शुगर में कितनी बार खाना खाना चाहिए? प्लानिंग से रखें ख्याल

Medically Reviewed By: Dt. SEEMA GOEL (Senior Dietitian, 25 Years of Experience) मार्च 13, 2024

आमतौर पर लोग दिन में तीन बार खाना खाते हैं, लेकिन डायबिटीज वालों के लिए खाने का समय थोड़ा अलग हो सकता है। डायबिटीज लाइफस्टाइल से ही जुड़ी बीमारी है, इसीलिए खान-पान का ध्यान रखना इसमें जरूरी है। इस ब्लॉग में हम यही जानेंगे कि शुगर में कितनी बार खाना खाना चाहिए, दिन में कितनी बार खाना फायदेमंद होता है, और किस तरह से खाने का समय तय कर के शुगर लेवल और सेहत को अच्छा रखा जा सकता है।

डायबिटीज में खाने का सही समय किसे कहते हैं?

डायबिटीज में खाने का सही समय किसे कहते हैं?

डायबिटीज को मैनेज करने में खाने का समय कितनी बार रखना चाहिए, ये कई चीजों पर निर्भर करता है, जैसे आपकी आदतें, आपकी लाइफस्टाइल, आप कौन सी दवाइयां ले रहे हैं, और आपका शरीर शुगर को कैसे इस्तेमाल करता है। भले ही हर किसी के लिए एक जैसा तरीका ना हो, फिर भी कुछ जरूरी बातें हैं जिन्हें ध्यान में रखना चाहिए:

समय की पाबंदी:

कोशिश करें कि आप हर दिन एक ही समय पर खाएं। इससे खून में शुगर का लेवल कंट्रोल रहता है और शरीर को भी फायदा होता है।

तीन बार पूरा खाना:

दिन में तीन बार संतुलित भोजन करें, जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट शामिल हों। ये भोजन शरीर को जरूरी पोषण और एनर्जी देते हैं, जिससे शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है।

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हेल्दी स्नैक्स:

लंबे समय तक भूखे रहने से बचने और शुगर लेवल को संतुलित रखने के लिए दिन में हेल्दी स्नैक्स लें। फलों, सब्जियों, मेवों, दही या ओट्स वाले बिस्कुट जैसे पौष्टिक स्नैक्स खाएं।

खाने और स्नैक्स का समय:

भोजन और स्नैक्स के बीच का समय बराबर रखें, कोशिश करें कि हर 3-4 घंटे में कुछ खाएं। इससे खून में शुगर का लेवल अचानक से ऊपर-नीचे नहीं होगा और शुगर को कंट्रोल करने में आसानी होगी।

शरीर की सुनें:

अपने शरीर के भूख के संकेतों को ध्यान दें। अगर भोजन के बीच में भूख लगती है, तो कोई बात नहीं, हेल्दी स्नैक खाकर भूख मिटा लें। इससे बाद में ज्यादा खाने से बचा जा सकता है।

क्वालिटी पर ध्यान दें:

खाने की मात्रा से ज्यादा उसकी गुणवत्ता पर ध्यान दें। ऐसी चीजें खाएं जिनमें पोषण, विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर हों। इससे आपकी सेहत अच्छी रहती है।

शुगर लेवल को मॉनिटर करें:

नियमित रूप से खाने से पहले और बाद में शुगर लेवल चेक करें। इससे पता चलता है कि खाने का समय और मात्रा आपके ब्लड शुगर लेवल को कैसे प्रभावित कर रही है। डॉक्टर की सलाह से और अपनी शुगर रीडिंग के हिसाब से अपने खाने के प्लान में बदलाव कर सकते हैं।

डॉक्टर से सलाह लें:

किसी डायटिशियन या डॉक्टर से मिलें। वो आपकी आदतों, पसंद और डायबिटीज को कंट्रोल करने के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आपके लिए एक खाने का प्लान बनाएंगे। वो आपको खाने के समय और मात्रा के बारे में सही जानकारी देने में मदद करेंगे। सबसे अच्छा खाने का समय वो होता है जिससे आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है, भूख कम लगती है और आपकी आदतों और पसंद को ध्यान में रखा जाता है। अपने खाने के समय और मात्रा में संतुलन बनाकर आप डायबिटीज को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं और अपनी सेहत अच्छी रख सकते हैं।

और पढ़े: शुगर में गन्ने का जूस पीना चाहिए या नहीं?

डायबिटीज में खाने का सही समय चुनते हुए क्या ध्यान रखें?

डायबिटीज में खाने का सही समय चुनते हुए क्या ध्यान रखें?

डायबिटीज में खाने का सही समय ऐसा होना चाहिए जिससे आपका शुगर लेवल कंट्रोल रहे, भूख कम लगे और आपकी आदतों और लाइफस्टाइल को भी सूट करे। भले ही हर किसी के लिए एक जैसा तरीका ना हो, फिर भी कुछ जरूरी बातें हैं जिन्हें ध्यान में रखना चाहिए:

शुगर लेवल को कंट्रोल रखना:

कोशिश करें कि आप हर दिन एक ही समय पर खाएं। इससे खून में शुगर का लेवल उतार-चढ़ाव नहीं करता। साथ ही, भोजन और स्नैक्स के बीच का समय भी बराबर रखें। इससे आप ज्यादा खाना खाने से बचते हैं और आपका शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है।

इंसुलिन की संवेदनशीलता:

कुछ रिसर्च बताते हैं कि दिन में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार खाना, शरीर को इंसुलिन का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करता है। इससे शुगर लेवल को भी फायदा होता है।

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भूख को कंट्रोल करना:

खाने का समय आपकी भूख को भी प्रभावित करता है। सही समय पर खाना और हेल्दी स्नैक्स लेना जरूरी है। इससे आप ज्यादा खाना खाने से बचते हैं और पेट भरा हुआ महसूस करते हैं।

आपकी आदतें और लाइफस्टाइल:

कुछ लोगों को दिन में तीन बार खाना पसंद होता है, वहीं कुछ को दिन में कई बार कम मात्रा में खाना पसंद होता है। आपकी आदतों और लाइफस्टाइल के हिसाब से ही खाने का समय तय करें।

पोषण वाली डाइट:

आप चाहे दिन में कितनी बार भी खाएं, इस बात का ध्यान रखें कि हर भोजन और स्नैक में पोषण (प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, विटामिन, मिनरल्स) की मात्रा पूरी हो। डिब्बाबंद या ज्यादा मीठी चीजें खाने से बचें।

डॉक्टर से सलाह लें:

किसी डायटिशियन या डॉक्टर से मिलें। वो आपकी आदतों, पसंद और डायबिटीज को कंट्रोल करने के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आपके लिए एक खाने का प्लान बनाएंगे। याद रखें, सबसे अच्छा खाने का समय वो होता है जिससे आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है, भूख कम लगती है और आपकी आदतों और पसंद को ध्यान में रखा जाता है। अपने खाने के समय और मात्रा में संतुलन बनाकर आप डायबिटीज को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं और अपनी सेहत अच्छी रख सकते हैं।

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डायबिटीज में डाइट प्लान करते हुए किन बातों का ध्यान रखें?

डायबिटीज में डाइट प्लान करते हुए किन बातों का ध्यान रखें?

डायबिटीज को मैनेज करने के लिए खाने का प्लान बनाना बहुत जरूरी है। इससे आपका शुगर लेवल कंट्रोल रहता है, भूख कम लगती है और सेहत भी अच्छी रहती है। आइए जानते हैं डायबिटीज में खाना खाने का प्लान कैसे बनाएं:

कार्बोहाइड्रेट बैलेंस:

जटिल कार्बोहाइड्रेट खाएं जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जैसे साबुत अनाज, दालें, सब्जियां और फल। ये चीजें धीरे-धीरे पचती हैं और खून में शुगर का लेवल अचानक नहीं बढ़ातीं। हर भोजन में अलग-अलग तरह के कार्बोहाइड्रेट शामिल करें ताकि शरीर को लगातार एनर्जी मिलती रहे और शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहे।

कम फैट वाला प्रोटीन:

मुर्गा, मछली, टोफू, बीन्स, मसूर और कम फैट वाला दूध जैसी चीजें खाएं। प्रोटीन खून में शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है, पेट भरा रखता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

फाइबर वाले आहार:

फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे और बीजों में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। इन्हें खाने में जरूर शामिल करें। फाइबर शरीर को कार्बोहाइड्रेट को धीरे-धीरे सोखने में मदद करता है, जिससे शुगर लेवल कंट्रोल रहता है और पाचन क्रिया भी अच्छी रहती है।

सैचुरेटेड और ट्रांस फैट कम खाएं:

तले हुए खाने, पैकेटबंद स्नैक्स और फैटी मीट के बजाय जैतून का तेल, एवोकाडो, मेवे, बीज और फैटी फिश जैसी हेल्दी फैट वाली चीजें खाएं। इससे दिल की बीमारी का खतरा कम होता है, जो डायबिटीज वालों में आम समस्या है।

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खाने की मात्रा का ध्यान रखें:

इतना ही खाएं जितना आपके शरीर के लिए जरूरी है। ज्यादा खाने से खून में शुगर का लेवल बढ़ सकता है। आप कप या प्लेट की मदद से अंदाजा लगा सकते हैं कि कितना खाना चाहिए।

समय पर खाएं:

कोशिश करें कि आप हर दिन एक ही समय पर खाएं। इससे खून में शुगर का लेवल कंट्रोल में रहता है और भूख भी कम लगती है। भोजन और स्नैक्स के बीच का समय भी बराबर रखें और कभी भी खाना ना छोड़ें। खाना छोड़ने से शुगर लेवल बिगड़ सकता है।

पहले से प्लान बनाएं:

हफ्ते भर में क्या खाएंगे, इसका पहले से प्लान बना लें। इस हिसाब से ही सामान की लिस्ट बनाएं। इससे खाना बनाने में आसानी होगी और आप हेल्दी चीजें ही चुनेंगे।

हेल्दी स्नैक्स रखें:

भूख लगने पर खाने के लिए हमेशा हेल्दी स्नैक्स अपने पास रखें। कच्ची सब्जियां और ह्यूमस, ग्रीक योगर्ट और बेरीज, मेवे और बीज या ओट्स के बिस्कुट के साथ चीज जैसे स्नैक्स रख सकते हैं।

पानी पीते रहें:

पूरे दिन भर में पानी पीते रहें। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है। मीठी चीजें जैसे कोल्ड ड्रिंक्स, फ्रूट जूस, और मीठी चाय या कॉफी कम पिएं। इनसे खून में शुगर का लेवल अचानक बढ़ सकता है।

अपना शुगर लेवल चेक करते रहें:

खाने से पहले और बाद में अपना शुगर लेवल जरूर चेक करें। इससे पता चलता है कि आपका खाने का प्लान आपके शुगर को कंट्रोल करने में कितना कारगर है। डॉक्टर की सलाह और अपनी शुगर रीडिंग के हिसाब से अपने खाने के प्लान में बदलाव कर सकते हैं। इन सब टिप्स को अपनाकर आप अपने डायबिटीज को मैनेज कर सकते हैं, सेहत अच्छी रख सकते हैं और स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना खा सकते हैं जो आपके डायबिटीज को कंट्रोल में रखने में मदद करेगा।

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डायबिटीज में खाने के समय का ध्यान ना रखने के नुकसान

डायबिटीज में खाने के समय का ध्यान ना रखने के नुकसान 

डायबिटीज में खाने का समय तय ना करना, आपके शुगर लेवल और सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। आइए जानते हैं ऐसा क्यों-

शुगर लेवल का ऊपर-नीचे होना (Blood Sugar Fluctuations):

अगर आप ठीक से खाना नहीं खाते या खाना छोड़ देते हैं, तो आपके खून में शुगर का लेवल अचानक ऊपर-नीचे हो सकता है। ज्यादा देर भूखे रहने के बाद अगर आप एक साथ ज्यादा खा लेते हैं, तो इससे भी शुगर लेवल बढ़ सकता है। इससे शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना मुश्किल हो जाता है।

शुगर बहुत ज्यादा बढ़ जाना (Increased Risk of Hyperglycemia):

अगर आप खाना छोड़ देते हैं या बहुत देर तक कुछ नहीं खाते हैं, तो आपके खून में शुगर बहुत ज्यादा बढ़ सकता है (हाइपरग्लाइसीमिया)। शरीर को एनर्जी देने के लिए अगर आप नियमित रूप से कार्बोहाइड्रेट नहीं लेते हैं, तो शुगर लेवल बढ़ सकता है। इससे ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान और आंखों के सामने धुंधलापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

शुगर बहुत कम हो जाना (Hypoglycemia Risk):

खाना ना खाने से शुगर बहुत कम भी हो सकता है (हाइपोग्लाइसीमिया), खासकर उन लोगों में जो डायबिटीज की दवाइयां जैसे इंसुलिन या सल्फोनील्यूरिया (sulfonylureas) लेते हैं। खाना छोड़ने या देर से खाना खाने से शरीर को जरूरी कार्बोहाइड्रेट नहीं मिल पाते हैं, जिससे शुगर लेवल बहुत कम हो सकता है। इससे हाथ-पांव कांपना, पसीना आना, चक्कर आना, घबराहट और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

भूख का सही पता ना चलना (Impaired Appetite Regulation):

अगर आप खाने का समय तय नहीं करते हैं, तो आपकी भूख कब लगेगी, इसका सही पता नहीं चलता। इससे कभी भी बहुत ज्यादा भूख लग सकती है और आप गलत चीजें खा सकते हैं। ऐसा खाने से शुगर लेवल भी बिगड़ सकता है और डायबिटीज मैनेजमेंट मुश्किल हो जाता है।

वजन का बढ़ना (Impact on Weight Management):

अगर आप खाना नहीं खाते या बहुत ज्यादा भूख लगने पर ज्यादा खा लेते हैं, तो आपका वजन बढ़ सकता है। डायबिटीज को मैनेज करने के लिए वजन को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है।

एनर्जी की कमी (Reduced Energy Levels):

अगर आप कम खाते हैं या ठीक से नहीं खाते हैं, तो आप थका हुआ महसूस कर सकते हैं और आपके पास कोई एनर्जी नहीं होगी। अगर आप पोषणयुक्त आहार नहीं लेते हैं, तो दिनभर में एनर्जी लेवल ऊपर-नीचे होता रहता है। इससे आपका काम करने में दिक्कत हो सकती है और आपकी overall सेहत भी खराब हो सकती है।

डायबिटीज का मैनेजमेंट खराब (Compromised Diabetes Management):

अगर आप खाने का समय तय नहीं करते हैं, तो आपका शुगर लेवल कंट्रोल नहीं होगा और डायबिटीज को मैनेज करना मुश्किल हो जाएगा। डायबिटीज को मैनेज करने के लिए हर दिन, एक ही समय पर खाना बहुत जरूरी है। इसलिए डायबिटीज में खाने का समय तय करना बहुत जरूरी है। इससे आपका शुगर लेवल कंट्रोल रहता है, वजन कंट्रोल में रहता है और आपकी सेहत अच्छी रहती है। अपने डॉक्टर या डाइटिशियन से बात करें, वो आपको आपके लिए खाने का सही प्लान बनाएंगे।

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निष्कर्ष

शुगर में कितनी बार खाना खाना चाहिए, इसका सीधा असर आपके शुगर लेवल, इंसुलिन की संवेदनशीलता, भूख और सेहत पर पड़ता है। हालांकि, हर किसी के लिए एक जैसा खाने का समय नहीं होता। आप अपने शरीर के हिसाब से और डॉक्टर की सलाह से खाने का प्लान बना सकते हैं। इससे आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा और आप अच्छा महसूस करेंगे। कुछ लोगों को दिन में तीन बार खाना पसंद होता है, वहीं कुछ को दिन में कम मात्रा में कई बार खाना पसंद होता है। आप कैसा खाते हैं, ये आप खुद तय कर सकते हैं। जरूरी ये है कि आप ऐसी चीजें खाएं जो आपकी सेहत के लिए अच्छी हों और आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहे। डॉक्टर से बात करके अपने लिए खाने का सही प्लान बनाएं। इससे आपका डायबिटीज कंट्रोल में रहेगा और आप पहले से ज्यादा स्वस्थ महसूस करेंगे।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डायबिटीज में मील प्लान करना क्यों जरूरी है? 

डायबिटीज को मैनेज करने के लिए खाने का प्लान बनाना बहुत जरूरी है। ये ऐसे हैं जैसे गाड़ी चलाते समय नक्शा (map) होना – इससे आप जानते हैं कि क्या खाना चाहिए और कब खाना चाहिए। खाने का प्लान बनाने के कई फायदे हैं, जैसे- सही चीजें खाने से आपका शुगर लेवल सही रहता है। खाने का प्लान आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है और बार-बार भूख नहीं लगती। खाने का प्लान आपकी भूख को कंट्रोल करने में मदद करता है। इससे आप कम खाते हैं और वजन भी कंट्रोल में रहता है। कुल मिलाकर, खाने का प्लान बनाने से आपकी सेहत अच्छी रहती है और डायबिटीज को मैनेज करने में आसानी होती है।

डायबिटीज फ्रेंडली खाने का प्लान कैसा होना चाहिए? 

डायबिटीज वालों के लिए खाने का प्लान बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें:
कौन सी चीजें खानी चाहिए: ऐसी चीजें खाने की कोशिश करें जिनमें सेहतमंद चीजें ज्यादा हों। इसमें साबुत अनाज, दालें, सब्जियां, फल और थोड़ा फैट वाला मांस शामिल हैं।
कितना खाना चाहिए: एक बार में बहुत ज्यादा ना खाएं। थोड़ा-थोड़ा करके खाना ज्यादा अच्छा होता है।
ये दो चीजें आपके शुगर लेवल को कंट्रोल करने में काफी मदद करेंगी।

डायबिटीज में बाहर खाते वक्त या पार्टी में क्या करें? 

डायबिटीज है, तो भी आप बाहर घूमने जा सकते हैं और पार्टी का मजा ले सकते हैं। बस थोड़ी सी सावधानी रखनी होगी।
पहले से प्लान बना लें: जहां जा रहे हैं, वहां का मेन्यू पहले से देख लें। इससे आप जान पाएंगे कि वहां पर आप क्या खा सकते हैं।
कम कार्ब वाली चीजें चुनें : ज्यादा कार्ब वाली चीजें खाने से बचें। सब्जियां, सलाद, या ग्रिल्ड मछली जैसी चीजें खा सकते हैं।
थोड़ा-थोड़ा खाएं : एक बार में बहुत ज्यादा ना खाएं। थाली या प्लेट छोटी रखें ताकि आप कम खाएं।
अपनी जरूरतों के बारे में बताएं: रेस्टोरेंट के वेटर या पार्टी के होस्ट को बताएं कि आपको डायबिटीज है और आप क्या खा सकते हैं। वो आपकी मदद कर सकते हैं।

शुगर में कितनी बार खाना खाना चाहिए?

डायबिटीज में आप कितनी बार खाते हैं, ये हर किसी के लिए अलग हो सकता है। ये आपकी जरूरतों, पसंद और दवाओं पर निर्भर करता है।
कुछ लोगों को दिन में 3 बार खाना पसंद होता है, वहीं कुछ को दिन में कम मात्रा में कई बार खाना पसंद होता है।
आम तौर पर दिन में 3 बार खाना और बीच-बीच में हेल्दी स्नैक्स लेना अच्छा रहता है।
सबसे जरूरी है कि आप पूरे दिन में लगातार खाते रहें। इससे आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा और आप ज्यादा भूखे भी नहीं रहेंगे।
अपने डॉक्टर से बात करें। वो आपकी जांच करके बताएंगे कि आपको दिन में कितनी बार खाना चाहिए।

खाने के प्लान में थोड़ा बदलाव कैसे करें? 

डायबिटीज का मतलब ये नहीं है कि आप कभी अपनी पसंद की चीजें नहीं खा सकते। आप अपने खाने के प्लान में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं। कभी-कभी आप अपनी पसंद की कोई चीज मीठा खा सकते हैं, लेकिन ज्यादातर समय आपको हेल्दी खाना ही खाना चाहिए। कुल मिलाकर, नियमित रूप से हेल्दी चीजें खाने की कोशिश करें, लेकिन बीच-बीच में अपनी पसंद की कोई चीज खाने में भी कोई बुराई नहीं है।

क्या मुझे खाने में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा गिननी चाहिए? 

कुछ लोगों को, खासकर उन्हें जो इंसुलिन लेते हैं, को खाने में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा गिनने की जरूरत हो सकती है। इससे उनको अपना शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद मिलती है। अपने डॉक्टर से बात करें वो बताएंगे कि आपको कार्बोहाइड्रेट गिनने की जरूरत है या नहीं।

Last Updated on by Dr. Damanjit Duggal 

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