मधुमेह के लिए मधुनाशिनी वटी: उपयोग, लाभ, खुराक और दुष्प्रभाव | Madhunashini Vati in Hindi

बिना किसी संदेह के, मधुमेह सबसे पुरानी बीमारियों  में से एक है। और ये बिमारी दुनिया भर में बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। साथ ही दुनिया भर के चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है। निष्क्रिय जीवनशैली और खराब खान-पान के कारण युवाओं में मधुमेह बढ़ रहा है। मधुनाशिनी वटी के दुष्प्रभावों, खुराक और संरचना के बारे में जानने के लिए इस ब्लॉग को पढ़ें।

Madhunashini vati for diabetes in Hindi |मधुनाशिनी वटी

मधुमेह (Diabetes) एक मेटाबोलिक  डिसऑर्डर (metabolic disorder)  है जिसमे खून मे मौजूद ग्लूकोस (glucose) या शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है | हमारे शरीर मे मौजूद इन्सुलिन (insulin)  ब्लड ग्लूकोस (blood glucose) को शरीर के कोशिकायों को तक पहुँचता है जिससे शरीर मे ऊर्जा पैदा होती है I इन्सुलिन की कमी या इन्सुलिन रेजिस्टेंस के कारण ब्लड ग्लूकोस की मात्रा अधिक हो जाती है | अतः शरीर में इंसुलिन (insulin) का अपर्याप्त या उत्पादन नहीं होने के कारण व्यक्ति को मधुमेह( diabetes) हो जाता है। यदि ईस बीमारी को  अनियंत्रित छोड़ दिया जाता है, तो उच्च रक्त शर्करा का स्तर महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। ये अग्न्याशय, हृदय, गुर्दे, आंखें आदि को बहुत तेज़ी से नुक्सान पोहचता हैं।

आम तौर पर इसका इलाज एलॉपथी के ज़रिये किया जाता है | मगर कई लोगो को एलोपैथिक दवाइयों से परेशानिया होती है इसी कारण वह प्रकृर्तिक इलाज की तरफ जाते है जैसे की आयुर्वेदा | यदि किसी व्यक्ति को सीमा रेखा मधुमेह है या मरीज़ प्राकृतिक तरीके का विकल्प चुनते हैं, तो आयुर्वेद एक अच्छा बचाव है। आयुर्वेद जड़ी-बूटियों, मसालों और खाने के विकल्पों का खजाना लेकर आता है। यह विज्ञान लगभग सभी चिकित्सीय स्थितियों के लिए उपचार प्रदान करता है। और जड़ी-बूटियों का एक ऐसा अविश्वसनीय मिश्रण जो मधुमेह के लिए आयुर्वेद से पूर्ण रूप से तैयार किया हुआ  है, वह है मधुनाशिनी वटी।

आज आयुर्वेदिक सप्लीमेंट्स की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ मरीज़ ग्लूकोज़ के स्तर को कम कर सकता है !

Table of Contents

मधुनाशिनी क्या है? | Madhunashini Vati in Hindi

इसे “मधुमेह के लिए चमत्कारी उपाय” के रूप में जाना जाता है। मधुनाशिनी वटी मधुमेह के इलाज और प्रबंधन के लिए एक आयुर्वेदिक स्वामित्व वाली दवा है। यह शरीर को कई तंत्रों के माध्यम से रक्त शर्करा या ग्लूकोस के स्तर पर बेहतर पकड़ हासिल करने में मदद करता है। इसके अलावा, मधुनाशिनी (Madhunashini) मधुमेह (Diabetes) की जटिलताओं को रोकने में अत्यधिक प्रभावी है। वे नसों और रक्त वाहिकाओं पर उच्च रक्त शर्करा के स्तर के प्रभाव के कारण होते हैं। डॉक्टर की सलाह पर इस दवा का नियमित सेवन करने से निम्नलिखित लाभ है:

  • मधुमेह रोगी (Diabetes Patients)  के स्वास्थ्य में सुधार करता है।
  • नसों, हृदय, आंखों, रक्त वाहिकाओं और गुर्दे की रक्षा करता है।
  • शरीर के अंगों को लंबे और स्वस्थ जीवन का आनंद लेने में मदद करता है।
  • अंगों को उनके कार्यों को बेहतर ढंग से निष्पादित करने में सहायता करके उनकी दक्षता में सुधार करता है।

मधुनाशिनी वटी मे मौजूद सामग्री | Ingredients of Madhunashini Vati in Hindi

जलीय अर्क (Aqueous Extracts)

  • 21 भाग अश्वगंधा – विथानिया सोम्निफेरा (Ashwagandha – Withania Somnifera)
  • 15 भाग बरगद या वट जट्टा (भारतीय बरगद) – फिकस बेंघालेंसिस Bargad or Vat Jatta (Indian banyan) – Ficus benghalensis
  • 15 भाग अमलाकी (आंवला) – Emblica officinalis Amalaki (Amla) – Emblica officinalis
  • 21 भाग चिरयता – स्वेरटिया चिरता Chirayata – Swertia chirata
  • 15 भाग सपरंगी – सलासिया चिनेंसिस Saparangi – Salacia chinensis
  • 15 भाग गोक्षुरा – ट्रिबुलस टेरेस्ट्रिस Gokshura – Tribulus terrestris
  • 21 भाग गुरमार – जिमनेमा सिल्वेस्ट्रे Gurmar – Gymnema sylvestre
  • 15 भाग गिलोय या गुडुची (भारतीय तिनोस्पोरा) – टीनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया Giloy or Guduchi (Indian Tinospora) – Tinospora cordifolia
  • 15 भाग बिभीतकी (बहेरा) – टर्मिनालिया बेलिरिका Bibhitaki (Bahera) – Terminalia  bellirica
  • 26 भाग नीम – आज़ादीराछा इंडिका Neem – Azadirachta indica
  • 15 भाग बिल्वा (बेल) – एगल मार्मेलोस Bilva (Bael) – Aegle marmelos
  • 35 भाग कुटजा – होलारहेना एंटीडिसेंटरिका Kutaja – Holarrhena antidysenterica
  • 15 भाग हरीतकी (हरार) छोटी – टर्मिनलिया चेबुला Haritaki (Harar) Chhoti – Terminalia chebula
  • 15 भाग कचूर (ज़ेडोअरी) – करकुमा ज़ेडोरिया Kachur (zedoary) – Curcuma zedoaria

जड़ी बूटियों का पाउडर (Powdered Herbs)

  • 50 भाग शुद्ध शिलाजीत – अशफाल्टू Shuddha Shilajit – Ashphaltum
  • 42 भाग जामुन (जावा प्लम) – Syzygium cumini
  • 21 भाग वसाका – अधातोदा वासिका Vasaka – Adhatoda vasica
  • 42 भाग कुटकी – पिक्रोरिज़ा कुरोआ Kutki – Picrorhiza kurroa
  • 21 भाग बाबुल (कीकर) – बबूल अरेबिका Babul (Kikar) – Acacia arabica
  • 21 भाग काली जीरी (कालिजिरी) – सेंट्राथेरम एंटेलमिंटिकम Kali Jeeri (Kalijiri) – Centratherum anthelminticum
  • 16 भाग हल्दी (हल्दी) – करकुमा लोंगा Haldi (Turmeric) – Curcuma longa
  • 21 भाग मेथी (मेथी) – Trigonella foenum-graecum
  • 7 भाग शुद्ध कुछला – स्ट्रीचनोस नक्स-वोमिका Shuddha Kuchla – Strychnos nux-vomica

कुछ और मिलाया जाने वाले एक्सीसिएंट्स (Added Excipients)

  • गोंद बबूल (Gum Acacia)
  • तालक (Talcum)
  • एरोसिल (Aerosil)
  • मैग्नीशियम स्टीयरेट (Magnesium Stearate)
  • एम.सी.सी. (M.C.C.)

तरीका (Method)

  • अशुद्धियों से छुटकारा पाने के लिए पौधे के सभी भागों को धो लें।
  • उन्हें सीधे धूप में पूरी तरह से सुखा लें। नमी नहीं होनी चाहिए।
  • पौधे के हिस्सों को ग्राइंडर में तब तक पिसे जब तक वह पाउडर न हो जाए।
  • सभी जलीय घटकों को एक साथ मिलाएं। इसमें सभी पिसी हुई जड़ी-बूटियां मिलाएं।
  • एक के बाद एक एक्सीसिएंट्स (excipients) डालें।
  • एक बार फिर, इस अर्ध-ठोस मोटे मिश्रण को सीधी धूप में सुखा लें। यह नमी के कणों को हटाता है और ख़स्ता हो जाता है।
  • हथेली का प्रयोग कर पाउडर का उपयोग करके छोटे गोलाकार गोले या वटियां बना लें।
  • इन्हे कांच के डिब्बे में भर कर रख लीजिये. भविष्य में उपयोग के लिए वटियों को ठंडी, सूखी जगह पर रखें।

मधुनाशिनी वटी के स्वास्थ्य लाभ | Health Benefits of Madhunashini Vati in Hindi

मधुमेह को नियंत्रित करता है।

डायबिटीज (Diabetes) को आयुर्वेद में मधुमेह के नाम से जाना जाता है। लाभकारी जड़ी बूटियों की उपस्थिति के कारण, मधुनाशिनी (Madhunashini) मधुमेह के लिए एक बहुत ही अच्छी दवा है। यह अपनी दवा की निम्नलिखित गुणवत्ता के कारण मरीज़ की तबियत में सुधार करता है:

  • तिकता (कड़वा) संपत्ति Tikta (bitter) property
  • कषाय (कसैले) संपत्ति Kashaya (astringent) property
  • कफ-पित्त दोषों Kapha-Pitta balancing doshas को संतुलित करता है।

वटी की असाधारण एंटी-ग्लाइसेमिक (anti-glycemic) प्रकृति शरीर के रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह हर्बल दवा अग्न्याशय (pancreas) को सही रखने मे मदद करता है और, बदले में, इंसुलिन (insulin) की संतुलित मात्रा के स्राव को उत्तेजित करती  है। इसके अलावा, यह कार्ब्स के चयापचय (metabolism of carbs) को नियंत्रित करता है। यह क्रिया रक्त में परिसंचारी अतिरिक्त ग्लूकोज को ग्लाइकोजन (glycogen) में बदलने में आसानी से सहायता करती है। यह रक्त शर्करा के स्तर में अचानक स्पाइक्स (spikes) को रोकता है। यह मधुमेह रोगियों के लिए एक शुद्ध आयुर्वेदिक उपाय है। यह सूत्रीकरण रक्त शर्करा के स्तर पर प्राकृतिक नियंत्रण रखती  है।

वजन घटाने में मदद करती है।

इसमें भरपूर मात्रा में एल्कलॉइड और फ्लेवोनॉयड्स (alkaloids and flavonoids) होते हैं। वे शरीर के अधिक वजन को  तेजी से कम करने में मदद करते हैं। शरीर से एएमए दोषों (AMA doshas ) को कम करने की अपनी शक्ति के कारण, मधुनाशिनी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है:

  • शरीर से अवांछित विषाक्त पदार्थों को निकालना।
  • भूख को सही से मिटाती है ।
  • रोगी  को अधिक खाने से रोकती है।

इस प्रकार, इसे हर सुबह खाली पेट लेना वजन घटाने की दिनचर्या में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सूत्रीकरण शरीर में एलडीएल के संचय को भी कम करता है। इस प्रकार, चयापचय में सुधार होता है और शरीर को उचित वजन बनाए रखने में मदद मिलती है।

शुगर क्रेविंग को कम करता है | (Reduce Sugar Cravings)

आजकल की निष्क्रिय जीवनशैली में सबसे अधिक परेशान करने वाली आदतों में से एक है चीनी और शर्करा युक्त उत्पादों के प्रति लोगों का लगाव। इसके कारण वज़न भी बढ़ता है | इस दवा के सेवन से व्यक्ति की मीठे खाद्य पदार्थों का स्वाद लेने की क्षमता में कमी देखी जाती है। यह तब होता है जब हर्बल दवा का उचित खुराक में सेवन किया जाता है। यह कुशलतापूर्वक चीनी की लालसा और मीठा खाने की चाह को रोकती है | इस प्रकार, एक व्यक्ति को एक स्वस्थ जीवन शैली प्राप्त करने में मदद करती  है।

तनाव और चिंता को कम करने मे मदद करना | (Manages Stress And Anxiety)

तनाव अक्सर मौजूदा मधुमेह की स्थिति को खराब कर सकता है। यह हार्मोन के उत्पादन में वृधि से होता है। यह बदले में रक्त शर्करा के स्तर में वृधि  का परिणाम है। इस टैबलेट में प्राकृतिक तनाव कम करने (stress-boosting properties) वाले गुण हैं। इस प्रकार, तनावपूर्ण स्थितियों के उपचार और प्रबंधन में मधुनाशिनी वटी का अत्यधिक महत्व है। मधुनाशिनी मस्तिष्क के विषाक्त पदार्थों को साफ करती है और स्मृति, एकाग्रता जैसी संज्ञानात्मक क्षमताओं में सुधार करती है। यह शरीर में वात और पित्त दोष (vata and pitta doshas) को भी सामान्य करती  है। और, सेरोटोनिन हार्मोन को नियंत्रित करता है और चिंता के विभिन्न लक्षणों को कम करता है। इनमें बेचैनी,  ठंडे हाथ और पैर आदि शामिल हो सकते हैं। साथ ही, यह सिरदर्द के कारण होने वाले दर्द को कम करने में फायदेमंद है।

मधुमेह संबंधी रेटिनोपैथी को कम करता है। (Subsides Diabetic Retinopathy)

डायबिटिक रेटिनोपैथी (Diabeteic Retinopathy) एक क्रॉनिक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर (chronic metabolic disorder) है। इसमें ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। और, वे रेटिना (retina) के भीतर छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। फिर, वे या तो सूज जाते हैं और द्रव का रिसाव करते हैं या नई रक्त वाहिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देते हैं। किसी भी मामले में, यह दृश्य धारणा में बाधा डालता है। इस हर्बल वटी में अविश्वसनीय जड़ी-बूटियाँ:

  • रेटिना में तंत्रिका कोशिकाओं की रक्षा करता है।
  • रक्त वाहिकाओं को मजबूत करता है।
  • रक्त परिसंचरण का समर्थन करता है।
  • नई रक्त वाहिकाओं के निर्माण को रोकता है।
  • मधुमेह संबंधी रेटिनोपैथी की संभावनाओं को कम करता है।

पाचन को बढ़ावा देता है।

मधुनाशिनी वटी को एक असाधारण पाचन शंखनाद के रूप में जाना जाता है। इसमें भूख बढ़ाने वाला गुण होता है। यह आहार नाल (alimentary canal) में गैस के निर्माण को कम करता है। नतीजतन, यह पेट फूलना, सूजन और पेट की परेशानियों को रोकता है। नियमित रूप से इस फॉर्मूलेशन का सेवन:

  • अपच को कम करता है।
  • भूख बढ़ाता है।
  • शरीर में पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण को बढ़ावा देता है।
  • आंतों के संक्रमण को रोकने में भी मदद करता है।

तंत्रिका कार्यों में सुधार करता है।

मधुनाशिनी वटी मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बढ़ाने का एक प्राचीन और पारंपरिक उपाय है। यह उच्च रक्त शर्करा के स्तर में संशोधन करके ऐसा करता है। इसमे मौजूद एंटीऑक्सीडेंट के कारण निम्नलिखित सुधार देखा जा सकता है जैसे:

  • स्मृति क्षमता memory capacity
  • फोकस (focus)
  • एकाग्रता (concentration)
  • शांति (calmness)
  • रोगी की सतर्कता।

इस हर्बल टैबलेट को लेने वाले व्यक्तियों मे निम्नलिखित क्षमताओ मे सुधार देखा जा सकता है जैसे:

  • बेहतर स्मृति (improved memory)
  • तर्क (reasoning)
  • समस्या का समाधान (problem-solving)
  • अन्य संज्ञानात्मक क्षमताएं बढ़ाता है (other cognitive abilities).

इसके अलावा यह दवा निम्नलिखित मे मदद करती है:

  • न्यूरो-डीजेनेरेटिव विकारों (neuro-degenerative disorders) का इलाज करता है।
  • हाथ और पैर की सुन्नता का इलाज करता है।
  • समग्र कामकाज को बढ़ाने के लिए तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है।

यह भी पढ़ें: डायबिटीज (शुगर) के मरीजों को तरबूज खाना चाहिए या नहीं?

उम्र बढ़ने की प्रक्रिया (Slows Ageing Process) को धीमा करता है।

मधुनाशिनी वटी बनाने के लिए कई जड़ी-बूटियों की पुनर्योजी क्रिया इसे एक प्रभावी रसायनी द्रव्य बनाती है। यह उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है। और यह निम्लिखित चीजों को ठीख करने में भी मदद करता है:

  • ऊतकों की मरम्मत और पुनर्जनन  (tissue repair and regeneration) में मदद करता है।
  • शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि (potent antioxidant activity) में मदद करता है।
  • सेलुलर क्षति (cellular damage) से बचाता है।
  • जिगर, हृदय, फेफड़े या त्वचा के ऊतकों में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को कम करता है।

रक्त शुद्ध (Purifies Blood) करता है।

इसमें महान विषहरण गुण (detoxifying properties) होते हैं। मधुनाशिनी रक्त को शुद्ध करने में अत्यंत लाभकारी है। यह रक्त को साफ करता है और रक्त परिसंचरण में सुधार करता है। इसके अलावा, यह रक्तप्रवाह और शरीर के विभिन्न अंगों से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है।

संक्रमण के खिलाफ ढाल (Shields Against Infections)

इसमें विभिन्न जैव रासायनिक यौगिक (biochemical compounds) होते हैं। मधुनाशिनी का उपयोग कीटाणुओं से लड़ने और शरीर को संक्रमण से बचाने के लिए किया जाता है। इसमें शक्तिशाली एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण (anti-viral, anti-bacterial, and antifungal properties) होते हैं। मधुनाशिनी शरीर से बैक्टीरिया या कीटाणुओं को दूर करती है। इसके अलावा, यह घावों का इलाज और उपचार करता है। जैव सक्रिय घटक सामान्य दुर्बलता, कमजोरी और थकान को कम करने में भी मदद करते हैं। और, शरीर की जीवन शक्ति में सुधार करता है।

 घाव और अल्सर (Treats Wounds And Ulcers) का इलाज करता है।

मधुनाशिनी वटी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुण (anti-inflammatory and pain-relieving properties) भी होते हैं। मधुनाशिनी विभिन्न प्रकार के अल्सर के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इनमें अल्सरेटिव कोलाइटिस, पेप्टिक अल्सर, नासूर घाव या मुंह के छाले आदि शामिल हैं। इसमें विभिन्न बायोएक्टिव यौगिक (bioactive compounds) होते हैं। जोकि निम्नलिखित में काम आते है:

  • ऊतक पुनर्जनन को बढ़ावा देना। (promote tissue regeneration)
  • घाव भरने का समर्थन करता है। (supports wound healing)
  • निशान ऊतक का इलाज करता है। (treats the scar tissue)

 मधुनाशिनी मूत्र विकारों (Relieves Urinary Disorders) से छुटकारा दिलाता है।

मधुनाशिनी वटी अंतर्निहित मूत्र विकारों (underlying urinary disorders) के इलाज के लिए भी फायदेमंद है। ये मूत्र असंयम, दर्दनाक पेशाब और पेशाब करते समय जलन महसूस होने का इलाज करने में भी बहुत ज़रूरी दवा है। जब दवा को गाय के दूध के साथ लिया जाता है, तो यह:

  • दर्द और जलन को कम करता है।
  • उचित पेशाब करने में रोगी की मदद करता है।
  • हल्का मूत्रवर्धक (mild diuretic) होने के कारण यह डिसुरिया (dysuria) को भी नियंत्रित करता है। एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-बैक्टीरियल (anti-microbial and anti-bacterial properties) गुणों की वजह से यह मूत्र संक्रमण से बचाती है।

 रक्तचाप (Blood pressure) को ठीक रखता  है। (Manages Blood Pressure)

मधुनाशिनी वटी एक प्राकृतिक उच्चरक्तचापरोधी एजेंट (natural antihypertensive agent) के रूप में कार्य करती है। यह रक्तचाप के स्तर (blood pressure levels ) को सामान्य करता है और उन्हें नियंत्रण में रखता है। यह उच्च रक्तचाप और हाइपोटेंशन (blood pressure and hypotension conditions) दोनों स्थितियों में महत्वपूर्ण है। मधुनाशिनी:

  • हृदय के कार्यों में सुधार करता है।
  • कार्डियोवैस्कुलर सहनशक्ति (cardiovascular endurance) को बढ़ाता है।
  • रक्तचाप को स्थिर स्तर पर लाता है।
  • संतुलित रीडिंग बनाए रखता है।

मधुनाशिनी वटी की खुराक। Dosage of Madhunashini Vati in Hindi

मधुनाशिनी वटी की प्रभावी चिकित्सीय खुराक अलग-अलग व्यक्तियों में भिन्न हो सकती है। यह  व्यक्ति  की हालत पर निर्भर करता है:

  • उम्र
  • शरीर की ताकत
  • भूख पर प्रभाव
  • गंभीरता
  • रोगी की स्थिति

आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श बहुत ज्यादा जरूरी है। वह रोगी के संकेतों, पिछली चिकित्सा स्थितियों का आकलन करेगा। और, फिर एक विशिष्ट अवधि के लिए एक प्रभावी खुराक का सुझाव देगा । वयस्कों में, खुराक दिन में दो बार 1 या 2 गोलियां हो सकती है। इस वटी को नाश्ते और रात के खाने से एक घंटा पहले पानी या गुनगुने दूध के साथ लें।

मधुनाशिनी वटी के दुष्प्रभाव (Madhunashini Vati Side-effects)

मधुनाशिनी वटी को सेवन के लिए सुरक्षित माना गया है। यह अनगिनत स्वास्थ्य स्थितियों के इलाज में बेहद फायदेमंद बताया गया है। फिर भी इसे निर्धारित मात्रा में ही लेना आवश्यक है। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति पहले से ही मधुमेह के लिए सिंथेटिक दवाओं (synthetic medicines)  का सेवन कर रहा है, तो उसे मधुनाशिनी के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

यह रक्त शर्करा में अचानक गिरावट से बच सकता है। यह जीवन के लिए खतरा बन सकता है। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं पर इस दवा के प्रभाव का कोई उचित अध्ययन नहीं है। डॉक्टर की अनुमति के बिना इस दवा से दूर रहने की सलाह दी जाती है। क्योंकि दोनों  दवाई के सेवन से ब्लड शुगर अचानक गिर सकता है और हालत बिगड़ सकती है| यह जीवन के लिए खतरा बन सकता है। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं पर इस दवा के प्रभाव का कोई उचित अध्ययन नहीं है। डॉक्टर की अनुमति के बिना इस दवा से दूर रहने की सलाह दी जाती है। यदि आपको किसी भी प्रकार की परशानी महसूस होती है तो तुरंत अपने डॉक्टर से मुलाक़ात करे|

Summary

मधुनाशिनी (Madhunashini) मधुमेह (Diabetes) के लिए एक बेशकीमती औषधि है। इसे कई आयुर्वेदिक शास्त्रों में मधुमेह और अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियों के लिए एक उत्कृष्ट उपाय के रूप में भी कहा गया है। इस औषधीय सूत्रीकरण को रसायनी द्रव्य के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह मधुमेह को नियंत्रित करने, वजन घटाने और कोलेस्ट्रॉल के प्रबंधन में मदद करता है। इसके अलावा, यह ताक़त को बढ़ाने और तंत्रिका कामकाज को बढ़ावा देने में मदद करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

क्या पतंजलि मधुनाशिनी अच्छी हैं?

मधुमेह रोगियों के लिए मधुनाशिनी एक बहुत अच्छा उत्पाद है। यह कुल मिलाकर बहुत अच्छा उत्पाद है|

क्या मैं भोजन के बाद मधुनाशीनी का सेवन कर सकता हूँ?

जिमनेमा सिल्वेस्ट्रे में मजबूत मधुमेह विरोधी गुण होते हैं। यह भोजन के बाद आपके रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है। है। इस वटी को नाश्ते और रात के खाने से एक घंटा पहले पानी या गुनगुने दूध के साथ लें।

क्या मधुनाशिनी टाइप 2 मधुमेह में शुगर कम करने में सहायता कर सकती हैं?

आयुर्वेदिक औषधियों अर्थात मधुनाशिनी का नियमित योगाभ्यास और पैदल चलना रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में बहुत प्रभावी है।

क्या मधुनाशिनी मधुमेह का इलाज करती है?

मधुनाशिनी मधुमेह के लिए एक उच्च गुणवत्ता वाली तैयारी है। यह आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन मधुमेह को नियंत्रित करने, वजन घटाने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रबंधित करने में सहायता करता है।

दिव्या मधुनाशिनी वटी का उपयोग क्या है?

दिव्य मधुनाशिनी वटी गोलियों में प्रमुख घटकों के रूप में कई औषधीय और आहार जड़ी-बूटियाँ शामिल हैं। गोलियां मधुमेह और इससे संबंधित मुद्दों के उपचार में उपयोगी हैं। सूत्रीकरण ऊर्जा को फिर से जीवंत करने, प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने, तंत्रिका तंत्र के कामकाज में सुधार करने आदि में सहायता करता है।

मधुनाशिनी वटी से अतिरिक्त शक्ति कैसे ले सकता हूँ?

लोगों को दिव्य मधुनाशिनी वटी की अनुशंसित मात्रा का उपयोग करना चाहिए। उन्हें इस दवा की 2 गोलियां भोजन से पहले लेनी चाहिए। लोगों को इस टैबलेट को गुनगुने पानी के साथ मौखिक रूप से लेना चाहिए। इसके सेवन की अवधि तीन सप्ताह है।

Last Updated on by Dr. Damanjit Duggal 

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