अगर आपको भी है शुगर, तो फूल गोभी खाने से पहले में ये बातें जरूर जान लें

फूलगोभी पोषक तत्वों और विटामिन से भरपूर एक ऐसी सब्जी है जिसे सुपरफूड कहा जाता है। फूल गोभी सर्दियों में आने वाली एक आम सब्जी है जिसका उपयोग कई तरह के व्यंजनों में किया जाता है। चाहे गोभी के पकोड़े हो या पराँठे, भारतीय थाली में यह सब्जी स्वाद के लिए लोकप्रिय है। डायबिटिक लोगों को हमेशा अपने खाने को ले कर कई तरह के सवाल रहते हैं। इसी में से एक है कि क्या फूल गोभी शुगर के मरीजों के लिए एक स्वस्थ आहार है? डायबिटीज़ में ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखना बहुत ज़रूरी होता है इसलिए शुगर पेशेंट को अपने खाने को ले कर काफ़ी सतर्क रहना चाहिए। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि क्या फूलगोभी शुगर के मरीज़ों के लिए अच्छी है? फूल गोभी के फ़ायदे क्या है और इसे खाते समय किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

एक डाइबीटिक डाइट प्लान में सही सब्जियों को शामिल करना बहुत ज़रूरी है। इसी प्रकार फूल गोभी को अपनी डाइट में सही रूप में शामिल कर के आप इसके फ़ायदे उठा सकते हैं। लेकिन क्या एक डायबिटिक डाइट में इस सब्जी को जोड़ना सही है? जवाब है “हाँ”। निश्चित रूप से, हाँ, फूलगोभी डायबिटीज़ के लिए अच्छी सब्जी है। कम जीआई स्कोर और कम जीएल वेल्यू के कारण, शुगर के मरीज़ इस सब्जी का सेवन कर सकते हैं।

कम जीएल वेल्यू यह निर्धारित करती है कि फूलगोभी में मौजूद कार्बोहाइड्रेट अच्छे से पच कर रक्त में धीरे धीरे रीलीज़ होते हैं। यह डायबिटीज़ मेनेजमेंट में मदद करता है।

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फूलगोभी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स

इस सब्जी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बेहद कम यानी 10 होता है। कम जीआई मान वाला भोजन आमतौर पर डायबिटिक लोगों के लिए अच्छा माना जाता है। साथ ही, फूलगोभी का GL मान भी बहुत कम होता है। इस प्रकार कम जीआई व जीएल वेल्यू फूलगोभी को मधुमेह वाले व्यक्ति के लिए एक आदर्श सब्जी बनाता है।

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क्या शुगर के मरीज़ फूलगोभी खा सकते हैं?

शुगर के मरीजों को गोभी कहानी चाहिए?

मधुमेह रोगियों के लिए फूलगोभी के कई फायदे हैं और लोग इसे आसानी से अपने मधुमेह आहार में शामिल कर सकते हैं। शुगर पेशेंट को उच्च कार्ब वाले खाद्य पदार्थ नहीं खाने चाहिए। यह कार्बोहाइड्रेट पचने के बाद शुगर लेवल्स को बढ़ा देगा। ऐसे में मधुमेह रोगियों के लिए फूलगोभी सबसे बेहतरीन विकल्प है।

फूलगोभी की प्रत्येक सर्विंग में कार्बोहाइड्रेट की कम मात्रा होती है और विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट आदि जैसे पोषक तत्व अधिक मात्रा में होते हैं। मधुमेह वाले लोग इस सब्जी का सेवन कर सकते हैं। लेकिन कई बार वह इसी असमंजस में रहते हैं कि फूलगोभी उनके लिए अच्छी है या नहीं?

सारांश

फूलगोभी में पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी पोषक तत्व होते हैं। ये सभी डायबिटीज़ या अन्य आंतरिक बीमारियों के रिस्क को दूर रखने में मदद करते हैं।

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उच्च रक्त शर्करा (हाई ब्लड शुगर) के लिए फूलगोभी प्रभावी क्यों है?

उच्च रक्त शर्करा वाले लोगों के लिए फूलगोभी एक उपयुक्त विकल्प है। और, वे जितना चाहे उतना इसे खा सकते हैं। अगर पूछा जाए कि मधुमेह रोगियों के लिए फूलगोभी ठीक है या नहीं? फूलगोभी डायबिटीज़ वाले लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती है। यह मधुमेह रोगियों के लिए उपयुक्त है और इसके अनेक फायदे हैं।

फूलगोभी में हाई फाइबर होता है। फाइबर शरीर में पोषक तत्वों को धीरे रीलीज़ करता हैं जिससे शुगर लेवल नियंत्रित रहते हैं।

क्या फूलगोभी रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाती है?

खैर, जैसा कि पहले ही ऊपर कहा गया है, फूलगोभी मधुमेह वाले लोगों के लिए बहुत अच्छा काम करती है। रक्त शर्करा नियंत्रण के लिए भोजन योजना में इसे शामिल करने का भी सुझाव दिया जाता है। नतीजतन, यह स्पष्ट है कि फूलगोभी ग्लूकोज के स्तर को नहीं बढ़ाती हैं। यह स्वादिष्ट सब्जी अपने आप में चीनी और कैलोरी में कम होती है। इसलिए, इसे डायबिटीज़ के लिए बनाए जाने वाले डाइट प्लान में आसानी से शामिल किया जा सकता है।

फूलगोभी में मौजूद कार्ब्स उनमें डाइटरी फाइबर होने के कारण अच्छी तरह से नियंत्रित होते हैं। फाइबर एक व्यक्ति के शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में सहायता करता है। शरीर का मेटाबोलिज़्म धीरे-धीरे इस सब्जी को पचाता है।

चयापचय या मेटाबोलिज़्म के काम को बनाए रखना किसी व्यक्ति के शरीर के लिए महत्वपूर्ण है, और भोजन में मौजूद फाइबर उसी में सहायता करता है। फाइबर पाचन प्रक्रियाओं को धीमा करने में मदद करता है और नतीजतन, ग्लूकोज़ को एकदम से रीलीज़ होने से रोकता है। ऐसे में यह सब्जी शरीर के ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को नियंत्रित रखने में मददगार है।

फूलगोभी पूरी तरह से डायबिटीज़ मेनेजमेंट के लिए काफी प्रभावशाली है और साथ ही प्रतिरक्षा या इम्यूनिटी में सुधार करने में सहायक है। ब्लड शुगर लेवल्स को बनाए रखना डायबिटीज़ के लोगों के लिए एक बुनियादी आवश्यकता है, जिसे फूलगोभी की मदद से अच्छी तरह से प्राप्त किया जा सकता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार फूलगोभी का सेवन बढ़े हुए ग्लूकोज के स्तर के रिस्क को कम कर सकता है।

सारांश

फूलगोभी मधुमेह रोगियों के लिए स्वस्थ सब्जियों की श्रेणी में आती है जिसमें और सब्जियाँ शामिल है जैसे ब्रोकोली,  शतावरी, केल आदि। सलाद में उबली हुई फूलगोभी एक अच्छा विकल्प है।

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मधुमेह रोगियों के लिए फूलगोभी के फायदे

प्रचुर मात्रा में फाइबर

फूलगोभी में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। फाइबर मधुमेह के लोगों के समग्र स्वास्थ्य के निर्माण के लिए उपयोगी है। एक कप फूलगोभी में लगभग 3 ग्राम फाइबर होता है, जो दैनिक मूल्य का 10% है। इसके अलावा, फूलगोभी जैसी फाइबर युक्त सब्जियां कैंसर, हृदय संबंधी समस्याओं और मधुमेह जैसी पुरानी बीमारियों के रिस्क को भी कम करती है।

वैट मेनेजमेंट में मदद करता है

इस सब्जी में वजन प्रबंधन या वैट मेनेज करने का विशेष गुण होता है। फूलगोभी में कम कैलोरी यानि प्रति कप सब्जी में 25 कैलोरी होती है। इसी वजह से वज़न बढ़ने के जोखिम के बिना एक व्यक्ति जितना चाहे उतना इसे खा सकता है। इसके अलावा, फूलगोभी में मौजूद फाइबर पाचन की प्रक्रिया में देरी करता है और जिससे आपका पेट भरा हुआ लगता है। इसकी वजह से आपको बार-बार भूख नहीं लगती और आपका वैट मेनेज रहता है।

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एंटीऑक्सीडेंट का बेहतरीन स्रोत

फूलगोभी एंटीऑक्सीडेंट का बेहतरीन स्रोत है। वे शरीर की कोशिकाओं को हानिकारक रेडिकल्स और सूजन (ईनफ्लेमेशन) से बचाने में मदद करते हैं। इस सब्जी में फ्लेवोनॉयड और कैरोटीनॉयड एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। दोनों शक्तिशाली एंटीकैंसर एजेंटों के रूप में काम करते हैं और हृदय संबंधी समस्याओं या अन्य पुरानी बीमारियों के जोखिम को भी कम करते हैं। इसके अलावा, फूलगोभी में विटामिन सी होता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। यह एक अच्छा एंटीइंफलेमेट्री कम्पाउन्ड है जो इम्यूनिटी में सुधार करता है।

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पोषक तत्वों से भरपूर

128 ग्राम या एक कप कच्ची फूलगोभी में पर्याप्त मात्रा में विटामिन और खनिज होते हैं। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व निम्नलिखित है:

  • विटामिन सी: DV का 77% (दैनिक मान)
  • विटामिन के: DV का 20%
  • पोटेशियम: DV का 9%
  • मैग्नीशियम: DV का 8%

हृदय स्वास्थ्य में लाभकारी

इस सब्जी में सल्फोराफेन की मात्रा दिल को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए बेहतरीन होती है। इसके अलावा, सब्जी कोलेस्ट्रॉल से मुक्त है और परिणामस्वरूप, हृदय रोगियों के लिए भी बहुत उपयुक्त है।

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इम्युनिटी बूस्टर

फूलगोभी बहुत अच्छे से इम्यूनिटी बढ़ाती है। इसमें बहुत सारा विटामिन सी होता है जो किसी व्यक्ति के शरीर में अच्छे रक्षात्मक गुणों को उत्पन्न कर सकता है और बहुत सारी बीमारियों से बचाता है। फूलगोभी में मौजूद विटामिन सी किसी व्यक्ति के शरीर में आयरन के अवशोषण में सहायता करता है और ऊर्जा के स्तर को बनाए रखता है।

सारांश

कई फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरी हुई फूलगोभी किसी व्यक्ति के शरीर को भरपूर पोषण देने का काम करती है। ये शरीर के नियमित कामकाज को बनाए रखने में मदद करती हैं और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करती हैं।

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फूलगोभी के साइड इफेक्ट

गोभी खाने के नुक्सान

फूलगोभी के सेवन से कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • फूलगोभी के बहुत अधिक सेवन से शरीर में फाइबर की अधिकता से सूजन और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह अत्यधिक बीन्स, ब्रोकली, गोभी आदि के सेवन के समान ही है।
  • फूलगोभी में विटामिन K की मात्रा होने से खून पतला हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति खून पतला करने से संबंधित दवाओं का सेवन कर रहा है, तो बेहतर होगा कि पहले डॉक्टर से परामर्श लें।
  • यदि कोई व्यक्ति फूलगोभी के प्रति संवेदनशील है या एलर्जिक है तो इससे मुंह में संक्रमण या जलन हो सकती है जिसके परिणामस्वरूप आपको परेशानी हो सकती है।

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मधुमेह रोगियों के लिए फूलगोभी के सेवन के तरीके

चावल के रूप में फूलगोभी मधुमेह वाले लोगों के लिए बेहद बढ़िया है। rice cauliflower फूलगोभी का एक प्रकार हैं जिसमे इसे पतले चावल के आकार में काटा जाता है। इन्हें अपनी डाइट में शामिल करने से ब्लड शुगर लेवल को रेगुलेट करने में मदद मिलती है। इसे चावल रूप में खाने से न सिर्फ स्वाद मिलता है बल्कि व्यक्ति इसमें मौजूद पोषक तत्वों का भरपूर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

यूएसडीए के अनुसार, एक कप कच्चे फ्लोरेट (फूलगोभी के अलग किये गए विभिन्न फूल) में 5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं। इसके अलावा, यह एक व्यक्ति को पोषक तत्व और विटामिन, विटामिन सी (51.6 मिलीग्राम) और फोलेट (61 मिलीग्राम) प्रदान करता है।

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मधुमेह रोगियों के लिए फूलगोभी का सूप

यह रेसिपी पालक से भरपूर होने के साथ कई अन्य लो-कार्ब, नॉन-स्टार्ची वेजी के साथ बनाई जाती है। साथ ही यह आयरन, मैग्नीशियम, फोलेट, कैल्शियम और कई विटामिन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती है। कुछ सामग्री का उपयोग कर के इस सूप को बनने में सिर्फ आधा घंटा लगता है।

यह आसान सूप रेसिपी स्वादिष्ट भी है। यदि कोई व्यक्ति मांसाहारी है, तो वह पौष्टिक अनुभव के लिए इसमें कुछ चनों को मिला सकता है।

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मधुमेह रोगियों के लिए गोभी के सूप की सामग्री

  • फूलगोभी : 2 कप
  • प्याज: आधा कप कटा हुआ
  • पालक के पत्ते: एक मुट्ठी
  • स्किम्ड दूध: 2 कप
  • वेजिटेबल स्टॉक: 1 लीटर
  • नमक और काली मिर्च: स्वादानुसार

बनाने की विधि

  • स्टॉक के साथ फूलगोभी, पालक और प्याज डालें।
  • सब्जियों के नरम होने तक उबालें।
  • उन्हें ठंडा होने दें और एक ब्लेंडर का उपयोग करके उन्हें मिला लें।
  • थोड़ा दूध, नमक और काली मिर्च डालें।
  • गरम करें और तुरन्त परोसें।
  • लोग इसे गार्लिक ब्रेड और सूप स्टिक के साथ भी खा सकते हैं।

सारांश

फूलगोभी एक पोष्टिक सब्जी है जो डायबिटिक डाइट प्लान में अनाज और फलियों की जगह ले सकती है। इस वेजी के एक कप में 5 ग्राम कार्ब्स होते हैं, जो एक कप चावल की तुलना में 9 गुना कम होते हैं, जिसमें लगभग 45 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होते हैं। इस कारण से, फूलगोभी चावल का रूप है जो हाई ब्लड शुगर वाले लोगों के लिए बेहतर विकल्प है।

फूलगोभी एक ऐसी सब्जी है जिसमें शरीर के लिए ज़रूरी कई अच्छे पोषक तत्व होते हैं। यह बहुत सारे महत्वपूर्ण विटामिन, खनिज और फाइबर का एक प्राकृतिक स्रोत है। ये सभी शरीर के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए डायबिटीज़ को सही रखने और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने के लिए इसे अच्छे से अपने खाने में शामिल करें।

फूलगोभी एक सुपरफूड फार्मूला है। मधुमेह वाले व्यक्ति को इस सब्जी को अपने भोजन योजना में शामिल करना चाहिए। उन्हें चावल और फलियों के स्थान पर फूलगोभी चावल को एक स्वस्थ विकल्प के रूप में चुनना चाहिए।

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सामान्यतया पूछे जाने वाले प्रश्न:

क्या फूलगोभी में अधिक मात्रा में चीनी होती है?

सभी सब्जियों की तरह, फूलगोभी एक कार्ब युक्त सब्जी है जो चीनी का ही एक रूप है। हालाँकि, यह एक गैर-स्टार्ची, सब्जी है जिसमें अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है जिसकी वजह से यह शुगर लेवल नहीं बढ़ाती। इसमें प्राकृतिक चीनी बहुत कम मात्रा में होती है।

व्यक्ति को फूलगोभी का सेवन कब नहीं करना चाहिए?

फूलगोभी के फीके पड़ने के संकेत में शामिल है उसके सफेद सिर के बाहरी तरफ भूरे रंग के धब्बे दिखाई देना। यदि कोई व्यक्ति ऐसे धब्बों को जल्दी देख ले तो उन्हें काट के हटाया जा सकता है। हालांकि, एक बार जब वे फैलना शुरू हो जाए और उसके सिर तक आ जाएं तो इसका मतलब है कि सब्जी खराब हो गई है।

क्या फूलगोभी से खून का थक्का बनता है?

बड़ी मात्रा में फूलगोभी और उससे जुड़ी सब्जियों का सेवन रक्त के थक्कों के कारण होने वाले स्ट्रोक के रिस्क को कम करता है। आयरन की कमी के कारण शरीर में एनीमिया यानि स्वस्थ आरबीसी का स्तर कम हो जाता है।

क्या रोजाना फूलगोभी खाना सुरक्षित है?

किसी एक ही प्रकार के खाने को खाने के स्थान पर एक संतुलित आहार लेना अच्छा रहता है। फूलगोभी, आमतौर पर विटामिन के और सी से भरपूर स्वस्थ सब्जी है जिसमें हाई फाइबर और कम कैलोरी होती है। प्रत्येक सप्ताह एक कप फूलगोभी खाने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।

Last Updated on by Dr. Damanjit Duggal 

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