मधुमेह को नियंत्रित करें भारतीय आहार से | Indian Diet Plan for Type 2 Diabetes in Hindi

पिछले कुछ वर्षों में, भारत में मधुमेह रोगियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। इसके प्रमुख कारण है बदलती जीवनशैली, शारीरिक निष्क्रियता और ग़लत खान-पान। मधुमेह आपके रक्त शर्करा को उच्च स्तर पर ले जाता है। इससे दिल का दौरा, स्ट्रोक, यकृत और गुर्दे की समस्याओं, और साथ ही कई अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं। इसलिए, अपने रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने के लिए स्वस्थ जीवनशैली की आदतों का पालन करना महत्वपूर्ण है। मधुमेह को नियंत्रित करने का प्राथमिक तरीका आपकी भारतीय आहार योजना है। मधुमेह के लिए सर्वोत्तम भारतीय आहार योजना के बारे में जानने के लिए इस ब्लॉग को पढ़ें।

Indian Diet Plan For Diabetes in Hindi | भारतीय आहार

Table of Contents

मधुमेह के लिए एक स्वस्थ आहार योजना का महत्व

डाइट प्लान आपके स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि आपको मधुमेह के लक्षण हैं तो आपका डॉक्टर आपको आहार विशेषज्ञ से मिलने की सलाह देगा। वह स्वस्थ खाने की योजना तैयार करने में आपकी मदद करेगा। मधुमेह रोगियों के लिए एक उचित और नियोजित आहार उन्हें अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। अतिरिक्त कैलोरी और वसा का सेवन आपके शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाता है। हालांकि, स्वस्थ खाने की आदतें आपके रक्त शर्करा के स्तर को सामान्य श्रेणी में रख सकती हैं।

अपने शरीर की आहार संबंधी आवश्यकताओं को जानें

सबका एक अलग शरीर होता है और आपके शरीर की आहार संबंधी आवश्यकताएं आपके परिवार के अन्य सदस्यों से भिन्न होती हैं। भारतीय मधुमेह आहार शुरू करने से पहले, आपको अपने डॉक्टर और आहार विशेषज्ञ दोनों से परामर्श लेना चाहिए। एक आहार विशेषज्ञ आपको दैनिक आधार पर आपकी आहार संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक सही आहार योजना बनाने में मदद करेगा। यह आपके स्वस्थ रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने और आपके शरीर को पोषण देने के लिए पोषक तत्वों की आपूर्ति करने में मदद करता है।

अपने मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए भारतीय आहार योजना

भारतीय भोजन को लेकर एक बहुत बड़ी भ्रांति है कि भारतीय मुख्य खाद्य पदार्थों में उच्च मात्रा में कार्ब्स और चीनी होती है जो एक स्वस्थ जीवन शैली को बनाए नहीं रख सकती है। जबकि बहुत सारे भारतीय सुपरफूड हैं जो आपके रक्त शर्करा के स्तर को मैनेज करने में मदद करते हैं। इनके द्वारा आप रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रण में रखते हुए अच्छे भोजन का आनंद ले सकते हैं। मधुमेह के लिए भारतीय आहार योजना में मुख्य रूप से आपके शरीर के ग्लूकोज को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित या सही मात्रा में कैलोरी होती है।

मधुमेह में संतुलित भारतीय आहार का आनंद लें

यह महत्वपूर्ण है कि मधुमेह के रोगियों के लिए आहार योजना में फाइबर युक्त भोजन, स्वस्थ प्रोटीन और अच्छे कार्ब्स शामिल हों। मधुमेह से पीड़ित लोगों को ऐसा भोजन करने की आवश्यकता होती है जो ऊर्जा और रक्त शर्करा को धीरे-धीरे शरीर में जाने दें। ऐसे बहुत सारे शाकाहारी और मांसाहारी मधुमेह के अनुकूल खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें आप अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

जानें मधुमेह आहार चार्ट में जोड़े जाने वाले भारतीय खाद्य पदार्थ

भारतीय खाद्य पदार्थों में शामिल बहुत से खानों में अच्छा पोषण पाया जाता है। इसके अलावा, उन्हें दैनिक आधार पर अपने आहार में शामिल करने से आपको अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। कुछ खाद्य पदार्थ जिन्हें आप अपनी खाने में शामिल कर सकते हैं, वे हैं:

स्वस्थ वसा या हेल्दी फैट

मधुमेह वाले व्यक्तियों को कार्बोहाइड्रेट और संतृप्त वसा के बजाय  स्वस्थ वसा को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (PUFA) जैसी स्वस्थ वसा या हेल्दी फैट आपके शरीर में इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह आपके रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है। हालांकि, आपको अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए सही मात्रा में स्वस्थ वसा लेने पर ध्यान देना चाहिए।

स्वस्थ वसा के स्रोत: मछली, मछली के लिवर का तेल, अखरोट, और कई प्रकार के बीज जैसे सूरजमुखी के बीज, तिल के बीज, अलसी और कद्दू के बीज।

स्वस्थ प्रोटीन

आपके भोजन में कार्बोहाइड्रेट के साथ स्वस्थ प्रोटीन का शामिल होना आपके शरीर में इंसुलिन के स्राव को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह रक्त शर्करा के स्तर को नियमित करने में मदद करता है। इस प्रकार, उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन के सेवन से भोजन के बाद रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि नहीं होती है।

स्वस्थ प्रोटीन के स्रोत: राजमा, सोयाबीन, दाल, टोफू, चिकन, कद्दू के बीज और मछली (रोहू, मगर, हिल्सा, सिंगी, पोम्फ्रेट)।

सब्ज़ियाँ

इसमें कोई शक नहीं है कि सब्जियां अत्यधिक पौष्टिक और स्वस्थ होती हैं। वे प्रोटीन, विटामिन, खनिज, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट के समृद्ध स्रोत हैं। आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ाने, वजन घटाने और आपके रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए आपके शरीर को सब्जियों की कम से कम दो सर्विंग्स या 2 प्लेट की आवश्यकता होती है। मधुमेह और गैर-मधुमेह दोनों के लिए भारतीय भोजन में विभिन्न प्रकार की सब्जियां शामिल हैं। मधुमेह आहार के लिए सब्जियां: मटर, फूलगोभी, पालक, बीन्स, लहसुन, लौकी, करेला, टमाटर, शिमला मिर्च, शकरकंद, बैंगन, चुकंदर की जड़ और बीन्स।

डेयरी प्रोटीन

डेयरी उत्पाद प्रोटीन, विटामिन डी और कैल्शियम के बेहतरीन स्रोत हैं। वे मधुमेह मेनेजमेंट के लिए इंसुलिन के स्राव को बढ़ाने में एक लाभकारी भूमिका निभाते हैं।

डेयरी प्रोटीन के स्रोत: दूध, दही, पनीर, अनफ्लेवर्ड सोया दूध, अंडे की सफेदी और कम वसा वाला खट्टा क्रीम।

सारांश

ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें स्वस्थ वसा और प्रमुख रूप से प्रोटीन होते हैं, उन्हें अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए।

फल जो आप मधुमेह में ले सकते हैं

ऐसे बहुत से फल हैं जिन्हें आप भारत में मधुमेह रोगियों के आहार योजना या प्लान में शामिल कर सकते हैं। फल आपकी मीठा खाने की इच्छा को पूरा करते हैं। आप आंवला, सेब, काला बेर (जामुन), कच्चा पपीता, कच्चा अमरूद, अंगूर, कीवी और अनानास खा सकते हैं। इन फलों में फ्रुक्टोज की मात्रा काफ़ी कम होती है। हालांकि आप आम, लीची और केला जैसे उच्च फ्रुक्टोज वाले फल भी खा सकते हैं लेकिन उनकी मात्रा को नियंत्रित रखें।

इसको भी पढ़े: मधुमेह के लिए प्राकृतिक घरेलू उपचार

मधुमेह के लिए 8 कारगर भारतीय खाद्य पदार्थ

मधुमेह के रोगियों के लिए कुछ कारगर या प्रभावी खाद्य पदार्थ हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों में कई गुण होते हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। ऐसे सुपरफूड्स में शामिल है:

मेथी

इसमें कुछ ऐसे कम्पाउन्ड होते हैं जो अग्न्याशय से इंसुलिन को स्त्रावित  करने में मदद करते हैं। मेथी के बीज इंसुलिन प्रतिरोध को भी कम करते हैं जिसकी वजह से शरीर के महत्वपूर्ण अंग और कुछ ऊतक इंसुलिन के साथ बेहतर कार्य करते हैं। इसलिए मेथी मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक है।

हल्दी

हल्दी में चिकित्सीय गुण होते हैं। मधुमेह के रोगी सोने से पहले हल्दी वाला दूध पी सकते हैं। यह उनके रक्त शर्करा के स्तर और मधुमेह से संबंधित जटिलताओं को कम करता है।

लहसुन

लहसुन आपके शरीर की ग्लाइसेमिक स्थिति में सुधार करने में मदद करता है। मधुमेह टाइप -2 वाले लोग, जो रोजाना लहसुन का सेवन करते हैं, उनकी फास्टिंग और पोस्टप्रैन्डियल ब्लड शुगर के स्तर में संभावित रूप से गिरावट देखी जा सकती है। लहसुन विटामिन सी और विटामिन बी6 का भी समृद्ध स्रोत है। ये क्रमशः रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने के साथ कार्बोहाइड्रेट मेटाबोलिज़्म में सुधार करने में भी मदद करते हैं।

फलियां

दालों और फलियों में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। इस प्रकार, वे टाइप -2 मधुमेह वाले लोगों में ग्लूकोज स्पाइक्स (अचानक बढ़ने) को रोकने में मदद करते हैं। इसके साथ ही ये प्रोटीन और फाइबर के भी अच्छे स्रोत हैं।

भूरे चावल या ब्राउन राइस

यह सफेद चावल का सही विकल्प है। इसमें कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के साथ भरपूर फाइबर होता है। ब्राउन राइस मैंगनीज का भी एक समृद्ध स्रोत है जो सुपरऑक्साइड डिसम्यूटेज के उत्पादन में मदद करता है। यह एक एंजाइम है जो आपके शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के उत्पादन के लिए जिम्मेदार है।

क्विनोआ

क्विनोआ एक सुपरफूड है जिसने भारत में लोकप्रियता हासिल करना शुरू कर दिया है। टाइप-2 डायबिटीज़ वाले लोगों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है। यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है। आप मधुमेह टाइप 2 पीडीएफ के लिए भारतीय आहार योजना या प्लान में व्यंजनों विधियों को ऑनलाइन देख सकते हैं।

दालचीनी

यह आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला भारतीय मसाला है। इस बात के क्लीनिकल प्रमाण है कि दालचीनी रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में सहायता करती है। एक अध्ययन में पाया गया कि रोजाना 40 दिनों तक 1 से 6 चम्मच दालचीनी का सेवन करने से रक्त शर्करा का स्तर 24% तक कम हो जाता है।

नट और तिलहन

बादाम, अखरोट और अलसी, प्रोटीन और फाइबर के सबसे अच्छे स्रोत हैं। ये आपके ब्‍लड ग्‍लूकोज लेवल को कंट्रोल में रखते हैं। वे ओमेगा-3 जैसे फैटी एसिड के भी समृद्ध स्रोत हैं जो हृदय रोगों को रोकने में मदद करते हैं।

सारांश

मेथी (मेथी दाना), हल्दी (हल्दी), लहसुन (लेहसुन), और दालचीनी (दाल-चीनी) जैसे खाद्य पदार्थ शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

अपने रक्त ग्लूकोज स्तर को नियंत्रित करने के लिए भारतीय आहार योजना प्रारूप (सैम्पल)

यह सच है कि कुछ भारतीय मुख्य खाद्य पदार्थ कार्ब्स और चीनी से भरपूर होते हैं। हालांकि, भारतीय भोजन में कई और खाद्य पदार्थ भी हैं जो स्वस्थ जीवन शैली को बनाए रखने में आपकी मदद करते हैं। भारतीय सुपरफूड आपकी अनियमित रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर करने में मदद करते हैं। वे आपके समग्र स्वास्थ्य को भी पोषण देते हैं। मधुमेह वाले लोगों के लिए सैम्पल भोजन प्लान इस प्रकार है:

सुबह सवेरे

अपने दिन की शुरुआत में चाय/कॉफी से परहेज़ करें। यह कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाता है और रक्त शर्करा को अस्थिर करता है। आप अपने दिन की शुरुआत एक ताज़ा और डिटॉक्स ड्रिंक के साथ कर सकते हैं और साथ ही आप सुबह सबसे पहले भीगे हुए मेथी के साथ गर्म पानी ले सकते हैं। आप इस ड्रिंक के साथ 1 मुट्ठी भीगे हुए मेवे भी ले सकते हैं।

नाश्ता

यह दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन है। मधुमेह के रोगियों के लिए भारतीय नाश्ते के लिए बहुत सारे स्वादिष्ट विकल्प हैं। आप दलिया (दलिया), ताजी स्मूदी, बिना तेल/मक्खन वाली सब्जियों की चपाती या एक कटोरी ताजे फल खा सकते हैं। मांसाहारी लोगों के लिए उबले अंडे एक अच्छा विकल्प हैं। साबुत अनाज की रोटी, उपमा, पोहा, रागी इडली और डोसा भी नाश्ते के लिए स्वस्थ विकल्प हैं। आप नाश्ते में एक गिलास दूध भी ले सकते हैं।

सुबह के दौरान (मिड-मॉर्निंग)

कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों के साथ अपनी मिड-मॉर्निंग भूख को संतुष्ट करें। आप सुबह-सुबह स्वस्थ मेवे और बीज खा सकते हैं। इससे आपकी भूख तो पूरी होगी ही साथ ही आपका ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहेगा।

दिन का खाना

आपके दोपहर के भोजन की थाली में अच्छी तरह से पकी हुई और कम कार्ब वाली सब्जियों की एक बड़ी सर्विंग शामिल होनी चाहिए। दाल में भरपूर पोषक तत्व होते हैं। मूंग दाल प्रोटीन का समृद्ध स्रोत है। सब्जी और दाल के साथ, आप 1 या 2 साबुत गेहूं, रागी, जौ, ज्वार या बेसन की चपाती ले सकते हैं। मांसाहारी लोगों के लिए सब्जी और दाल की जगह स्टीम्ड या ग्रिल्ड मीट/सी फूड अच्छा विकल्प होता है। सफेद चावल के बजे क्विनोआ और ब्राउन राइस स्वास्थ्यप्रद विकल्प हैं।

दिन के स्नैक:

भुना हुआ चना, चिवड़ा, ग्रीक योगर्ट, एक कटोरी फ्रूट और गुड़ स्नैक्स के लिए सबसे अच्छे विकल्प हैं। चिप्स, बिस्कुट, पैक्ड नमकीन और तले हुए स्नैक्स जैसे प्रोसेस्ड  खाद्य पदार्थों से परहेज़ करें। ये आपके रक्त शर्करा के स्तर को आसानी से बढ़ा सकते हैं। आप काम वसा वाले दूध के साथ चाय/कॉफी भी ले सकते है। साथ ही ग्रीन टी एक बेहतर विकल्प है।

रात का खाना

यह दिन का अंतिम भोजन होता है। इसका हल्का और स्वस्थ होना बहुत ज़रूरी है। रात के खाने के लिए लो फैट या लो कार्ब फूड सबसे अच्छे होते हैं। आप रात के खाने में सूप, एक कटोरी सलाद, ग्रिल्ड पनीर या टोफू ले सकते हैं। मांसाहारी लोग ग्रिल्ड फिश या चिकन खा सकते हैं। आप अपने डिनर को लंच की तरह भी रख सकते हैं लेकिन कम मात्रा में।

सारांश

हालांकि हर व्यक्ति की स्थिति दूसरे से अलग होती है, इसलिए डाइट प्लान भी हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होता है। हालांकि, शुरुआत के लिए, कोई एक स्टैन्डर्ड आहार योजना का पालन किया जा सकता है।

मधुमेह में खाने के लिए सामान्य सुझाव

मधुमेह से पीड़ित लोगों को अपने आहार को सीमित करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय, उन्हें अपने ग्लाइसेमिक सेवन को नियंत्रित करना होगा। आपको बस उन खाद्य पदार्थों का चयन करना है जो आपके रक्त शर्करा के स्तर को नहीं बढ़ाते हैं। वैसे, मधुमेह आहार के लिए भारत में भोजन के व्यापक विकल्प उपलब्ध हैं। स्वस्थ खाने की आदतों का पालन करके आप अपने मधुमेह को नियंत्रित कर सकते हैं:

फ्रूट सॉस और जैम के सेवन से बचें। उनमें अतिरिक्त संरक्षक या प्रीज़र्वेन्ट और मीठा करने वाले एजेंट होते हैं। इसलिए, वे आपके रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाएंगे।

जंक फूड खाने से बचना चाहिए। मैदा का उपयोग ब्रेड और बन बनाने के लिए किया जाता है। इसमें उच्च कैलोरी सामग्री होती है। इसके अलावा, सॉस में कुछ फ्लेवरिंग एजेंट और प्रिज़र्वेटिव भी होते हैं जो आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं होते हैं।

डिब्बाबंद जूस पीने से बचें। इनमें कृत्रिम स्वाद देने वाले एजेंट, चीनी और प्रिज़र्वेटिव होते हैं।

नाश्ता ज़रूर करें। नाश्ता न करने से आपके शरीर में मेटाबोलिज़्म संबंधित कई बीमारीयां हो सकती है। यह आपका वज़न बढ़ाने के साथ इंसुलिन के कार्य को भी प्रभावित करता है।

मधुमेह में आपकी इच्छा ऐसा खान खाने की होती है जो आपके लिए नुकसानदायक है इसलिए अपनी इच्छा पर नियंत्रण रखें। योग और ध्यान आपको शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। कुछ योग आसन आपके पाचन को आसान बनाने में आपकी मदद करते हैं।

अपने दैनिक कैलोरी सेवन को नियंत्रित करें। मधुमेह आहार चार्ट का मुख्य उद्देश्य आपके कैलोरी सेवन को नियंत्रित करना है। इस प्रकार, आपको अपनी दैनिक कैलोरी आवश्यकताओं की गणना करने और अपने कैलोरी सेवन को सही करने की आवश्यकता है।

एक मधुमेह आहार योजना सभी के लिए उपयुक्त नहीं होती हैं। मधुमेह के लिए कोई भी आहार चार्ट शुरू करने से पहले आपको पहले अपने आहार विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। एक आहार विशेषज्ञ आपके शरीर की आवश्यकताओं के अनुसार आपके लिए श्रेष्ठ आहार चार्ट बनाते हैं।

इसको भी पढ़े: क्या मधुमेह के रोगियों के लिए नारियल पानी फायदेमंद है?

परिणाम

भारत में लोगों में मधुमेह आम होता जा रहा है। उच्च रक्त शर्करा का स्तर हृदय रोगों सहित गंभीर जटिलताओं को निमंत्रण देता है। इसलिए, स्वस्थ और लंबे जीवन के लिए मधुमेह प्रबंधन या डायबिटीज़ मेनेजमेंट बहुत महत्वपूर्ण है। अपने शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए डाइट कंट्रोल सबसे आसान और सही तरीका है। सर्वोत्तम मधुमेह भोजन योजना तैयार करने के लिए आप अपने आहार विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं। एक सुनियोजित भारतीय डायबिटिक डाइट चार्ट में आपको स्वस्थ रखने के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व होते हैं।

मधुमेह होने का मतलब यह नहीं है कि आपको अपने पसंदीदा भोजन से समझौता करना होगा। आपको बस उसकी मात्र को नियंत्रित करने और अपने रक्त शर्करा के स्तर को मैनेज करने के लिए सही खाने की ज़रूरत है। भारत में कई फल, सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं। इसलिए, अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए स्वस्थ और स्वादिष्ट आहार का पालन करना काफी आसान है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

क्या करेले का जूस मधुमेह को नियंत्रित करता है?

हाँ। कई डॉक्टर करेले का जूस पीने का सुझाव देते हैं। करेले में एक इंसुलिन जैसा यौगिक होता है जिसे पॉलीपेप्टाइड-पी या पी-इंसुलिन कहा जाता है। यह ऊर्जा के लिए ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है। साथ ही डॉक्टर आपके रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के लिए नीम का रस पीने की भी सलाह देते हैं। नीम के पत्तों में फ्लेवोनोइड्स, ट्राइटरपेनोइड्स, ग्लाइकोसाइड्स और एंटीवायरल यौगिक होते हैं। आप करेले का रस या नीम का रस उबाल कर ले सकते हैं या सुबह नीम के कुछ पत्ते चबा सकते हैं।

क्या मुझे मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए शराब के सेवन को कम करने की आवश्यकता है?

यह सच है कि अल्कोहल से मिलने वाली कैलोरी आपके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा देती है। वहीं, खाली पेट शराब पीने से आपका ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है। इसलिए यदि आप नियमित शराब का सेवन करते हैं तो पीने से पहले और बाद में अपना रक्त शर्करा परीक्षण ज़रूर करें। इससे उन्हें यह जानने में मदद मिलती है कि शराब उनके शरीर को कैसे प्रभावित कर रही है। पुरुषों को एक दिन में दो से अधिक ग्लास मादक पेय का सेवन नहीं करना चाहिए। महिलाओं को एक दिन में केवल एक ग्लास मादक पेय पीना चाहिए।

मेरी कार्बोहाइड्रेट मात्रा क्या होनी चाहिए?

मधुमेह वाले लोगों को अपनी आधी कैलोरी कार्बोहाइड्रेट से प्राप्त करनी चाहिए। यदि आप टाइप 2 मधुमेह के लिए 1800 कैलोरी वाले भारतीय आहार योजना पर हैं तो 800-900 कैलोरी आपके द्वारा खाए जाने वाले कार्ब्स से आनी चाहिए। यह आपको सामान्य रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने में मदद करेगा।

अगर मैं कार्बोहाइड्रेट और मिठाई का सेवन बंद कर दूं तो क्या मैं टाइप -2 मधुमेह से छुटकारा पा सकता हूं?

जब आप कार्ब्स या मिठाई खाना बंद कर देते हैं, तो आप अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं। हालाँकि, आप अपने मधुमेह से पूरी तरह छुटकारा नहीं पा सकते हैं। इसके अलावा, एक बार जब आप टाइप -1 या टाइप -2 मधुमेह विकसित कर लेते हैं, तो आपको जीवन भर इसके साथ रहना होगा। स्वस्थ जीवन जीने के लिए आपको अपने रक्त शर्करा के स्तर, कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप के स्तर को बनाए रखने की आवश्यकता है। एक स्वस्थ आहार योजना का पालन करें, अपनी जीवन शैली में सुधार करें और अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें।

Last Updated on by Dr. Damanjit Duggal 

Disclaimer

The information included at this site is for educational purposes only and is not intended to be a substitute for medical treatment by a healthcare professional. Because of unique individual needs, the reader should consult their physician to determine the appropriateness of the information for the reader’s situation.

Leave a Reply

X