लें, लेकिन मॉडरेटेड फाइबर बहुत उपयोगी हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि फाइबर ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। फाइबर की एवरेज खपत प्रति दिन 25 से 30 ग्राम के बीच है।

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6- कम(लो) कार्ब वाले फल

ब्लड ग्लूकोज पर कम प्रभाव के कारण मेटफॉर्मिन के साथ लो कार्ब वाले फलों को अपने डाइट में शामिल करना फायदेमंद है। जामुन (स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रास्पबेरी), सेब, नाशपाती, चेरी और कीवी फाइबर से भरे होते हैं और धीरे-धीरे ग्लूकोज छोड़ते हैं।

यह ग्लूकोज के लेवल को स्टेबल करने में मदद करता है, जो मेटफॉर्मिन के साथ डायबिटीज  या पीसीओएस के मैनेजमेंट के लिए जरूरी है। फाइबर शुगर एबजॉरबेशन को रोकती है, स्पाइक खतरे को कम करती है, ग्लूकोज कंट्रोल करती है, और मेटफॉर्मिन के प्रभावों के साथ तालमेल बिठाती है।

7- नट्स और सीड्स

अपने मेटफॉर्मिन डाइट में मेवे और सीड्स शामिल करने से लो ग्लाइसेमिक  और एनर्जी सस्टेनिग जैसे लाभ मिलते हैं। बादाम, अखरोट, चिया सीड्स और अलसी(फ्लैक्सीड्स) जैसी किस्में फाइबर, न्यूट्रिशन और ओमेगा -3 की जरूरत को पूरा करती हैं, जिससे ग्लूकोज स्टेबिलिटी में सहायता मिलती है।

यह मेटफॉर्मिन के प्रभावों को पूरा करता है, जिससे डायबिटीज  और पीसीओएस जैसी कंडीशन के मैनेजमेंट में इसका इफेक्ट बढ़ जाता है।

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मेटफॉर्मिन इस्तेमाल करते समय बचने योग्य दूसरी बातें

मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल करते समय कुछ दवाओं को खाने से  लैक्टिक एसिडोसिस बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है। इस प्रकार, यदि कोई व्यक्ति इनमें से कोई भी दवा ले रहा है तो अपने डॉक्टर से बात करना जरूरी है

  • एसिटाज़ोलमाइड
  • क्लोरप्रोमेज़िन वाली एंटीसाइकोटिक दवाएं
  • टोपिरामेट और ज़ोनिसामाइड
  • गर्भनिरोधक गोली(कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स)
  • प्रेडनिसोन जैसे कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स
  • एम्लोडिपाइन

इस दवा का इस्तेमाल करने के बाद व्यक्ति को हाई फाइबर वाले फूड आइटम्स खाने से भी बचना चाहिए क्योंकि फाइबर दवाओं से जुड़ सकता है और उनके इफेक्ट को कम कर सकता है। ज्यादा मात्रा में फाइबर (प्रति दिन 30 ग्राम से अधिक) इस्तेमाल करने पर मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट का आईपी लेवल कम हो जाता है।

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मेटफॉर्मिन इस्तेमाल करते समय परहेज करने योग्य दवाएं

मेटफॉर्मिन इस्तेमाल करते समय बचने योग्य दूसरी बातें

कुछ दवाएं  हैं जो मेटफॉर्मिन के साथ रिएक्ट कर सकती हैं इसलिए सावधानी या परहेज की जरूरत होती है। अपनी दवा के नियम में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा एक हेल्थ केयर एक्सपर्ट  से बात कर लें।

कंट्रास्ट एजेंट-

यदि आप एक मेडिकल प्रॉसेस से गुजर रहे हैं जिसमें इमेजिंग टेस्ट के लिए कंट्रास्ट एजेंट शामिल हैं, जैसे कंट्रास्ट डाई के साथ सीटी स्कैन, तो आपका डॉक्टर मेटफॉर्मिन को इस्तेमाल ना करने की  सलाह दे सकता है। यह लैक्टिक एसिडोसिस को रोकने के लिए है।

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एल्कोहल-

ज्यादा एल्कोहल से ब्लड शुगर लेवल और मेटाबॉलिज्म डिस्टर्ब हो सकता है। ये मेटफॉर्मिन के साथ रिएक्ट कर सकता है। मेटफॉर्मिन लेते समय एल्कोहल के इस्तेमाल के बारे में अपने डॉक्टर से बात करना सबसे अच्छा है।

कुछ ब्लडप्रेशर की दवाएं

हाई ब्लडप्रेशर के लिए कुछ दवाएं, जैसे बीटा-ब्लॉकर्स और एंजियोटेंसिन-कनवर्टिंग एंजाइम (एसीई) इन्हिबिटर्स, ब्लड शुगर लेवल को अफेक्ट कर सकती हैं। आपका डॉक्टर मेटफॉर्मिन के साथ-साथ इन दवाओं के इस्तेमाल करने में आपकी मदद कर सकता है।

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कुछ डियोरेटिक्स(मूत्रवर्धक)-

कुछ डियोरेटिक्स (पानी की गोलियाँ) किडनी के काम को डिस्टर्ब कर सकते हैं और मेटफॉर्मिन के साथ रिएक्ट कर सकते हैं। यदि आपको दोनों प्रकार की दवाएँ दी की गई हैं तो बारीक मॉनिटरिंग जरूरी है।

सिमेटिडाइन (टैगामेट)-

एसिड रिफ्लक्स और अल्सर के लिए उपयोग की जाने वाली यह दवा शरीर से मेटफॉर्मिन के रिमूवल को धीमा कर सकती है, जिससे मेटफॉर्मिन का लेवल बढ़ सकता है। यदि आपको सिमेटिडाइन लेने की जरूरत है तो आपका डॉक्टर आपकी मेटफॉर्मिन डोज को एडजस्ट कर सकता है।

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कुछ एंटीडिप्रेसेंट-

कुछ एंटीडिप्रेसेंट, मोनोमाइन ऑक्सीडेज इनहिबिटर (एमएओआई) और सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीपटेक इनहिबिटर (एसएसआरआई), ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकते हैं और मेटफॉर्मिन के साथ रिएक्ट कर सकते हैं।

अपने डॉक्टर के साथ बातचीत करें।

किडनी फंक्शन को प्रभावित करने वाली दवाएं- मेटफॉर्मिन मुख्य रूप से किडनी के माध्यम से खत्म हो जाता है, इसलिए किडनी फंक्शन को अफेक्ट करने वाली दवाएं मेटफॉर्मिन की सेफ्टी और इफेक्ट को डिस्टर्ब कर सकती हैं। किडनी से संबंधित किसी भी दवा के बारे में हमेशा अपने डॉक्टर को सूचित करें।

डायबिटीज  की दूसरी दवाएँ- अलग तरह की ओरल मेडिसिन या इंसुलिन वाली कई डायबिटिक दवाओं के साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए मेडिकल सुपरविजन में ही इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

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आयरन सप्लीमेंट-

मेटफॉर्मिन के साथ आयरन सप्लीमेंट लेने से दोनों का एबजॉरबेशन कम हो सकता है। यदि आयरन सप्लीमेंट जरूरी है, तो अपने डॉक्टर से टाइम और डोज एडजस्टमेंट पर बात करें।

विटामिन बी12 की खुराक-

लंबे समय तक मेटफॉर्मिन के इस्तेमाल से विटामिन बी12 का एबजॉरबेशन कम हो सकता है। कुछ लोगों को बी12 सप्लीमेंट की जरूरत हो सकती है, लेकिन इसका इस्तेमाल एक हेल्थ केयर एक्सपर्ट से बात करने के बाद किया जाना चाहिए।

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इंसुलिन- 

जब टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज  के लिए इंसुलिन और मेटफॉर्मिन का एक साथ इस्तेमाल किया जाता है, तो ये ब्लड ग्लूकोज (हाइपोग्लाइसीमिया) के खतरे को कम कर सकते हैं। टाइप 2 डायबिटीज के मरीज़ दोनों का इस्तेमाल कर सकते हैं, उन्हें सावधानी के साथ मॉनिटरिंग की जरूरत है।

तेज़ हार्टबीट, भूख और कंपकंपी जैसे लक्षण हाइपोग्लाइसीमिया का संकेत देते हैं। ग्लूकोज की गोलियों या जूस से तुरंत ट्रीटमेंट करें। ब्लड ग्लूकोज को तेजी से बढ़ाने के लिए अपने डॉक्टर से ग्लूकागन के बारे में बात करें। हाइपोग्लाइसीमिया को इग्नोर न करें।

ध्यान दें

पर्सनल मेडिकल सलाह जरूरी है। मेटफॉर्मिन के सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर  को अपनी सभी दवाओं, सप्लीमेंट और मेडिकल सिचुएशन के बारे में जरूर सूचित करें।

और पढ़े : शुगर में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए।

डायबिटीज  पीड़ितों के लिए कुछ डाइट डायरेक्शन इस प्रकार हैं-

  • सब्जियों, फलों और साबुत अनाज से मिलने वाले कार्ब्स को शामिल करें। कार्ब इस्तेमाल की मॉनिटरिंग करना जरूरी है, क्योंकि यह सीधे ब्लड ग्लूकोज को प्रभावित करता है।
  • सैचुरेटेड और ट्रांस फैट से भरपूर भोजन से बचें। इसकी जगह पर मछली, नट्स और ऑलिव ऑयल से मिलने वाले फैट लें।
  • हर रोज 25 से 30 ग्राम फाइबर ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।
  • सोडियम से बचें. रोजाना 2,300 मिलीग्राम से कम लेने का प्रयास करें।

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ओवरऑल डाइट देखें

मेटफॉर्मिन ब्लड शुगर लेवल को कम करता है। जब हेल्दी डाइट को फॉलो नहीं किया जाता है तो यह बहुत कम प्रभाव देता है। हाई ग्लूकोज पैदा करने वाले फूड आइटम्स से बचने या सीमित करने की कोशिश करें-

  • डायबिटीज की किसी भी दवा से ज्यादा लाभ प्राप्त करने के लिए
  • किसी व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए

और पढ़े : शुगर में कौन सी सब्जियां खानी चाहिए ?

जब हाई ब्लड शुगर की बात आती है तो प्रमुख कल्परिट(अपराधी)

  • सिंपल कार्बोहाइड्रेट वाले फूड आइटम्स (सोडा, कैंडी, डेसर्ट)
  • रिफाइंड कार्ब्स (सफेद ब्रेड, सफेद चावल, पास्ता)
  • कांप्लेक्स कार्ब्स जैसे ब्राउन चावल और साबुत अनाज वाली ब्रेड चुनें। इन कार्ब्स में बड़ी मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है। यह ब्लड फ्लो में ग्लूकोज की सिक्रेशन को धीमा कर देता है।

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इसके अलावा-

  • लीन प्रोटीन (जैसे टर्की, मछली और टोफू) शामिल करें।
  • हर बार खाने की में प्लेट का आधा भाग स्टार्च फ्री सब्जियों से भरें। ये ब्रोकोली और पत्तेदार साग हो सकते हैं।
  • इससे कार्ब मेटाबोलिज्म को धीमा करने में मदद मिलेगी।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न-

मेटफॉर्मिन लेते समय आपको किन फूड आइटम्स से बचना चाहिए?

मेटफॉर्मिन लेने पर, हाई-कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज वाले भोजन से दूर रहने की सलाह दी जाती है। प्रोसेस्ड स्वीट्स, ग्लूकोज ड्रिंक्स और हाई स्टार्च वाले फूड आइटम्स से बचें। दवा से ज्यादा फायदे के लिए सब्जियों, लीन प्रोटीन और साबुत अनाज से भरपूर बैलेंस्ड डाइट चुनें।

मेटफॉर्मिन लेने के दौरान मुझे नाश्ते में क्या खाना चाहिए?

Last updated on सितम्बर 19th, 2023

मेटफॉर्मिन के इस्तेमाल के समय एक बढ़िया नाश्ते में कार्ब्स, प्रोटीन और हेल्दी फैट का बैलेंस होना जरूरी है। जामुन और नट्स के साथ दलिया, फल के साथ ग्रीक योगर्ट, या अंडे और एवोकैडो जैसे चीजों को लेना शुरू करें। ब्लड शुगर लेवल को स्टेबल करने में मदद के लिए ग्लूकोज वाले अनाज और पेस्ट्री से बचें। अपने नाश्ते को अपनी पसंद के हिसाब से तैयार करें।

पीसीओएस के लिए मेटफॉर्मिन लेते समय मैं क्या खा सकती हूं?

Last updated on सितम्बर 19th, 2023

पीसीओएस को मैनेज करने के लिए मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल करते समय, उन फूड आइटम्स पर ध्यान देना है जो इंसुलिन रेजिस्टेंस को ऐड्रेस करते हैं। कॉम्प्लेक्स कार्ब्स, लीन प्रोटीन और फाइबर चुनें। फल, सब्जियाँ, मेवे और साबुत अनाज शामिल करें। हाइड्रेटेड रहना जरूरी है। पर्सनल सलाह  के लिए, अपने डॉक्टर या डाइट एक्सपर्ट से बात करें ।

मेटफॉर्मिन लेते समय सबसे बढ़िया डाइट क्या है?

Last updated on सितम्बर 19th, 2023

मेटफॉर्मिन लेते समय सबसे बढ़िया डाइट में एक बैलेंस्ड अप्रोच होता है। सब्जियाँ, लीन प्रोटीन, साबुत अनाज और हेल्दी फैट । प्रोसेस्ड फूड आइटम्स, ग्लूकोज वाले स्नैक्स और ज्यादा कार्ब्स को कम करें। रेगुलर भोजन ब्लड शुगर लेवल को स्टेबल करने और मेटफॉर्मिन के इफेक्ट को बढ़ाने में मदद कर सकता है।

क्या आप मेटफॉर्मिन लेते समय दूध पी सकते हैं?

Last updated on सितम्बर 19th, 2023

मेटफॉर्मिन लेते समय दूध पीना सुरक्षित होता है लेकिन अत्यधिक डेयरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से दवा के एबजॉरबेशन में दिक्कत आ सकती है। किसी भी परेशानी से बचने के लिए मेटफ़ॉर्मिन की डोज और दूध को अलग करें। मेटफॉर्मिन के साथ-साथ अपने डाइट के मैनेजमेंट पर पर्सनल सलाह के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से बात करें ।

लैक्टिक एसिडोसिस मेटफॉर्मिन क्या है?

Last updated on सितम्बर 19th, 2023

लैक्टिक एसिडोसिस एक रेयर लेकिन सीरियस सिचुएशन है जो ब्लड में लैक्टिक एसिड के हाई लेवल से जानी जाती है। जबकि लैक्टिक एसिडोसिस कई तरह में मेटफॉर्मिन से जुड़ा हुआ है, यह मुख्य रूप से दवा के अलावा दूसरे फैक्टर्स से जुड़ा हुआ है, जैसे कि किडनी फेलियर।  डॉक्टर की सलाह से इस्तेमाल करने पर मेटफॉर्मिन आम तौर पर सुरक्षित रहता है।

मेटफॉर्मिन लैक्टिक एसिडोसिस का कारण कैसे बनता है?

Last updated on सितम्बर 19th, 2023

मेटफॉर्मिन शायद ही कभी लैक्टिक एसिडोसिस का कारण बनता है। यह सिचुएशन किडनी की समस्या, इंफेक्शन या सीरियस मेडिकल कंडीशन  जैसे फैक्टर्स से जुड़ी होती है। लैक्टिक एसिडोसिस के साथ मेटफॉर्मिन के इस्तेमाल के बारे में इन समस्याओं वाले पीड़ितों को सावधानी बरतने के लिए कहा जाता है। रेगुलर किडनी फंक्शन की जांच से मेटफॉर्मिन के सुरक्षित इस्तेमाल में मदद मिलती है।

क्या आप मेटफॉर्मिन के साथ एल्कोहल पी सकते हैं?

Last updated on सितम्बर 19th, 2023

कम मात्रा में एल्कोहल का इस्तेमाल मेटफॉर्मिन के साथ सीधे तौर पर दिक्कत नहीं कर सकता है, लेकिन एल्कोहल से बचने की सलाह दी जाती है। एल्कोहल ब्लड शुगर लेवल और मेटाबॉलिज्म को डिस्टर्ब कर सकती है। दवा के काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकती है। एल्कोहल के इस्तेमाल के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

क्या मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल करते समय कॉफी पीना सुरक्षित है?

Last updated on सितम्बर 19th, 2023

कैफीन को रिमूव करने के लिए शरीर इसे तोड़ता है। मेटफॉर्मिन इस प्रॉसेस को कमजोर कर सकता है। कैफीन के साथ में मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल कैफीन के इफेक्ट्स और साइड इफेक्ट्स को बढ़ा सकता है।

क्या दूध मेटफॉर्मिन के काम को प्रभावित करता है?

Last updated on सितम्बर 19th, 2023

ब्रेस्ट फीडिंग (स्तनपान) के दौरान मेटफॉर्मिन “सुरक्षित” होता है। दूध में दवा के लिए रेयर कंसंट्रेशन प्रोफ़ाइल है और दूध में मेटफॉर्मिन का ट्रांसफर पैसिवली डिफ्यूजन पर बेस्ड नहीं है।

क्या खीरे का पानी डायबिटिक लोगों के लिए सुरक्षित है?

Last updated on सितम्बर 19th, 2023

डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए, ब्लड शुगर लेवल को अच्छी तरह से कंट्रोल करने के लिए उनके डाइट में खीरा शामिल करना उपयोगी हो सकता है।

यदि किसी व्यक्ति को मेटफॉर्मिन से ग्लूकोज मिले तो क्या होगा?

Last updated on सितम्बर 19th, 2023

ऐसे कोई फूड आइटम्स नहीं हैं जो दवा के दायरे से बाहर हों। दूसरी ओर, डायबिटीज  को कंट्रोल करने में मदद के लिए व्यक्ति को हेल्दी डाइट लेना चाहिए। जब कोई व्यक्ति ग्लूकोज और मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल करता है, तो शरीर को ब्लड ग्लूकोज को कम करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है।

क्या आपको इस दवा का इस्तेमाल करते समय ढेर सारा पानी पीना चाहिए?

Last updated on सितम्बर 19th, 2023

ट्रीटमेंट के शुरुआती कुछ हफ्तों के दौरान होने वाले पेट दर्द को कम करने के लिए भोजन के साथ मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। टैबलेट या एक्सटेंडेड-रिलीज़ टैबलेट को पूरे गिलास पानी के साथ लेना चाहिए। टैबलेट को कुचलने, तोड़ने या चबाने से बचें।

Last Updated on by Dr. Damanjit Duggal 

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