ग्लाइकोमेट 500 टैबलेट : उपयोग, खुराक और साइड इफ़ेक्ट – Glycomet 500 sr uses in hindi

ग्लाइकोमेट जीपी1 एक दवा है जो टाइप 2 शुगर मैनेजमेंट के लिए दी जाती है। यह एक ओरल दवा है जो शुगर के मरीजों में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है। यह बिगुआनाइड्स  दवाओं के ग्रुप में आता है। ग्लाइकोमेट जीपी1 में मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड पाया जाता है। ग्लाइकोमेट अलग-अलग रूप में उपलब्ध है जैसे इमिडिएट-रिलीज़ टैबलेट, एक्सटेंडेड-रिलीज़ टैबलेट और ओरल(सीरप) सॉल्यूशन ।

ग्लाइकोमेट जीपी1 का उपयोग – Glycomet gp1 uses in hindi

ग्लाइकोमेट जीपी1 का उपयोग

ग्लाइकोमेट जीपी1 का मुख्य काम टाइप 2 मधुमेह को बढ़िया ढंग से मैनेज करना है। तो आइए जानते हैं कुछ glycomet gp1 uses in hindi

ब्लड शुगर कंट्रोल

ग्लाइकोमेट जीपी1 से लीवर में बनने वाले ग्लूकोज की मात्रा को कम किया जाता है और इंसुलिन के लिए शरीर की सेंसटिविटी को बढ़ाया जाता है। यह ब्लड शुगर लेवल को कम करने और स्थिर करने में मदद करता है, जिससे  कि  टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को फायदा(लाभ) होता है ।

टाइप 2 शुगर मैनेजमेंट

ग्लाइकोमेट टैबलेट टाइप 2 मधुमेह के लिए फर्स्ट लाइन ट्रीटमेंट में शामिल है। यह इंसुलिन इन्हिबिटर्स को बेहतर बनाने में मदद करता है और हाई ब्लड शुगर लेवल से जुड़ी परेशानी को कम करता है।

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस)

ग्लाइकोमेट टैबलेट का इस्तेमाल पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के मैनेजमेंट में भी होता है, जो रिप्रोडक्टिव एज की महिलाओं को प्रभावित करने वाला एक हार्मोनल डिसऑर्डर है। यह महिलाओं के पीरियड्स को सही करने, इंसुलिन इन्हिबिटर्स को कम करने और एण्ड्रोजन लेवल को कम करने में मदद करता है।

टाइप 2 मधुमेह

प्राइमरी ग्लाइकोमेट टैबलेट में टाइप 2 मधुमेह का ट्रीटमेंट शामिल है, जहां लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना मुश्किल होता है। यह इंसुलिन सेंसटिविटी  में सुधार और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है।

जेस्टेशनल डायबिटीज

जेस्टेशनल (गर्भकालीन) डायबिटीज के कुछ मामलों में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने और मां तथा बच्चे दोनों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए प्रेगनेंट(गर्भवती) महिलाओं को ग्लाइकोमेट जीपी1 दिया जाता है।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि ग्लाइकोमेट का सेवन एक शुगर मैनेजमेंट प्लान के हिस्से के रूप में किया जाना चाहिए। जिसमें हेल्दी डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज, वेट मैनेजमेंट और रेगुलर ब्लड शुगर की देखरेख जैसे बदलाव लाइफस्टाइल में  शामिल करने चाहिए । ट्रीटमेंट की डोज और टाइम हमारी जरूरत और दवा के प्रभाव के आधार पर हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा बताया जाएगा ।

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मधुमेह के मरीजों के लिए ग्लाइकोमेट की खुराक

शुगर के मरीजों के लिए ग्लाइकोमेट की खुराक (मेटफॉर्मिन) अलग-अलग हो सकती है, जिसमें व्यक्ति की मेडिकल कंडीशन, ब्लड शुगर का लेवल, ट्रीटमेंट रिएक्शन और दूसरी खाई जा रही दवाएं भी शामिल हो सकती हैं । ग्लाइकोमेट की खुराक एक प्रोफेशनल हेल्थ स्पेशलिस्ट द्वारा डिसाइड की जाती है और उसी हिसाब से सेवन किया जाना चाहिए।

एडल्ट के लिए ग्लाइकोमेट की शुरुआती डोज 500 मिलीग्राम या 850 मिलीग्राम है जो भोजन के साथ दिन में एक या दो बार ओरल रूप में ली जाती है। ब्लड शुगर कंट्रोल और टॉलरेंस के आधार पर डोज को धीरे-धीरे एडजस्ट किया जा सकता है, ज्यादा से ज्यादा ली जाने वाली डोज 2,550 मिलीग्राम हो सकती है।

एक्सटेंडेड-रिलीज़ फॉर्मूलेशन के लिए, शाम के भोजन के साथ रोजाना एक बार 500 मिलीग्राम या 1,000 मिलीग्राम ओरल (सीरप) रूप में ली जाती है और अगर जरूरी हो तो ग्लाइकोमेट डोज को धीरे-धीरे एडजस्ट किया जा सकता है।

यहां मधुमेह के मरीजों के लिए ग्लाइकोमेट के खुराक वाली एक तालिका दी गई है-(glycomet 500 sr uses in hindi)

  ब्रेकफास्ट  लंच डिनर
वीक 1-2 500एमजी
वीक 3-4 500एमजी 500एमजी
वीक 5-6 500एमजी 500एमजी

यह ध्यान रखना जरूरी है कि मधुमेह के मरीजों के लिए ग्लाइकोमेट की खुराक हर मरीज की दवा के प्रति प्रतिक्रिया और सहनशीलता के आधार पर अलग-अलग किया जाना चाहिए। 

किडनी या लीवर की समस्या वाले या बुजुर्ग मरीजों को मेटफॉर्मिन की कम खुराक की जरूरत हो सकती है। 

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ग्लाइकोमेट कंपोजिशन

ग्लाइकोमेट मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड दवा का एक ब्रांड नाम है, जिसका इस्तेमाल टाइप 2 मधुमेह के इलाज में किया जाता है। ग्लायकोमेट 500 में मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड पाया जाता है, जो एक सफेद क्रिस्टलीय पाउडर है और पानी में घुल जाता है।

ग्लाइकोमेट के स्ट्रक्चर में कई ऐसी भी चीजें शामिल होती हैं जो टैबलेट के इस्तेमाल को आसन बनाने में मदद करती हैं। ये इंग्रिडेंट अलग-अलग हो सकते हैं। सिंपल ग्लाइकोमेट में माइक्रोक्रिस्टलाइन सेलुलोज, पोविडोन, मैग्नीशियम स्टीयरेट और हाइपोमेलोज शामिल हैं।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि यदि आपको ग्लाइकोमेट के किसी भी इंग्रिडेंट (तत्व) से कोई एलर्जी है, तो आपको यह दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करना चाहिए।

ग्लायकोमेट 500 उपयोग करने का तरीका – Glycomet 500 uses in hindi

ग्लाइकोमेट जीपी1 (या अन्य मेटफॉर्मिन दवा) का इस्तेमाल डॉक्टर के बताए अनुसार किया जाना चाहिए। यहां  glycomet 500 sr uses in hindi की कुछ जरूरी गाइडलाइन बताई गई हैं जिनका ध्यान रखना जरूरी है-

  • ग्लाइकोमेट टैबलेट को पानी के साथ खा लें और जब तक आपके डॉक्टर द्वारा बताया न जाए, तब तक इसे कुचलने, चबाने या तोड़ने से बचें।
  • अपने ब्लड शुगर लेवल को स्टेबल रखने के लिए ग्लाइकोमेट जीपी1 टैबलेट लेने के लिए एक रेगुलर प्लान को फॉलो करें ।
  • यदि आप एक खुराक लेना भूल जाते हैं, तो अपने रेगुलर डोज प्लान को ही फॉलो करें, और इस बारे में अपने  डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • यह जरूरी है कि अपने डॉक्टर से बात किए बिना ग्लाइकोमेट का उपयोग बंद न करें, क्योंकि इससे ब्लड शुगर लेवल तुरंत बढ़ सकता है।

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ग्लाइकोमेट के उपयोग से पहले ध्यान देने वाली बातें

ग्लाइकोमेट के उपयोग से पहले ध्यान देने वाली बातें

ग्लायकोमेट जीपी1 के सेवन को लेकर मतभेद हो सकता है। व्यक्तिगत सलाह के लिए डॉक्टर  से बातचीत करना जरूरी है। यहां ग्लायकोमेट जीपी1 (glycomet gp1 in hindi) से जुड़ी कुछ ध्यान देने योग्य बातें बताई गई हैं-

किडनी को नुकसान

ग्लायकोमेट जीपी1, ग्लाइकोमेट जीपी 0.5 और अन्य शुगर टैबलेट का उपयोग सावधानी के साथ किया जाना चाहिए, क्योंकि दवा में मौजूद  तत्वों का पूरा प्रभाव किडनी पर पड़ता है और किडनी के सही से काम ना करने की वजह से काफी परेशानी हो सकती है।

लीवर को नुकसान

लीवर की समस्या वाले व्यक्तियों को मेटफॉर्मिन से दिक्कत हो सकती है। ऐसे मामलों में ग्लाइकोमेट जीपी1 को खाने से  मना किया जा सकता है और इसकी अच्छी तरह से मॉनिटरिंग की जरूरत हो सकती है।

एलर्जी

जिन लोगों को मेटफॉर्मिन या ग्लायकोमेट जीपी1 के किसी अन्य घटक से एलर्जी या  हाइपरसेंसटिविटी  है, उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए।

सीरियस इंफेक्शन

सीरियस इंफेक्शन (गंभीर संक्रमण) के दौरान, लैक्टिक एसिडोसिस बढ़ने के कारण ग्लाइकोमेट 500(glycomet 500) या ग्लाइकोमेट जीपी1(glycomet gp1) जैसे टैबलेट का सेवन कुछ समय के लिए बंद करने की जरूरत पड़ सकती है।

प्रेगनेंसी (गर्भावस्था) और ब्रेस्ट फीडिंग (स्तनपान)

प्रेगनेंसी और ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान ग्लाइकोमेट जीपी1 का उपयोग सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर किया जाना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान ग्लाइकोमेट जीपी1 जैसे टैबलेट को खाने की सलाह नहीं दी जाती है और स्तनपान के दौरान इसका उपयोग भी सभी फायदे और नुकसान को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।

कंट्रास्ट एजेंट (इमेजिंग टेस्ट)

यदि आपको इमेजिंग टेस्ट (एम आर आई, एक्स रे आदि) करवाना है तो अपने डॉक्टर को ग्लाइकोमेट जीपी1 या किसी अन्य टैबलेट जिनका भी सेवन आप कर रहे हैं उनके बारे में जानकारी देना जरूरी है। कुछ मामलों में किडनी में होने वाली परेशानियों के खतरे को कम करने के लिए दवा ना खाने की सलाह दी जा सकती है।

ग्लाइकोमेट जीपी1 जैसी दवाओं को खाने से ऊपर बतायी गयी बातों के अलावा भी कुछ परेशानियां हो सकती हैं इसलिए अपनी  मेडिकल कंडीशन  और सिचुएशन को ध्यान में रखकर अपने डॉक्टर से बातचीत जरूर करें।

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सावधानियां

ग्लाइकोमेट जीपी1 या ग्लाइकोमेट की कोई अन्य टैबलेट का उपयोग करते समय कुछ सावधानी बरतना जरूरी है। यहां नीचे कुछ सावधानियां बताई गई हैं-

हेल्थकेयर एक्सपर्ट की सलाह

ग्लाइकोमेट जीपी1 शुरू करने या अपनी दवा के सेवन में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने हेल्थकेयर एक्सपर्ट से बात करें। वे आपके मेडिकल हिस्ट्री, करेंट कंडीशन और आपके द्वारा ली जा रही दूसरी दवाओं के आधार पर आपको सलाह दे सकते हैं।

किडनी फंक्शन मॉनिटरिंग

ग्लाइकोमेट जीपी1 जैसी कोई भी ग्लाइकोमेट दवा लेते समय किडनी फंक्शन की नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है। डॉक्टर आपके किडनी फंक्शन को मॉनिटर करने के बाद आपकी खुराक तय करेंगे और समय-समय पर आपका ब्लड टेस्ट भी किया जाएगा। यदि आपको किडनी से जुड़ी कोई समस्या है और पेशाब कम आना या पैरों में सूजन जैसे लक्षण हैं तो अपने डॉक्टर को जरूर बताएं।

शराब से बचें

शराब पीने से लैक्टिक एसिडोसिस का खतरा बढ़ सकता है, जो ग्लायकोमेट जीपी1 से जुड़ा साइड इफेक्ट है। दवा के उपयोग के समय शराब पीने से बचने की सलाह दी जाती है।

लो-ब्लड शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया) की जानकारी

ग्लाइकोमेट जीपी1 मुख्य रूप से ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है। लो-ब्लड शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया), पसीना, चक्कर आना, कंफ्यूजन (भ्रम) और भूख से सावधान रहें। यदि लो-ब्लड प्रेशर की समस्या होती है तो ट्रीटमेंट के लिए तेजी से काम करने वाले ग्लूकोज सोर्स, जैसे ग्लूकोज की गोलियां या कैंडी, अपने साथ रखें।

सर्जिकल ट्रीटमेंट

यदि आप सर्जिकल प्रॉसेस में हैं तो अपने डॉक्टर को ग्लाइकोमेट जीपी1 के इस्तेमाल के बारे में जरूर बतायें। वे इससे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दवा को बंद करने की सलाह दे सकते हैं।

विटामिन बी12 के लेवल की मॉनिटरिंग

ग्लाइकोमेट का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से विटामिन बी12 की कमी हो सकती है। आपके डॉक्टर समय-समय पर आपके विटामिन बी12 के लेवल की मॉनिटरिंग कर सकते हैं।

हाइड्रेटेड रहें

जितना जरूरी हो उतना पानी पियें। किसी बीमारी, बुखार या डिहाइड्रेशन के दौरान भी पानी पीने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि इस कंडीशन में लैक्टिक एसिडोसिस का खतरा बढ़ सकता है।

दूसरे हेल्थ केयर स्पेशलिस्ट को जरूर बताएं

ग्लाइकोमेट टैबलेट के उपयोग के बारे में अपने डेंटिस्ट या और किसी हेल्थ केयर स्पेशलिस्ट को बताना जरूरी है क्योंकि यह कुछ दवाओं के साथ रिएक्शन कर सकता है।

ये साधारण जानकारी है पर्सनल एडवाइस के लिए अपने डॉक्टर से बात करना जरूरी है। वे आपसे बात करके आपको ग्लाइकोमेट टैबलेट के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए जरूरी सलाह देंगें।

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ग्लाइकोमेट के साइड इफेक्ट्स

ग्लाइकोमेट के साइड इफेक्ट्स

ग्लाइकोमेट (मेटफॉर्मिन) कुछ साइड इफेक्ट भी कर सकता है, हर किसी को इसकी जानकारी नहीं होती है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि ग्लाइकोमेट का साइड इफेक्ट अलग लोगों के बीच अलग हो सकता है। यहां ग्लाइकोमेट से जुड़े कुछ कॉमन साइड इफेक्ट्स दिए गए हैं-

पेट की समस्या

ग्लाइकोमेट 500 का सबसे सामान्य साइड इफेक्ट पेट की समस्याओं से जुड़ा हैं। इनमें दस्त, मतली, उल्टी, पेट की परेशानी, सूजन शामिल हो सकते हैं। ये लक्षण हल्के होते हैं और भोजन के साथ ग्लाइकोमेट लेने से इन्हें कम किया जा सकता है।

लो ब्लड शुगर

लो ब्लड शुगर(हाइपोग्लाइसीमिया) भी ग्लाइकोमेट साइड इफेक्ट्स में से एक है। जब ग्लाइकोमेट का अकेले इस्तेमाल किया जाता है, तो यह लो ब्लड शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया) का कारण नहीं बनता है लेकिन यदि इसे दूसरी एंटी-डायबिटीज दवाओं या इंसुलिन के साथ लिया जाए तो इससे लो ब्लड शुगर का खतरा बढ़ सकता है। लो ब्लड शुगर के लक्षणों में पसीना आना, चक्कर आना, कंफ्यूजन (भ्रम), इरिटेशन और कमजोरी शामिल हैं।

विटामिन बी12 की कमी

ग्लाइकोमेट के लंबे समय तक इस्तेमाल से विटामिन बी12 की कमी जैसे कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इस कारण थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झुनझुनाहट और एनीमिया जैसे लक्षण हो सकते हैं। विटामिन बी12 के लेवल की नियमित मॉनिटरिंग जरूरी हो सकती है और कमी पाए जाने पर किसी सप्लीमेंट की सलाह दी जा सकती है।

लैक्टिक एसिडोसिस

लैक्टिक एसिडोसिस  सीरियस साइड इफेक्ट्स में से एक है। यह ज्यादातर खराब किडनी वाले लोगों में होता है। इसके लक्षणों में मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, पेट में परेशानी, चक्कर आना शामिल हो सकते हैं। यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाये।

दूसरे साइड इफेक्ट

नॉर्मल साइड इफेक्ट में स्किन प्रॉब्लम (जैसे दाने या खुजली), स्वाद में बदलाव और लीवर एंजाइम्स का हाई लेवल शामिल हो सकता है।

किसी भी साइड इफेक्ट के बारे में अपने डॉक्टर को बताना जरूरी है। वे साइड इफेक्ट पर सुझाव दे सकते हैं और जरूरी हो तो दवा के खुराक को एडजस्ट कर सकते हैं। अपने डॉक्टर से सलाह लिए बिना ग्लाइकोमेट का सेवन बंद न करें। वे आपकी कंडीशन के हिसाब से आपको सलाह देंगे।

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ग्लाइकोमेट का प्रभाव

ग्लाइकोमेट (मेटफॉर्मिन) दूसरी दवाओं के साथ रिएक्शन कर सकता है जिससे इसकी पावर पर असर पड़ सकता है । जो दवाएं आप ले रहे हैं उन सभी दवाओं, सप्लीमेंट, हर्बल प्रोडक्ट के बारे में अपने डॉक्टर को बताना जरूरी है।

यहां ग्लाइकोमेट से जुड़े कुछ सामान्य इंटरैक्शन(पारस्परिक क्रिया या प्रभाव) दिए गए हैं-

कुछ दवाएं जो लैक्टिक एसिडोसिस के खतरे को बढ़ाती हैं– कुछ दवाएं ग्लाइकोमेट जीपी1 के साथ खाए जाने पर लैक्टिक एसिडोसिस के खतरे को बढ़ा सकती हैं। इनमें फ़्यूरोसेमाइड, नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं (एनएसएआईडी), एसीई इन्हिबिटर्स और अल्कोहल जैसी दवाएं शामिल हो सकती हैं। लैक्टिक एसिडोसिस के जोखिम को कम करने के लिए आप जो भी दवाएं ले रहे हैं उनके बारे में अपने डॉक्टर को बताएं।

कुछ दवाएं जो किडनी फंक्शन को प्रभावित करती हैं- ऐसी दवाएं जो किडनी फंक्शन को ख़राब कर सकती हैं, शरीर में मेटफॉर्मिन एक्युमुलेशन के खतरे को बढ़ा सकती हैं, जैसे कुछ एंटीबायोटिक्स (सिप्रोफ्लोक्सासिन), कुछ एंटीवायरल दवाएं (रिटोनावीर), और इमेजिंग टेस्ट में इस्तेमाल किए जाने वाले कंट्रास्ट एजेंट शामिल हैं। आपके हेल्थ केयर एक्सपर्ट  इन दवाओं के साथ में ग्लाइकोमेट जीपी1 टैबलेट का उपयोग करने के फायदे और नुकसान की मॉनिटरिंग करेंगें और आपको उचित सलाह देंगे।

ब्लड शुगर लेवल को कम करने वाली दवाएं– ग्लाइकोमेट जीपी1 टैबलेट या किसी दूसरी ग्लूकोज टैबलेट को एंटी-डायबिटिक दवाओं (जैसे, इंसुलिन, सल्फोनीलुरिया) के साथ मिलाने से लो-ब्लड शुगर  का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में नियमित ब्लड शुगर की मॉनिटरिंग जरूरी है।

कुछ दवाएं जो विटामिन बी12 को पचाने में रुकावट डालती हैं-  ग्लाइकोमेट जीपी1 टैबलेट का उपयोग ज्यादा समय तक करने से विटामिन बी12 की कमी हो सकती है। प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर्स (पीपीआई) और कुछ दवाएं विटामिन बी12 के पाचन को और कम कर सकती हैं। आपके डॉक्टर विटामिन बी12 के लेवल की मॉनिटरिंग कर सकते हैं और अगर जरूरी हो तो सप्लीमेंट के इस्तेमाल की सलाह दे सकते हैं।

आयोडीन वाले कंट्रास्ट एजेंट– कुछ इमेजिंग टेस्ट में इस्तेमाल किए जाने वाले ये कंट्रास्ट एजेंट किडनी फंक्शन में समस्या कर सकते हैं, यदि आप इस प्रॉसेस में हैं तो अपने डॉक्टर को ग्लाइकोमेट के इस्तेमाल के बारे में जरूर बताएं। वे इस दवा को बंद करने की सलाह भी दे सकते हैं।

अल्कोहल- ग्लाइकोमेट जीपी1 टैबलेट का उपयोग करते समय शराब पीने से लैक्टिक एसिडोसिस का खतरा बढ़ सकता है और ब्लड शुगर कंट्रोल में भी दिक्कत आ सकती है।

ये ग्लाइकोमेट के प्रभावों की पूरी लिस्ट नहीं हैं। ज्यादा जानकारी के लिए अपने हेल्थ केयर एक्सपर्ट से सलाह लें।

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ग्लाइकोमेट का ओवरडोज

ग्लाइकोमेट (मेटफॉर्मिन) की ओवरडोज लेने से साइड इफेक्ट हो सकते हैं। हमेशा अपने डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक ही लेना चाहिए ।

ग्लाइकोमेट जीपी1 की ओवरडोज से ब्लड शुगर लेवल (हाइपोग्लाइसीमिया) में काफी कमी हो सकती है, जिसके कारण ये लक्षण दिख सकते हैं-

  • पसीना आना
  • कंपकंपी 
  • चक्कर आना 
  • कंफ्यूजन (भ्रम) या कंसंट्रेशन में दिक्कत
  • ब्लर विजन
  • सिरदर्द
  • थकान
  • पीली त्वचा 
  • इरेगुलर हार्टबीट
  • दौरे (सीरियस मैटर में)

यदि आपको संदेह है कि आपने ग्लाइकोमेट जीपी1 या ग्लाइकोमेट के किसी दूसरी फॉर्म की ओवरडोज ले ली है, या आप हाइपोग्लाइसीमिया (लो-ब्लड शुगर) के लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी है। आप इमरजेंसी मेडिकल सर्विस को कॉल कर सकते हैं या अपने डॉक्टर के पास जा सकते हैं।

यह ध्यान देना जरूरी है कि ओवरडोज़ के लक्षण और गंभीरता हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। खराब किडनी फंक्शन या दूसरी मेडिकल कंडीशन वाले व्यक्तियों में ओवरडोज़ का खतरा और ज्यादा होता है ।

किसी भी दवा के सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल के लिए अपने डॉक्टर से बात करना और सही खुराक लेना जरूरी होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

 

ग्लाइकोमेट टैबलेट का सेवन किस लिए किया जाता है?

ग्लायकोमेट 500 एमजी, ग्लायकोमेट एसआर 500, या ग्लायकोमेट जीपी1 जैसे टैबलेट  का सेवन टाइप 2 डायबिटीज के मैनेजमेंट के लिए किया जाता है। इंसुलिन सेंसटिविटी में सुधार और लीवर में ग्लूकोज प्रोडक्शन को कम करके ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। शुगर मैनेजमेंट के लिए आपके डॉक्टर द्वारा दी गई खुराक का पालन करना जरूरी है।

क्या मेटफॉर्मिन और ग्लाइकोमेट एक ही है?

हां, मेटफॉर्मिन और ग्लाइकोमेट लगभग एक ही दवा हैं। ग्लाइकोमेट जेनेरिक दवा मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड का एक ब्रांड नाम है। मेटफॉर्मिन ग्लाइकोमेट टैबलेट जैसे ग्लाइकोमेट जीपी1 या ग्लाइकोमेट एसआर 500 में पाया जाने वाला सक्रिय तत्व है। मेटफॉर्मिन और ग्लाइकोमेट दोनों का प्रभाव एक जैसा ही है, और टाइप 2 डायबिटीज  मैनेजमेंट के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जेनेरिक मेटफॉर्मिन और ब्रांड नाम ग्लाइकोमेट में से कौन सी दवा लेनी है ये उनकी बाजार में उपलब्धता, कीमत और, पर्सनल डिमांड पर निर्भर करता है। दोनो दवाओं का मेडिकल इफेक्ट बराबर हैं।

ग्लाइकोमेट किस ग्रुप से संबंधित है?

ग्लाइकोमेट बिगुआनाइड्स नामक दवाओं के ग्रुप से है। इसमें  मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड सक्रिय तत्व होता है, जो दवाओं के बिगुआनाइड ग्रुप से है। बिगुआनाइड्स लीवर में ग्लूकोज प्रोडक्शन को कम करके, शरीर में इंसुलिन सेंसटिविटी  में सुधार करता है।

ग्लाइकोमेट कितना प्रभावी है?

ग्लाइकोमेट (मेटफॉर्मिन) को टाइप 2 मधुमेह मैनेजमेंट के लिए एक प्रभावी दवा माना जाता है। जब सही तरीके से इस्तेमाल किया जाता है और हेल्थी डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज को लाइफस्टाइल के साथ जोड़ा जाता है, तो ग्लाइकोमेट ब्लड शुगर लेवल को कम कर सकता है और शुगर कंट्रोल में मदद कर सकता है। यह शुगर(मधुमेह)  से जुड़ी दिक्कतों जैसे हार्ट डिजीज, किडनी प्रॉब्लम और नर्वस सिस्टम की प्रॉब्लम को रोकने में भी मदद कर सकता है। ग्लाइकोमेट जीपी1 का प्रभाव लोगों  के बीच अलग हो सकता है क्योंकि कई तत्व इसके प्रभाव में शामिल हो सकते हैं। डॉक्टर की सलाह बहुत जरूरी है जो आपके शुगर मैनेजमेंट प्लान में मदद कर सकते हैं।

ग्लाइकोमेट को अपना असर दिखाने में कितना समय लगता है?

ग्लाइकोमेट एक दवा है जिसका उपयोग टाइप 2 डायबिटीज  के इलाज के लिए किया जाता है। ग्लाइकोमेट जीपी1 को काम करने में लगने वाला समय व्यक्ति के मेटाबॉलिज्म, डोज और ओवरऑल हेल्थ कंडीशन सहित कई कारकों के कारण  अलग-अलग हो सकता है। ग्लाइकोमेट लगभग 3 घंटे के बाद अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देता है। पूरी तरह से फायदे  के लिए कई सप्ताह लग सकते हैं। यह ध्यान रखना जरूरी है कि ग्लाइकोमेट जीपी1 को तुरंत आराम के बजाय ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में हेल्प करने के लिए लॉन्ग टर्म की दवा के रूप में लिया जाना चाहिए। ग्लाइकोमेट की डोज और टाइम के बारे में अपने डॉक्टर के सुझाव को फॉलो करना जरूरी है। यदि आप ग्लाइकोमेट जीपी1 या ग्लाइकोमेट के प्रभाव के बारे में जानना चाह  रहे हैं तो अपने डॉक्टर से बात करना सबसे जरूरी है जो आपकी मदद कर सकते हैं।

ग्लायकोमेट या ग्लाइकोमेट एसआर दोनों में से अच्छा विकल्प क्या है?

ग्लायकोमेट 500 और ग्लाइकोमेट एसआर दोनों टाइप 2 डायबिटीज  के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली दवा हैं। उनके बीच सबसे बड़ा अंतर उनकी रिलीज़ प्रोफाइल में है। ग्लाइकोमेट एक इमिडिएट-रिलीज़ फॉर्मूलेशन है जो ब्लड फ्लो में जल्दी से घुल जाता है, जबकि ग्लाइकोमेट एसआर (सस्टेन्ड-रिलीज़) धीरे-धीरे अपना असर दिखाता है। धीमे रिलीज होने से पूरे दिन ब्लड शुगर लेवल को ज्यादा स्टेबल बनाए रखने में मदद मिलती है। ग्लाइकोमेट और ग्लाइकोमेट एसआर में से किसी का भी चयन करने से पहले डॉक्टर से बात की जानी चाहिए।

ग्लाइकोमेट का ब्रांड नाम क्या है?

ग्लाइकोमेट खुद मेटफॉर्मिन दवा के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ब्रांड नाम है। ग्लाइकोमेट को  एक भारतीय दवा कंपनी यूएसवी लिमिटेड द्वारा बनाया जाता है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारत में मेटफॉर्मिन के लिए दूसरे ब्रांड नाम भी  हो सकते हैं, क्योंकि कई दवा कंपनियां अलग-अलग ब्रांड नामों से मेटफॉर्मिन को बेचती हैं इसलिए  इसको खाने के पहले हमेशा अपने डॉक्टर से बात की जानी चाहिए कि आपके पास जरूरी दवा का सही ब्रांड नाम और फॉर्मूला है।

क्या ग्लाइकोमेट टैबलेट वजन कम करने में मदद करता है?

ग्लाइकोमेट, या मेटफॉर्मिन, मुख्य रूप से टाइप 2 मधुमेह के मरीजों के ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करने के लिए एक एंटीडायबिटिक दवा के रूप में लिया जाता है। वजन घटना ग्लाइकोमेट का एक साइड इफेक्ट हो सकता है, लेकिन यह इसका शुरुआती लक्षण नहीं है। मधुमेह के मरीज जो ग्लाइकोमेट जीपी1 जैसे टैबलेट लेते हैं उन्हें ब्लड शुगर कंट्रोल, भूख में कमी या दूसरे मेटाबॉलिज्म प्रभाव के कारण वजन घटना महसूस हो सकता है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि वजन घटाने की लिमिट लोगों में अलग हो सकती है, और अकेले मेटफॉर्मिन को वजन घटाने की दवा के रूप में नही दिया जा सकता, यदि वजन कम करना है तो डॉक्टर या किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूरी है।

क्या ग्लाइकोमेट के सेवन से एसिडिटी की समस्या हो सकती है?

ग्लाइकोमेट (मेटफॉर्मिन) को सीधे एसिडिटी का कारण मानना  सही नहीं है। मतली या पेट खराब होने जैसे साइड इफेक्ट हो सकते हैं जो कि हल्के और कम समय के लिए होते हैं। कुछ लोगों को एसिड रिफ्लक्स या अपच महसूस हो सकता है, लेकिन समय के साथ ये सही हो जाते हैं। इस दिक्कत  को कम करने के लिए खाने के साथ मेटफॉर्मिन लेने की सलाह दी जाती है। यदि आपको लगातार या सीरियस एसिडिटी  हैं, तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।

ग्लाइकोमेट 500 एस आर के उपयोग का सही समय क्या है? सुबह या शाम ?

ग्लाइकोमेट उपयोग का  समय इंडिविजुअल कंडीशन और आपके डॉक्टर द्वारा दिए गए डायरेक्शन के हिसाब से अलग हो सकता है।  गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल साइड इफेक्ट्स को कम करने के लिए ग्लाइकोमेट को हमेशा भोजन के साथ लिया जाता है। आपकी दवा की डोज  लाइफस्टाइल और इंडिविजुअल प्रिफरेंस के  आधार पर अलग हो सकती हैं। टैब ग्लाइकोमेट के समय और डोज के संबंध में अपने डॉक्टर से बात करना जरूरी है। वे आपकी निजी जरूरत के आधार पर हेल्प कर सकते हैं।

शुगर की कौन सी दवा सबसे ज्यादा सुरक्षित है?

जब मधुमेह की दवाओं की बात आती है तो इन दवाओं का सेवन  सुरक्षित है या नहीं ये जानने के लिए डॉक्टर की सलाह ली जानी चाहिए । ग्लाइकोमेट जीपी1 और कई अन्य मधुमेह की दवाओं को सुरक्षित माना जाता है। ग्लाइकोमेट जीपी1 को इसकी लॉन्ग स्टैंडिंग सेफ्टी प्रोफाइल, ब्लड शुगर कंट्रोल में बढ़िया प्रभाव और लो-ब्लड शुगर के कम जोखिम के कारण ही उपयोग की सलाह दी जाती है ।
भारत में इस्तेमाल की जाने वाली शुगर  की दूसरी दवाओं में ग्लिक्लाज़ाइड, वोग्लिबोज़ और पियोग्लिटाज़ोन शामिल हैं, जिन्होंने सेफ्टी रिकॉर्ड्स भी सेट किए हैं।

क्या ग्लाइकोमेट भारत में बैन (प्रतिबंधित) है?

ग्लाइकोमेट (मेटफॉर्मिन) भारत में बैन नहीं है, जबकि पियोग्लिटाज़ोन नाम की एक दूसरी मधुमेह की दवा को 2013 में  बैन कर दिया गया था, जो ग्लाइकोमेट से पूरी तरह से अलग है। ग्लाइकोमेट जीपी1 टाइप 2 मधुमेह  के ट्रीटमेंट के लिए बड़े लेवल पर इस्तेमाल की जाने वाली दवा है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि दवाओं के नियम और उपलब्धता टाइम के साथ बदल सकते हैं, इसलिए किसी भी दवा को खरीदने से पहले किसी एक्सपर्ट से सलाह  करना हमेशा सही होता है।

क्या ग्लाइकोमेट का सेवन दिन में दो बार किया जा सकता है?

ग्लाइकोमेट (मेटफॉर्मिन) की डोज इंडिविजुअल फैक्टर्स और एक्सपर्ट की सलाह पर अलग हो सकती है। कुछ मामलों में, ग्लाइकोमेट जीपी1 जैसे टैब ग्लाइकोमेट को दिन में दो बार लेने का सुझाव दिया जा सकता है। 
लेकिन इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर की राय लेना जरूरी है। वे आपकी मेडिकल कंडीशन , ब्लड शुगर कंट्रोल और हर फैक्टर पर विचार करेंगे।

क्या मैं ग्लाइकोमेट का सेवन बंद कर सकता हूँ?

यह ध्यान रखना जरूरी है कि ग्लाइकोमेट (मेटफॉर्मिन) को लगातार खाने या बंद करने के बारे में अपने डॉक्टर से बात किया जाना चाहिए। ग्लाइकोमेट जीपी1 को अक्सर टाइप 2 मधुमेह  के लॉन्ग टर्म मैनेजमेंट के लिए सजेस्ट किया जाता है। मेडिकल गाइडेंस के बिना ग्लाइकोमेट जीपी1 को  बंद करने से ब्लड शुगर का लेवल और प्रभावित हो सकता हैं। ग्लायकोमेट जीपी1 को बदलने करने या बंद करने से पहले आपके हेल्थ केयर एक्सपर्ट अलग-अलग फैक्टर्स को समझेंगे जैसे कि आपकी प्रेजेंट मेडिकल कंडीशन, ब्लड शुगर कंट्रोल और आपके द्वारा ली जा रही कोई भी दूसरी दवाएँ। इसके उपयोग के पहले अपने हेल्थ केयर एक्सपर्ट से बातचीत करना बहुत ही जरूरी है।

References:

  1. मेटफॉर्मिन: वर्तमान ज्ञान – https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4214027/
  2. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के प्रबंधन में मेटफॉर्मिन की भूमिका – https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3475283/
  3. https://dailymed.nlm.nih.gov/dailymed/fda/fdaDrugXsl.cfm?setid=1d8b8970-c2a1-4780-be87-ab8ccfd401fa&type=display

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