मेथी के पानी के सेवन से करे शुगर कण्ट्रोल

मेथी दाना आमतौर पर हर भारतीय रसोई में पाए जाने वाले बीज है जो आपके खाने को एक विशिष्ट स्वाद देते हैं। यह कड़वे छोटे बीज कई स्वास्थ्य लाभों या हेल्थ बेनेफिट्स से भरे हुए हैं। मेथी के बीजों को डाईबिटीज़ में ब्लड शुगर कम करने के लिए एक अचूक और कारगर उपायों में शामिल किया जाता है। इंटरनेशनल जर्नल फॉर विटामिन एंड न्यूट्रिशन रिसर्च में प्रकाशित 2015 के एक अध्ययन में यह भी पाया गया कि गर्म पानी में भिगोकर 10 ग्राम मेथी के बीज की दैनिक खुराक टाइप -2 डाईबिटीज़ को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। न केवल पारंपरिक बल्कि आधुनिक विज्ञान भी इसके एंटी-डाइबीटिक गुणों की पुष्टि करता है। मेथी के पानी से शुगर कंट्रोल करने का यह हर घर का लोकप्रिय नुस्खा है। आइए जानें इसके इन्हीं गुणों के बारे में और मेथी के पानी से कैसे करें शुगर कंट्रोल।

चूंकि भीगे हुए मेथी दाना का सेवन करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, इसलिए मेथी का पानी एक बेहतर और उपयोग करने योग्य विकल्प है।

डब्लूएचओ का कहना है कि वर्ष 2030 तक, बीमारियों से होने वाली मृत्यु में डाईबिटीज़ का योगदान सातवें नंबर पर होगा। यह एक ऐसी स्वास्थ्य स्थिति है जिसमें शरीर में शुगर लेवल्स बढ़ जाते हैं जो कई गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं। मधुमेह कई प्रकार के होते हैं: टाइप 1 मधुमेह, टाइप 2 मधुमेह, गर्भकालीन मधुमेह और पूर्व मधुमेह। सही जानकारी के अभाव और गलत diagnosis के कारण डाईबिटीज़ मेनेजमेंट कठिन हो जाता है। एक सही डाइट शुगर लेवल्स को कंट्रोल रखने में मदद करती है इसलिए सही लाइफस्टाइल की जानकारी बहुत ज़रूरी है। इसके लिए कम कार्बयुक्त व चीनीयुक्त खाने से दूर रहते हुए फाइबर युक्त व पोष्टिक खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। ऐसे कई हर्बल मिश्रण हैं जो प्राकृतिक रूप से शुगर लेवल्स को सही रखते हैं इनमें से एक है मेथी का पानी या मेथी के बीज।

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मेथीदाना क्या है?

मेथी एक सुगंधित पौधा है जिसके कई उपयोग हैं। इसे खाने के साथ-साथ कई तरह की ओषधियों में भी प्रयोग किया जाता है।

मेथी ( Trigonella foenum-graecum ) एक पौधा है जो लगभग 2-3 फीट (60-90 सेंटीमीटर) लंबा होता है। इसमें हरे पत्ते, छोटे सफेद फूल और फली होती है जिनमें छोटे, सुनहरे-भूरे रंग के बीज होते हैं

यह पौधे दक्षिण एशिया, उत्तरी अफ्रीका और भूमध्यसागरीय भागों में व्यापक रूप से उगाए जाते है। इसके बीज स्वाद में कड़वे होते हैं। इस हर्ब को पुराने समय से कई स्वास्थ्य लाभों के लिए उपयोग किया जाता रहा है जिसमें डाईबिटीज़ एक प्रमुख स्वास्थ्य स्थिति रही है।

इसकी पत्तियों को, जिसे मेथी कहते हैं, सब्जी की तरह उपयोग किया जाता है साथ ही इसकी पत्तियों से भारतीय खाना जैसे मेथी के पराँठे, मेथी सब्जी आदि बनाए जाते है। साथ ही इसके सूखे पत्तों को जड़ी-बूटी या हर्ब की तरह भी उपयोग लिया जाता है। वहीं इसके बीजों को मसाले के रूप में पूरे और पाउडर के रूप में उपयोग किया जाता हैं।

खाना पकाने की एक लोकप्रिय सामग्री होने के साथ-साथ मेथी के कई स्वास्थ्य लाभ हैं और इसका उपयोग आयुर्वेदिक और पारंपरिक दवाओं दोनों में किया जाता है।

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मेथीदाना और डाईबिटीज़ (मेथी का पानी व डाईबिटीज़)

एक चम्मच में बहुत सारी मेथी

मेथी के बीज (ट्राइगोनेला फोनम ग्रेक्यूम) में घुलनशील फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है जो कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण को धीमा करके ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते हैं। इस प्रकार डाईबिटीज़ के पेशेंट के लिए मेथी का प्रयोग बीज व पानी दोनों रूप में बहुत प्रभावी होता है।

मेथी के इन्हीं एंटी-डायबिटिक गुणों को जानने के लिए कई अध्ययन किए गए हैं।

इनसे पता चला कि टाइप 1 व टाइप 2 डाईबिटीज़ वाले लोगों में मेथी के बीज शुगर लेवल को कम करने, ग्लुकोज़ टोलेरेन्स बढ़ाने व मेटाबोलिज़्म में सुधार करने में मदद करते हैं।

इसके अतिरिक्त यदि टाइप 1 डाईबिटीज़ वाले पेशेंट रोज़ अपने खाने में मेथी पाउडर को शामिल करते हैं तो उनकी fasting शुगर में कमी होने के साथ उनमें ग्लुकोज़ टोलेरेन्स में भी सुधार देखा जा सकता है। मेथी के बीज या मेथी के पानी के सेवन से कुल कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स भी कम होता है।

इसके अतिरिक्त कुछ अध्ययन के अनुसार अगर टाइप 2 डाईबिटीज़ वाले लोग अपने खाने में मेथी के बीज का 15 ग्राम पाउडर शामिल करते हैं तो उनके खाने के बाद शुगर लेवल में वृद्धि कम हो जाती है। साथ ही रोज़ मेथी को अपने खाने में शामिल करने से टाइप 2 डाइबीटिक लोगों के स्वास्थ्य में कई अच्छे परिणाम देखे गए।

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मेथीदाना की न्यूट्रिशनल वैल्यू या पोषण मूल्य

मेथी में मौजूदा पोषक तत्व

मेथीदाना शुगर लेवल्स को कंट्रोल करने का एक अच्छा माध्यम माना जाता है। इसके रोज़ के सेवन से शुगर लेवल्स में कमी देखी गई। साबुत मेथीदाने  के एक बड़े चम्मच(11.1 ग्राम) मेथी में पाई जाने वाली न्यूट्रीशनल वेल्यू निम्न है : 

मेथी में मौजूद पोषक तत्व
पोषक (11.4 ग्राम मेथी में) मात्रा
कैलोरी 35
फाइबर 3 ग्राम
प्रोटीन 3 ग्राम
कार्ब्स 6 ग्राम
वसा 1 ग्राम
आयरन दैनिक मूल्य का 20% (DV)
मैंगनीज DV का 7%
मैग्नीशियम डीवी का 5%

मेथी के बीज में आयरन और मैग्नीशियम सहित फाइबर और खनिजों की अच्छी मात्रा होती है।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स 

मेथी के बीज में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं जो किसी भी भारतीय खाने के साथ मिलने पर उसके ग्लाइसीमिक इंडेक्स को कम कर देते है। इसका ग्लाइसीमिक इंडेक्स ज़ीरो के बराबर होता है।

चावल या गेंहू के खाने के 15 मिनट पहले मेथी दाना खाने से ग्लाइसिमिक इंडेक्स कम होता देखा गया है।

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मेथीदाना या मेथी के पानी के स्वास्थ्य लाभ (हेल्थ बेनेफिट्स)

मेथीदाना में भरपूर फाइबर के साथ एंटी-डाइबीटिक गुण पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल व एंटीऑक्सीडेंट कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। आइए जाने मेथी के पानी के स्वास्थ्य लाभ:

डाईबिटीज़ मेनेजमेंट

मधुमेह के प्रबंधन और रोकथाम के लिए मेथी के बीज अद्भुत काम करते हैं। यह इंसुलिन ऐक्टिविटी और सेन्सिटिविटी को बढ़ाने में सहायता करता है, जो शुगर लेवल्स को कम करने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को धीमा कर के ग्लुकोज़ के अवशोषण को कम कर देता है जिससे ब्लड शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ती व ब्लड ग्लुकोज़ लेवल्स नियंत्रित रहते हैं।

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वैट लॉस में सहायक मेथी का पानी

मेथी का पानी एक ऐसी चीज है जिसका सेवन कोई भी कर सकता है। यह वजन घटाने के साथ ही मेटाबोलिज़्म में भी सुधार करता है। हर दिन खाली पेट मेथी के पानी को पीने से वज़न कम होने में तो मदद मिलती ही है साथ ही आपका पूर्ण स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। इसमें मौजूद फाइबर आपकी भूख को लंबे समय तक शांत रखता है जिससे आपको बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती और आपका वज़न नियंत्रित रहता है।

पीरीअड क्रेम्प्स या मासिक धर्म के दर्द को कम करता है

मेथी में एंटीइंफलेमेट्री गुण महिलाओं में मासिक धर्म की ऐंठन को कम करता है। इसके अलावा यह पीरीअड से जुड़ी और समस्याओं को भी कम करने में सहायता करते हैं। इसमें पाए जाने वाले एल्कलॉइड दर्द को कम करने का काम करते हैं।

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नई माताओं में दूध उत्पादन में वृद्धि

मेथी के बीजों का उपयोग अक्सर नई माताओं के दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसमें फाइटोएस्ट्रोजन होता है, जो lactating mothers में दूध के बनने को बढ़ाता है। मेथी का पानी या चाय के सेवन से दूध उत्पादन में वृद्धि के साथ शिशु का वज़न बढ़ने में भी सहायता मिलती है।

एंटीवायरल गुण

मेथी में एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं जिसकी वजह से सदियों से इसे सर्दी और गले में खराश के लिए एक हर्बल उपचार के रूप में उपयोग किया जाता है।

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गंभीर बीमारियों से बचाव

मेथी के बीज विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट का एक समृद्ध स्रोत हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को मुक्त कणों यानि फ्री रेडिकल्स से बचाते है। फ्री रेडिकल्स शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचा कर कई तरह की बीमारियों को जन्म देती हैं जिनमें शामिल है हृदय रोग, डाईबिटीज़, ब्लड प्रेशर, कैंसर इत्यादि।

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन लेवल्स में वृद्धि

मेथी के उपयोग से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन लेवल्स में वृद्धि होती है। कई अध्ययनों के अनुसार यह पुरुषों में libido या कामेच्छा को भी बढ़ाता है।

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त्वचा के लिए लाभदायक

मेथी का पानी आपकी त्वचा स्वास्थ्य या स्किन हेल्थ में सुधार कर सकता है क्योंकि यह पाचन में मदद करता है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। मेथी के बीजों में विटामिन-K और विटामिन-C होता है, जो त्वचा की खामियों जैसे कि पिंपल्स और आंखों के नीचे के काले घेरे (डार्क सरकल्स) को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा यह त्वचा की समस्याओं जैसे घाव, चकत्ते और फोड़े को दूर करने में भी मदद करता है।

इनके अतिरिक्त मेथी या मेथी के पानी के अन्य फ़ायदे:

  • सीने में जलन से छुटकारा
  • गठिया दर्द को कम करता है
  • कब्ज व पेट खराब में आराम
  • बालों को झड़ने से रोकता है व उन्हें चमक देता है
  • कोलेस्ट्रॉल को कम करता है

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मेथी को अपने खाने में शामिल करने के तरीके

एक चमच्च मेथी और मेथी पानी

मेथी का स्वाद कड़वा होता है इसलिए इसको सीधे खाना मुश्किल होता है। डाईबिटीज़ व वज़न में मेथी के अच्छे लाभ प्राप्त करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है मेथी का पानी। मेथी के पानी से शुगर कंट्रोल की जा सकती है व इसके कई लाभ प्राप्त किया जा सकते हैं।

डाईबिटीज़ के लिए मेथीदाने का पानी बनाने का तरीका

मेथी का पानी बनाने के लिए बस एक चम्मच मेथी के दानों को रात भर के लिए पानी में भिगो दें। बीजों को छान लें और अगली सुबह खाली पेट पानी पी लें।

मेथी के पानी के सेवन के अतिरिक्त इसे अपने आहार में कैसे शामिल करें

मेथी के दानों का स्वाद कड़वा होता है इसलिए अक्सर इसे कई मसालों के साथ मिलाकर खाया जाता है। भारतीय रसोई में इसका बहुत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। इसे अचार, सब्जियों के तड़के, करी और कुछ सॉस में मिला कर खाया जा सकता है। इसके अलावा मेथी की चाय भी पी सकते हैं या दही के ऊपर मेथी पाउडर छिड़क कर खा सकते हैं।

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मेथी के बीज का सेवन करने का सबसे अच्छा तरीका

भीगे हुए बीज

मेथी दाना को अपने जीवन में शामिल करने का सबसे प्रचलित और प्रभावी तरीका मेथी की चाय पीना है। 10 ग्राम मेथी दाना एक गिलास गर्म पानी में रात भर भिगोकर सुबह खाली पेट सबसे पहले पिया जाता है, यह मधुमेह वाले लोगों के लिए चमत्कार का काम करता है।

अगर आप कड़वा स्वाद सह सकते हैं तो इन्हें चबा के भी खा सकते हैं।

अंकुरित

अंकुरित मेथी के दाने पचने में आसान होते हैं और काफी कम कड़वे होते हैं। आप अंकुरित बीजों का उपयोग चाट, सलाद में नाश्ते के रूप में कर सकते हैं। इसकी चाट बनाने के लिए अंकुरित बीजों में नमक, काली मिर्च और नींबू का रस मिला कर खा सकते हैं।

अपने मेथी दानों को अंकुरित करने के लिए, बीजों को अच्छी तरह धोकर रात भर के लिए भिगो दें। अगले दिन इन्हें अच्छी तरह से धोकर मलमल के कपड़े में बांध लें।

प्रक्रिया को 5 दिनों तक दोहराएं जब तक कि बीज छोटे हरे पत्तों के साथ अंकुरित न हो जाएं। उन्हें एक सप्ताह तक चलने के लिए एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।

सूखा भुना हुआ या रोस्टेड

अपने आहार में मेथी के दानों को शामिल करने का एक और तरीका है कि उन्हें सूखा भून लें और फिर उन्हें दाल और रायता के लिए अपने तड़के में इस्तेमाल करें। सूखे भुने हुए मेथी दाना को साबुत बीज के रूप में या पाउडर के रूप में आपके रोटी के आटे में भी मिलाया जा सकता है।

मेथी के दुष्प्रभाव या साइड-इफ़ेक्ट्स

मेथी और उसकी पत्तियां

मेथी दाने, पाउडर या मेथी के पानी के हालांकि कोई साइड-इफ़ेक्ट्स नहीं हैं लेकिन कुछ स्थितियों में इसके सेवन से बचना चाहिए।

  1. मेथी के पानी को शुगर कंट्रोल के लिए उपयोग किया जाता है लेकिन इसको लेने से पहले अपने डॉक्टर से इसकी मात्रा के लिए जरूर परामर्श करें । अगर आप डाईबिटीज़ के लिए दवाएं ले रहे हैं तो उसके अनुपात में ही मेथी का प्रयोग करें वरना वो आपके शुगर लेवल को कम कर के हाइपोग्लाइसिमिया की स्थिति पैदा कर सकती है जो आपके लिए घातक हो सकती है।
  2. गर्भवती महिलाओं को मेथी का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे गर्भाशय में संकुचन हो सकता है।
  3. कुछ लोगों को मेथी से एलर्जी हो सकती है इसलिए इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से बात करें।
  4. मेथी में मौजूद फाइबर आपके शरीर को मुंह से ली जाने वाली दवाओं को अवशोषित करने में कम प्रभावी बना सकता है। इस प्रकार की दवा लेने के कुछ घंटों के भीतर मेथी का प्रयोग न करें।
  5. इसके अलावा कुछ साइड-इफ़ेक्ट्स में शामिल हैं दस्त, मतली, पाचन संबंधित परेशानियाँ, चक्कर आना, गैस, ब्लोटिंग और सिरदर्द।

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निष्कर्ष

मेथी एक अनूठी जड़ी बूटी या हर्ब है जिसका उपयोग लंबे समय से पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता रहा है। मेथी अपने कई स्वास्थ्य लाभों के कारण लोकप्रिय है। यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करने, टेस्टोस्टेरोन को बढ़ावा देने और स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए लाभकारी है। इसके अतिरिक्त यह त्वचा व बालों के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है। इसके एंटीवायरल गुण सर्दी, गले की खराश जैसी परेशानियों को दूर करने में कारगर है। साथ ही यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, सूजन व दर्द को कम करता है व वज़न घटाने में भी सहायता करता है। इस प्रकार मेथी को आप बीज, मेथी के पानी या मेथी के पाउडर के रूप में अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

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FAQs:

मेथीदाना महिलाओं के लिए कैसे फ़ायदेमंद हैं?

मेथीदाना डाईबिटीज़ के लिए तो अच्छा है ही लेकिन यह महिला स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है। यह पीरीअड क्रेम्प्स यानि मासिक धर्म में होने वाले दर्द को कम करता है, माताओं में दूध उत्पादन में वृद्धि करता है उनके यौन गुणों को बढ़ाता हैं।

मेथी के साइड-इफ़ेक्ट्स क्या है?

वैसे तो मेथी के कोई बड़े साइड-इफ़ेक्ट्स नहीं हैं लेकिन कुछ सामान्य दुष्प्रभावों में दस्त, मतली, सीने में जलन, पाचन-संबंधी परेशनीय, गैस, ब्लोटिंग, चक्कर आना और सिरदर्द शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कुछ लोग इसके प्रति एलर्जिक हो सकते हैं। मेथी में एंटी-डाइबीटिक गुण होते हैं इसलिए इसके बहुत ज़्यादा सेवन से हाइपोग्लाइसिमिया हो जाता है जिसमें शुगर लेवल बहुत कम हो जाता है।

रोज़ कितना मेथी का पानी पीना चाहिए?

एक अध्ययन के अनुसार रोज़ 10 ग्राम मेथी के बीज को गरम पानी में भिगो कर लेने से टाइप 2 डाईबिटीज़ को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। मेथी के पानी से शुगर लेवल्स को कंट्रोल में किया जा सकता है।

मेथी का पानी कब पीना चाहिए?

मेथी का पानी पीने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट है। हर दिन खाली पेट मेथी के बीज के पानी का सेवन करने से आपका मेटाबोलिज़्म अच्छा होता है, शुगर लेवल कम होता है और वज़न घटाने में भी सहायता मिलती है।

Last Updated on by Dr. Damanjit Duggal 

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