मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद है ये ड्राई फ्रूट

Last updated on अक्टूबर 11th, 2022

एक अच्छी जीवनशैली व बेहतर स्वास्थ्य किसी पूंजी से कम नहीं है। जब हम जीवनशैली की बात करते हैं तो टाइप 2 डाईबिटीज़ को मैनेज करने में जो कारक सबसे महत्वपूर्ण होता है वो है आपकी डाइट यानि आपका भोजन। एक अच्छी डाइट पोषण से भरपूर होनी चाहिए और ऐसे ही एक पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ का नाम है नट्स या ड्राय फ्रूट्स। नट्स पौष्टिक होने के साथ कई तरह के स्वास्थ्य लाभ या हेल्थ बेनेफिट्स प्रदान करते हैं। तो आइए इस ब्लॉग में हम जानते हैं की मधुमेह रोगियों के लिए क्या सूखे मेवे या ड्राई फ्रूट्स अच्छे हैं और कौन-कौनसे ड्राई फ्रूट्स वो अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

मधुमेह एक ऐसी समस्या है जो आज लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। एक अच्छा भोजन शरीर में शुगर लेवल्स को सही रखने में काफ़ी सहायता करता है और कई जटिलताओं के जोखिम या रिस्क को कम करता है। मधुमेह रोगियों के लिए खजूर क्यों फायदेमंद है, और कौनसे बेस्ट ड्राय फ्रूट्स हैं जो एक डाइबीटिक व्यक्ति खा सकता हैं, हम इस ब्लॉग में इन सब के बारे में जानेंगे।

सूखे मेवे उनके पौष्टिक मूल्यों, बेहतरीन स्वाद और लंबी शेल्फ लाइफ के लिए बहुत लोकप्रिय हैं। चूंकि यह एक प्रकार से फलों की श्रेणी में आते हैं, इसलिए ज्यादातर डाइबीटिक लोगों को इसे ले कर कई भ्रांतियाँ हैं कि क्या सूखे मेवे या ड्राय फ्रूट्स मधुमेह रोगियों के लिए अच्छे हैं?

और क्या लोगों को इनके सेवन से बचना चाहिए, खासकर डाइबीटिक लोगों को? इसके पर्याप्त शोध उपलब्ध हैं कि, यदि कोई व्यक्ति सही मात्रा में सूखे मेवों का सेवन करता है, तो यह मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

Table of Contents

ड्राई फ्रूट्स क्या हैं?

सूखे मेवे मधुमेह रोगियों के लिए

जैसा की नाम से ही पता चलता है कि सूखे मेवे ऐसे मेवे या फल हैं जिनमें से प्राकृतिक पानी को बाहर निकाला जाता है। यह दो प्रकार से किया जाता है:

  • प्राकृतिक गर्मी (स्वाभाविक रूप से)
  • विशिष्ट टंबलर द्वारा: ये टंबलर डिहाइड्रेटर होते हैं जो इन्हें तेजी से सुखाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

इसके अलावा, निर्जलीकरण के कारण, सूखे मेवों में बहुत अधिक मात्रा में चीनी और स्वाभाविक रूप से लंबी शेल्फ लाइफ होती है।

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मधुमेह क्या है?

मधुमेह एक एसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति के शरीर के अंदर रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे:

  • जब अग्नाशयी से स्त्रावित इंसुलिन इन शर्कराओं को भोजन से शरीर की कोशिकाओं में अवशोषित करने में सहायता करने के लिए पर्याप्त नहीं होता है। इसे टाइप 1 डायबिटीज के नाम से जाना जाता है।
  • जब अग्न्याशय इंसुलिन उत्पादन करता तो है लेकिन शरीर इसका उपयोग नहीं कर पाता। इसे टाइप 2 डायबिटीज के नाम से जाना जाता है।
  • एक अन्य प्रकार का मधुमेह महिलाओं पर उनकी गर्भावस्था के दौरान प्रभाव डालता है। इसे जेस्टेशनल डायबिटीज के नाम से जाना जाता है।

क्या मधुमेह रोगियों के लिए सूखे मेवे अच्छे हैं?

सूखे मेवे विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट, खनिज और फाइबर से भरपूर होते हैं। इसके अलावा, अधिकांश सूखे मेवों का जीआई (glycemic index) निम्न से मध्यम मूल्य का होता है। इससे मधुमेह व्यक्तियों के लिए सूखे मेवों की उपयुक्तता बढ़ जाती है। आइए जानते हैं डाइबीटिक लोगों के लिए सूखे मेवों के क्या फ़ायदे होते हैं:

  • सूखे मेवे फाइबर से भरपूर होते हैं। फाइबर आपको लंबे समय तक संतुष्ट रखता है जिससे आपको बार बार भूख नहीं लगती। परिणामस्वरूप यह अनहेल्दी खाने की आदत को कम करने के साथ-साथ वज़न कम करने में मदद करता है।
  • कई शोध यह भी बताते हैं कि दोपहर के भोजन के बाद यदि आप नट्स या ड्राय फ्रूट्स लेते हैं तो यह आपके शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है।
  • सूखे मेवों में विभिन्न शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन मौजूद होते हैं। इसलिए, यह शरीर को पोषक तत्व पहुंचा कर उसको स्वस्थ रखने में सहायता करता है।
  • मधुमेह प्रबंधन या डाईबिटीज़ मैनेजमेंट मे व्यायाम एक बड़ी भूमिका निभाता है। इसी क्रम में सूखे मेवों का सुबह सेवन करने से ये आपको ऊर्जा देता है जिससे आप अच्छे से व्यायाम कर पाते हैं।

इतने फ़ायदों व पोषण के बाद भी अधिकतर यह सवाल उठता है कि क्या डायबिटीज के मरीज ड्राई फ्रूट खा सकते हैं? कई वैज्ञानिक शोध बताते हैं की नरम फलों से प्राप्त ड्राय फ्रूट्स मधुमेह रोगियों के लिए बहुत अच्छे होते हैं। उनमें फाइबर की समृद्ध मात्रा और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है। हालांकि डाइबीटिक लोग ज़्यादातर ड्राय फ्रूट्स खा सकते हैं, उनमें से कुछ के बारे में हम इस ब्लॉग में पढ़ेंगे।

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सूखे मेवों की न्यूट्रीशनल वैल्यू (पोषण संबंधी जानकारी)

बहुत सारे ड्राई फ्रूट्स

मधुमेह रोगियों के लिए सूखे मेवों की पोषण संबंधी जानकारी उनके सही मात्रा में उपयोग के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। सूखे मेवों या ड्राय फ्रूट्स में प्रोटीन एक मुख्य पोषक तत्व होता है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। प्रोटीन के अलावा इनमें मौजूद कई अन्य पोषक तत्व हैं:

  • विटामिन ई
  • मिनरल्स या खनिज जैसे मैग्नीशियम और पोटेशियम
  • एंटीऑक्सीडेंट
  • फाइबर
  • कैरोटीनॉयड
  • फाइटोस्टेरॉल
  • फोलेट
  • विटामिन बी-1

इतना पोषण होने के साथ क्या सच में नट्स या ड्राय फ्रूट्स डाईबिटीज़ में अच्छे हैं? हालांकि ड्राय फ्रूट्स डाईबिटीज़ में अच्छे हो सकते हैं लेकिन फिर भी, सभी सूखे मेवे मधुमेह के लोगों को लाभ नहीं पहुंचाते हैं। खासकर के नमकीन नट्स क्योंकि इनमें नमक की मात्रा कई तरह की जटिलताओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।

सूखे मेवे एक अच्छा स्नैक विकल्प है जो काफी सुरक्षित भी है। ये आसानी से आपको किसी भी किराने की दुकान पर मिल सकता है। हालांकि मधुमेह के लोगों को इसकी नमकीन रेंज से बचना चाहिए।

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नट्स खाते समय उसकी मात्रा या भाग नियंत्रण क्यों महत्वपूर्ण है?

हालांकि नट्स या ड्राई फ्रूट्स की न्यूट्रीशनल वैल्यू उन्हें सुपरफूड में शामिल करने के लिए काफी है लेकिन फ़िर भी कई ऐसी बाते हैं जिनके बारे में हमें जानकारी होनी चाहिए। जैसे नट्स एक हाई-कैलोरी खाद्य पदार्थ है। वैसे तो नट्स वजन नहीं बढ़ाते लेकिन इनको अत्यधिक मात्रा में खाने पर यह आपका वज़न बढ़ा सकता हैं। इसलिए विशेषज्ञों के अनुसार एक पूरा पैकेट खाने के बजाय कुछ आउन्स या पर्याप्त मात्रा में ही नट्स या डराए फ्रूट्स का सेवन करना चाहिए।

साथ ही आप नट्स को किस रूप में खा रहें है यह भी इसके पोषण व लाभों को प्रभावित करता है। जैसे की नमकयुक्त नट्स में सोडीयम होता है जो शुगर व रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) दोनों के लिए खराब है।

और यदि आप उन लोगों में से है जिन्हे मीठा और नमकीन का मिश्रण पसंद है और आप शहदयुक्त भुना हुआ काजू और चॉकलेट-लेपित मूंगफली पसंद करते हैं तो यह आपके शरीर के लिए बहुत ही हानिकारक है। इसमें कार्ब की अत्यधिक मात्रा होती है जो आपके शुगर लेवल्स को बढ़ा देती है। इसके स्थान पर कच्चे मेवे या सूखे भुने मेवे खाना अच्छा रहता है। ये स्वाद और सेहतमंद तत्वों से भरपूर होते हैं।

ड्राय फ्रूट्स एक स्वस्थ आहार है जिसे आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। नट्स प्रोटीन के साथ-साथ मधुमेह रोगियों के लिए उपयोगी वसा का एक अच्छा स्रोत हैं।

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मधुमेह रोगियों के स्वास्थ्यवर्धक सूखे मेवे

मधुमेह व्यक्तियों के लिए कुछ बेहतरीन सूखे मेवे नीचे दिए गए हैं:

बादाम

सबसे पहला सवाल उठता है कि, क्या बादाम मधुमेह के रोगियों के लिए अच्छा है?

बादाम में मधुमेह रोगियों के लिए कई तरह के फायदे हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि 12 सप्ताह तक बादाम को मधुमेह के आहार में शामिल करने से रक्त शर्करा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा, यह हृदय रोगों के जोखिम को भी कम करता है।

एक अन्य अध्ययन ने टाइप 2 मधुमेह रोगियों में 24 सप्ताह से अधिक दैनिक बादाम के सेवन के प्रभाव का पता लगाया। शोधकर्ताओं ने पाया कि बादाम को आहार में शामिल करने से मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद मिलती है और हृदय की समस्याओं का खतरा कम होता है।

बादाम व्यक्ति के शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। बादाम एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। यह धमनियों या आर्टेरी से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद करता है। इसके कारण बादाम हृदय की समस्याओं के जोखिम को कम करता है और रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है।

किशमिश

किशमिश एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर का एक बेहतरीन स्रोत हैं। ये मधुमेह या डाईबिटीज़ वाले लोगों के लिए असाधारण सुपरफूड माने जाते हैं। इसलिए हम मधुमेह रोगियों के लिए किशमिश को एक बेहतरीन ड्राई फ्रूट मान सकते हैं।

अखरोट

अखरोट में भरपूर मात्रा में कैलोरी होती है लेकिन फिर भी, अखरोट का शरीर की संरचना या शरीर के वजन पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है। पर क्या मधुमेह रोगियों के लिए अखरोट अच्छे हैं? इसको जानने के लिए शोधकर्ताओं ने मधुमेह रोगियों के दो समूह में एक समूह को 6 महीने तक अखरोट युक्त भोजन व दूसरे समूह को कम कैलोरी वाला भोजन दिया। उन्होंने देखा कि अखरोट का सेवन करने वाले समूह के डाइबीटिक लोगों के एचडीएल: एलडीएल अनुपात में सुधार हुआ व यह भोजन उनके रक्त शर्करा के स्तर में काफी सुधार करने में सक्षम था।

काजू

काजू एचडीएल: एलडीएल कोलेस्ट्रॉल अनुपात में सुधार करने में बहुत अच्छा काम करता है और हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम करता है। एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों को या तो काजू-पूरक भोजन या सामान्य मधुमेह भोजन दिया। यह पाया गया कि काजू-पूरक आहार ने 12 सप्ताह के बाद लोगों के रक्तचाप के स्तर और उच्च एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम कर दिया था। साथ ही काजू मधुमेह रोगियों के शुगर लेवल को सुधारने में मदद करता है।

डायबिटीज में काजू खाने के फायदे

खजूर या पिंड खजूर

क्या डायबिटीज़ के मरीज खजूर खा सकते हैं? यह एक आम प्रश्न है। खजूर मध्यम रूप से ऊर्जा से भरपूर होते हैं और इसमें स्वस्थ मात्रा में वसा और फाइबर होते हैं। एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने टाइप 2 मधुमेह के लोगों के दो समूह को चार सप्ताह तक सामान्य भोजन व खजूरयुक्त भोजन दिया। उन्होंने पाया कि इन लोगों में एचडीएल: एलडीएल कोलेस्ट्रॉल अनुपात में  सामान्य भोजन समूह की तुलना में खजूर के समूह में काफी सुधार हुआ। खजूर खाने वाले लोगों के ट्राइग्लिसराइड के स्तर में भी कमी देखी गई। यह हृदय स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ उनके रक्त शर्करा के स्तर को सामान्य स्तर तक कम करने में मदद करता है।

मूंगफली

कई लोगों का ये सवाल रहता है कि क्या मधुमेह रोगियों के लिए मूंगफली अच्छी है? मूंगफली में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होता है। मूंगफली वजन घटाने के लिए बहुत अच्छी है और दिल की समस्याओं के जोखिम को कम कर सकती है। एक अध्ययन ने अधिक वजन वाली महिलाओं, जिन्हें टाइप 2 मधुमेह का खतरा था, उनके डाइट प्लान पर मूंगफली के प्रभावों का पता लगाया। यह पाया गया कि डाइट या भोजन में मूंगफली को शामिल करने से उनमें मधुमेह नियंत्रण में मदद मिली और उनकी भूख को भी नियंत्रित किया जा सका। यह वैट मैनेजमेंट में सहायता करता है जो मधुमेह होने के प्रमुख कारकों में से एक है। इसलिए हम मूंगफली को मधुमेह रोगियों के लिए सूखे मेवों के एक अच्छे विकल्प के तौर पर देख सकते हैं।

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मधुमेह रोगियों के लिए सूखे मेवे के स्वास्थ्य लाभ या हेल्थ बेनेफिट्स

ड्राय फ्रूट्स में से पानी निकालने के बाद भी उनमें मौजूद पोषक तत्वों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यह कई तरह के हेल्थ बेनेफिट्स या स्वास्थ्य लाभ देने के साथ ही मधुमेह रोगियों के लिए एक अच्छा खाद्य विकल्प बनते हैं।

सूखे मेवे विटामिन, खनिज और फाइबर से भरपूर होते हैं, जो किसी भी व्यक्ति के शरीर के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। सूखे मेवों में पॉलीफेनोल्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। ये एक प्राकृतिक रंग के रूप में काम करते हैं और बेहतर पाचन, रक्त प्रवाह और ऑक्सीडेटिव तनाव में कारगर होते हैं। साथ ही, यह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को भी कम करते है। जानिए शरीर के विभिन्न अंगों पर ड्राय फ्रूट्स का प्रभाव:

हृदय

क्या मधुमेह में खजूर अच्छे हैं? बादाम, काजू, अखरोट, या खजूर में ऐसे कई गुण होते हैं जो स्वस्थ हृदय के लिए बेहद ज़रूरी है। अखरोट में ओमेगा-6 होता है, जो arrhythmia या अतालता की समस्या से बचाता है। पिस्ता अपने विटामिन बी 6 सामग्री के कारण हृदय संबंधी समस्याओं में मदद करता है। खजूर दिल की धमनियों के एथेरोस्क्लेरोसिस को रोकने में मदद करता है। काजू अपने मोनोअनसैचुरेटेड फैट के कारण हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। बादाम में ओमेगा -3 वसा होता है और यह कार्डियोप्रोटेक्टिव होता है। इस प्रकार विभिन्न ड्राय फ्रूट्स आपके दिल को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

पाचन प्रक्रिया

मूंगफली के दाने का ढेर

किशमिश, बादाम, पिस्ता, खजूर और अखरोट जैसे सूखे मेवों में मौजूद उच्च फाइबर पाचन संबंधी कई समस्याओं जैसे कब्ज आदि में लाभ पहुंचाते हैं। इसके अलावा, इन सूखे मेवों में एक शक्तिशाली रेचक या लेक्सेटिव प्रभाव होता है जो बेहतर बावेल मूवमेंट के लिए ज़रूरी है।

एनिमिआ या रक्ताल्पता

बादाम आरबीसी के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करते हैं। इस प्रकार, एनीमिया के इलाज में मदद करता है इसलिए बादाम हीमोग्लोबिन बढ़ाने व एनीमिया का इलाज करने में मदद करता है।

कोलेस्ट्रॉल

आप जान कर हैरान रह जाएंगे कि अखरोट, मुन्नाका और बादाम खून में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, वे डिस्लिपिडेमिया को रोकते हैं।

कैंसर

कई विशेषज्ञों के अनुसार सूखे मेवों का मध्यम मात्रा में सेवन कैंसर की संभावना को कम करने में मदद करता है। बादाम सीधे तौर पर ब्रेस्ट कैंसर को रोकने में मददगार हो सकता है। साथ ही, एंटीऑक्सिडेंट युक्त सभी सूखे मेवे कैंसर के विकास के जोखिम को रोकने में मदद कर सकते हैं। उच्च गुणवत्ता वाले पोषक तत्वों के कारण, सूखे मेवे खाने से व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

चिंता और अवसाद

सूखे मेवों में उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट अवसाद और चिंता को कम करने में मदद करते है।

अन्य

इन सबके अलावा, सूखे मेवे एंटी-ऐजिंग गुणों से भरपूर होते हैं। साथ ही बालों के झड़ने से बचने और शरीर के विभिन्न अंगों की रक्षा करने में मदद कर सकते हैं।

और पढ़े: मधुमेह में खाये जाने वाले फलों की सूची

मधुमेह रोगियों के लिए सूखे मेवों के उपयोग से बनने वाले 3 प्रमुख व्यंजन या डिश:

होम-मेड एनर्जी बार्स

ये प्रोटीन के उच्च स्रोत हैं जो आपकी भूख को शांत करने में सहायता करते हैं। यह स्वस्थ भोजन का एक अच्छा विकल्प है। लोग अपने शरीर को मजबूत बनाने के लिए इन्हें सुबह या शाम को वर्कआउट से पहले ले सकते हैं। बाजार में उपलब्ध रेडीमेड एनर्जी बार में अतिरिक्त शुगर होती है जबकि घर पर तैयार किए गए एनर्जी बार प्राकृतिक होते हैं। इसके अलावा, उन्हें कुछ प्राकृतिक स्वीटनर जैसे शहद मिला कर बनाया जा सकता है। यह सुक्रोज का एक समृद्ध स्रोत है। इसे मीठे स्वाद के लिए सूखे मेवों के साथ मिलाया जा सकता है।

ट्रेल मिक्स

विभिन्न प्रकार के मेवों और बीजों से बने, ये मिश्रण टी टाइम या शाम के नाश्ते के रूप में बहुत अच्छे होते हैं। ये न केवल तत्काल भूख को मारने में मदद करते हैं, बल्कि प्रोटीन के भी उच्च स्रोत हैं, जो मांसपेशियों और हड्डियों के कार्यों और तंतुओं (tissue) को बनाए रखने में मदद करते हैं।

डेज़र्ट और सलाद ड्रेसिंग के रूप में सूखे मेवे

ड्राई फ्रूट एक टोकरी में

सूखे मेवे या ड्राय फ्रूट्स स्वाद में स्वाभाविक रूप से मीठे होते हैं और आम तौर पर इनमें अतिरिक्त चीनी मिलाने की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए यह मधुमेह के लोगों के लिए अच्छे है। इस कारण, मधुमेह रोगियों के लिए सलाद के रूप में या डेसर्ट के रूप में सूखे मेवे एक बढ़िया विकल्प हैं।

नियंत्रित मात्रा में सेवन के साथ, मधुमेह के रोगियों के लिए सूखे मेवे दो कारणों से एकदम सही विकल्प हैं:

  • मधुमेह नियंत्रण
  • वजन घटाना

यह वज़न व ब्लड शुगर दोनों को नियंत्रित रखने के साथ आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति कर देते हैं।

सूखे मेवों में अच्छी मात्रा में प्रोटीन और खनिज होते हैं। एक दिन में इनकी सही मात्रा को एक हिस्से तक सीमित रखने से व्यक्ति को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।

मधुमेह के लोग अक्सर अपने भोजन विकल्पों को लेकर भ्रमित रहते हैं और परेशान हो जाते हैं। कई बार वे स्नैक्स को मिस करने के बारे में भी सोचते हैं। यह एक बहुत बड़ी ग़लतफहमी है। मधुमेह रोगी होने पर भी लोग आत्मविश्वास व बिना डरे स्वस्थ स्नैक्स का स्वाद ले सकते हैं। मॉडरेशन में सूखे मेवे एक स्वस्थ स्नैक विकल्प हैं। सही मात्रा में खाने से इनके हानिकारक प्रभावों को खत्म कर के मधुमेह रोगी इनका आनंद उठा सकते हैं।

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निष्कर्ष

कई बार डाईबिटीज़ के मरीज अपनी डाइट को ले कर बहुत परेशान रहते हैं कि किस खाने से उनकी ब्लड शुगर बढ़ सकती है। इन्हीं कुछ खाद्य पदार्थों में शामिल है ड्राय फ्रूट्स या सूखे मेवे। लेकिन डाईबिटीज़ के लोगों के लिए एक खुशखबरी से कम नहीं की ये नट्स या ड्राई फ्रूट्स उनके लिए बहुत लाभदायक होते हैं। ड्राय फ्रूइट्स प्रोटीन, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर व कई अन्य प्लांट कम्पाउन्ड से भरपूर होते हैं। यह सभी आवश्यक पोषक तत्व शरीर के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद ज़रूरी है। यह हृदय को स्वस्थ रखते हैं, खून की कमी को कम करते हैं, ब्लड प्रेशर व ब्लड शुगर को नियंत्रित रखते है और एलडीएल कॉलेस्ट्रॉल को भी कम करते हैं। यह वज़न कम करने में भी सहायक होते हैं।  साथ ही यह कैंसर जैसी बीमारी के रिस्क को भी कम करते हैं। बस ज़रूरी यह है कि आप इनकी मात्रा पर ध्यान दें। एक सही मात्रा आपको अनगिनत फ़ायदे पहुँचा  सकती हैं और आपके शरीर को स्वस्थ रख सकती हैं। तो आज ही इन सुपरफूड को अपने खाने में एक हेल्दी स्नैक की तरह शामिल करें।

और पढ़े: शुगर मरीजों के लिए ये सब्जियाँ है फायदेमंद

FAQs:

सूखे मेवे या ड्राय फ्रूट्स खाने का सबसे अच्छा समय क्या है?

सामान्यतया सूखे मेवे खाने का सबसे अच्छा समय सुबह है। लोगों को सूखे मेवे को रात भर पानी में भिगोकर रखना चाहिए। वे जंक फूड के स्थान पर एक अच्छा व स्वस्थ विकल्प हैं। लोगों को रात में सूखे मेवे नहीं खाने चाहिए क्योंकि सूखे मेवे खाने के असली फायदे आमतौर पर सुबह देखे जा सकते हैं।

मधुमेह रोगी एक दिन में कितने बादाम खा सकता है?

बादाम ट्री नट्स होते हैं जिनमें फाइबर, प्रोटीन, नियासिन, कैल्शियम, विटामिन ई और राइबोफ्लेविन की प्रचुर मात्रा होती है। 8-10 भीगे हुए बादाम या लगभग आधा औंस बादाम मधुमेह के लोगों के लिए एक आदर्श मात्रा मानी जाती है।

क्या मधुमेह रोगी रोज़ाना काजू का सेवन कर सकता है?

काजू ऊर्जा से भरपूर ड्राय फ्रूट है जो लंबे समय तक आपकी भूख शांत रखता है। इसलिए, सही से वज़न नियंत्रण के लिए एक मधुमेह व्यक्ति को रोजाना तीन से चार काजू का सेवन करना चाहिए। सही वज़न आपकी रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

क्या अखरोट और बादाम को मिलाकर खाना सुरक्षित है?

भीगे हुए अखरोट और बादाम के साथ अपने दिन की शुरुआत करना बहुत ही स्फूर्तिदायक होता है। यह हार्मोन स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद करने के साथ-साथ आपके रूटीन को भी स्वस्थ बनाए रखता है। यह व्यायाम करने के लिए शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।

Last Updated on by Dr. Damanjit Duggal 

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