शुगर में दूध पीना चाहिए कि नहीं? जानिये फायदे और नुक्सान | Sugar Me Dudh Pina Chahiye

Reviewed By Dietitiann Dt. SEEMA GOEL (Senior Dietitian, 25 Years of Experience) अक्टूबर 12, 2023

Last updated on नवम्बर 15th, 2023

दूध हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। बचपन से हमें दूध पीने को कहा गया है जिससे हमारी हड्डियाँ और दांत मजबूत रहे। दूध जैसे ही अन्य डेयरी उत्पाद जैसे दही, घी, पनीर, चीज़ भी भारतीय खाने का ज़ायका बढ़ाते है।

यह प्रोटीन, विटामिन और कैल्शियम का एक बेहतरीन सोर्स(स्त्रोत) है जो सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। लेकिन इतने गुण होने के बावजूद यह चर्चा का विषय है की शुगर में दूध पीना चाहिए कि नहीं।

दूध भले ही पोषण के लिए जरूरी हो लेकिन इसमें काफी ज़्यादा फैट और कार्ब्स होते हैं जो शुगर के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आइये इस ब्लॉग के माध्यम से हम जानते हैं की क्या शुगर में दूध पीना चाहिए और अगर हाँ तो आपको किन बातों का ध्यान रखने की ज़रूरत है।

शुगर में दूध का सेवन करते समय उसकी मात्रा का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है। दूध में फैट होता है इसलिए हमेशा लो-फैट विकल्प चुनें जो आपके शुगर लेवल को ज़्यादा प्रभावित ना करें। दूध में मौजूद फैट आपका वज़न और कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ा सकता है। जिस कारण हार्ट डिजीज (सीवीडी) का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अपने कार्ब का ध्यान रखने की ज़रूरत है। दूध आपके लिए फायदेमंद और नुकसानदायक दोनो हो सकता है अगर आपने उसकी मात्रा पर ध्यान नहीं दिया।

दूध की न्यूट्रीशनल वेल्यू या पोषण मूल्य – Nutritional Value of Milk

दूध में प्रोटीन, विटामिन और कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होती है। दूध दो प्रकार का होता है एक फैट वाला और दूसरा बिना फैट का। शुगर में लो-फैट वाला दूध पीना सुरक्षित माना जाता है।

शुगर में दूध पीना चाहिए कि नहीं, क्या शुगर में दूध पीना चाहिए इस बात को अच्छी तरह से समझने के लिए दूध के पोषण मूल्य के बारे में जानना बहुत जरूरी है।

वसायुक्त या फैटयुक्त दूध (एक कप)
पोषक तत्व मात्रा
कैलोरी 149
फैट/वसा 8 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट 12 ग्राम
फाइबर 0 ग्राम
प्रोटीन 8 ग्राम
कैल्शियम 276 मिलीग्राम
फैटरहित या मलाई निकाला हुआ दूध (एक कप)
पोषक तत्व मात्रा
कैलोरी 91
फैट/वसा 0.61 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट 12 ग्राम
फाइबर 0 ग्राम
प्रोटीन 9 ग्राम
कैल्शियम 316 मिलीग्राम

इसके अलावा दूध में अन्य कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं:

पोषक तत्व मात्रा
मैग्नीशियम 29.3 mg
फॉस्फोरस 246 mg
पोटैशियम 366 mg
सोडियम 92.7 mg
सेलेनियम 4.64 µg
विटामिन बी-6 0.149 mg
विटामिन बी-12 1.32 µg
विटामिन ए, RAE 78.1 µg
विटामिन डी (D2 + D3) 2.68 µg
फैटी एसिड्स, टोटल सैचुरेटेड 4.54 g
फैटी एसिड्स, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड 1.68 g
फैटी एसिड्स, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड 0.264 g
कोलेस्ट्रॉल 29.3 mg

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दूध और डायबिटीज़ – Milk & Diabetes

शुगर के मरीज प्रभावी ढंग से इंसुलिन बनाने या उपयोग करने में सक्षम नहीं होते हैं, इंसुलिन एक हार्मोन है जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है। जब इंसुलिन अपना काम सही से नहीं कर पाता है तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।

शुगर मुख्यताः दो मुख्य प्रकार का होता है: टाइप 1 और टाइप 2। दोनों में ही कार्बोहाइड्रेट इनटेक को मेनेज करना सबसे महत्वपूर्ण है।

शुगर के मरीजों को अक्सर कार्ब काउन्ट का ध्यान रखने की ज़रूरत होती है। चीनी भी एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है इसलिए इसे अपनी हेल्दी डाइट में सीमित रखने की सलाह दी जाती है।

शुगर के मरीजों के ब्लड में हाई कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स लेवल भी हो सकता है जो कि हार्ट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।

अपने डाइट में ट्रांस फैट और संतृप्त (सेचुरेटेड) फैट पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है। कुछ नए शोध बताते हैं कि दूध या डेयरी प्रोडक्ट में मौजूद संतृप्त फैट (सेचुरेटेड फैट) हृदय रोग का कारण नहीं बनता है।

शुगर कुछ लोगों को हड्डी के फ्रैक्चर के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकता है, ऐसे में कैल्शियम से भरपूर डाइट हड्डियों को मजबूत रखने में मदद कर सकता है और दूध उसके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

कैल्शियम से भरपूर दूध को अपने डाइट में शामिल करने के लिए एक हेल्दी डाइट प्लान अपनाना जरूरी है जिसमें सभी पोषण मौजूद होने चाहिए।

कई वैज्ञानिक अध्ययन में पाया गया है कि दूध पीने का सेवन करने से टाइप 2 शुगर का रिस्क कम हो जाता है।

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित 2011 के एक अन्य अध्ययन के अनुसार जो लोग किशोरावस्था या बचपन में ज़्यादा दूध पीते हैं उनमें टाइप 2 शुगर होने का रिस्क कम होता है।

साथ ही कुछ शोध बताते हैं कि डेयरी में पाए जाने वाले सैचुरेटेड फैट का टाइप 2 शुगर पर ज़्यादा असर नहीं पड़ता।

टाइप 2 शुगर के मरीजों को दूध को अपने डाइट में शामिल करने से पहले फैट काउन्ट से ज़्यादा कार्ब काउन्ट पर ध्यान देने की ज़्यादा ज़रूरत होती है।

टाइप 2 शुगर के मरीज सीमित मात्रा में दूध का सेवन कर सकते हैं। दूध में लैक्टोस होता है जो शुगर में टूटता है लेकिन अगर इसे अपने रोज़ के कार्ब काउन्ट को ध्यान में रख के लिया जाए तो यह आसानी से शुगर लेवल को मेनेज रख सकता है। दूध का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है जो शुगर लेवल को अचानक से नहीं बढ़ाता।

दूध में मौजूद अन्य पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम और पेप्टाइड्स इंसुलिन सेन्सिटिविटी और ग्लूकोज टोलेरेन्स को सुधारने में मदद करते हैं। इसके अलावा इसमें हाइपरइंसुलिनमिया (Hyperinsulinemia) गुण होता है जो इंसुलिन बनने को बढ़ाने में मदद करता है।

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डायबिटीज़ में दूध के फ़ायदे – Advantages of Milk in Diabetes

दूध में कई पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं इसलिए बचपन से ही दूध पीने की सलाह दी जाती है। यह कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। जिस कारण और शुगर में भी यह कई हेल्थ बेनेफिट्स देता है। आइए जानें शुगर में दूध पीना चाहिए कि नहीं या क्या शुगर में दूध पीना चाहिए और शुगर में दूध के क्या फायदे हैं।

हड्डियों और दांतों के लिए लाभदायक – Helpful In Bone’s & Teeth’s Health

शुगर एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जो शरीर के कई अंगों को प्रभावित करती है। यह हड्डियों को कमजोर कर सकता है। और शुगर में कमजोर हड्डियाँ फ्रेक्चर की संभावना को बढ़ा सकती हैं। ऐसे में दूध से मिलने वाला कैल्शियम और विटामिन डी इस समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है।

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है – Controls Blood Pressure

शुगर में ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है। ज़्यादातर मामलों में शुगर के मरीजों में ब्लड प्रेशर की समस्या भी देखी जाती है। ऐसे में दूध पीने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है।

दूध में मौजूद मिनरल्स पोटेशियम, कैल्शियम, और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करने में मदद करते हैं। दूध में कई प्रकार के बायोएक्टिव पेप्टाइड्स भी पाए जाते हैं जो हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।

नींद में फायदेमंद – Helpful in Sleep

शुगर के मरीजों को अक्सर नींद की समस्या रहती है। ऐसे में दूध इसमें मदद कर सकता है। दूध में कई प्रकार के कम्पाउन्ड पाए जाते हैं जैसे मेलाटोनिन और ट्राइटॉफन। यह दोनों अच्छी नींद और क्वालिटी स्लीप में फायदा पहुंचाते हैं।

हाई प्रोटीन मात्रा – Rick in Protein 

दूध में मौजूद हाई प्रोटीन से आपकी भूख लंबे समय तक शांत रहती है जिससे बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती और शुगर लेवल के साथ वज़न भी कंट्रोल में रहता है। इसके अलावा प्रोटीन ग्लूकोज को धीरे अवशोषित(एब्जॉर्ब)करता है जिससे शरीर में शुगर लेवल नही बढ़ता।

स्ट्रेस में फायदेमंद – Helps In Stress

दूध में मौजूद कैल्शियम और कुछ अमीनो एसिड डिप्रेशन और स्ट्रेस को कम करने में सहायक होते हैं। यह दिमाग के स्वास्थ्य और फ़ंक्शन को बेहतर बनाने में मदद करता है।

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डायबिटीज़ में दूध के नुकसान – Disadvantages of Mik in Diabetes

शुगर में दूध पीने के कई फ़ायदों के साथ कुछ नुकसान भी है जैसे:

  • दूध में लेक्टोज़ होता है जो कुछ लोगों में गैस या एसिडिटी की समस्या का कारण बन सकता है। कुछ लोग लेक्टोज़ इंटोलेरेंट होते हैं और उन्हें पाचन संबंधी समस्या हो सकती है, इसलिए ऐसे लोगों को दूध से बचना चाहिए।
  • शुगर के मरीजों को दूध का सेवन करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हाई-फैट वाला दूध न पिएं। हाई फैट दूध शुगर लेवल को बढ़ने के साथ ही वज़न भी बढ़ा सकते हैं।
  • लो-फैट दूध का सेवन करते समय याद रखें कि दूध में लैकटोज शुगर होती है। यह एक प्रकार का कार्बोहाईड्रेट ही है। शुगर के मरीजों को अपने कार्बोहाईड्रेट की मात्रा पर ध्यान देने की ज़रूरत होती है, इसलिए उन्हें अपने दूध की मात्रा पर भी ध्यान देना चाहिए।
  • कुछ लोगों को दूध से एलर्जी हो सकती है इसलिए अगर आपको एलर्जी है तो दूध पीने से बचें।
  • लेक्टोज़ इंटोलेरेंट व्यक्ति दूध के अन्य विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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दूध के अन्य विकल्प – Other Choices of Milk

डेयरी दूध में फैट और कार्ब की अधिक मात्रा होती है जिसकी वजह से यह आपके शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है इसलिए दूध के कई अन्य विकल्प है जो शुगर में दूध की जगह इस्तेमाल किए जा सकते हैं और शुगर लेवल को ज्यादा प्रभावित नहीं करते हैं। नीचे ऐसे ही कुछ विकल्प बताए गए हैं:

सोया मिल्क – Soya Milk

सोया प्रोटीन और कैल्शियम का एक बढ़िया सोर्स है, इसमें फैट नहीं होता है। इसमें कैल्शियम के अलावा मैग्नेशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम और विटामिन बी भी पाया जाता है। यह सब गुण होने के कारण यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है जो लेक्टोज़ व फैट के प्रभाव से बचाता है।

लो-फैट मिल्क – Low-Fat Milk

यदि शुगर में आप रेगुलर दूध लेना चाहते हैं तो लो-फैट मिल्क का ही उपयोग करें। लो-फैट मिल्क में कम कार्ब और कम फैट होता है जो आपके शुगर लेवल को नहीं बढ़ाता। इसमें प्रोटीन भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसके साथ-साथ इसमें शुगर के मरीजों के लिए ज़रूरी कैल्शियम भी मिल जाता है।

बादाम का दूध या आलमंड मिल्क – Almond Milk

अगर आप हेल्दी दूध के विकल्प तलाश रहे हैं तो बादाम का दूध एक अच्छा विकल्प है। इसमें लेक्टोज़ नहीं होता और साथ ही इसमें लो फैट और लो कार्ब होता है। यह न्यूट्रीशन से भरपूर होता है और आपके शुगर लेवल को प्रभावित नहीं करता।

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शुगर में दूध का सेवन कब करें? – When to consume milk in Diabetes?

दूध में कार्ब होता है इसलिए यह शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में शुगर के मरीज दिन में कभी भी दूध का सेवन कर सकते हैं। सबसे बेहतर समय ब्रेकफ़ास्ट का होता है। शुगर पेशेंट को लो-फैट और बिना चीनी मिला दूध पीना चाहिए और अगर आपका शुगर लेवल कंट्रोल में है तो आप रात में भी दूध पी सकते हैं। इससे नींद अच्छी आती है और स्ट्रेस दूर करने में भी मदद मिलती है। अगर आपको दूध पीने से कोई दिक्कत होती है तो अपने डॉक्टर से ज़रूर परामर्श करें।

यदि किसी व्यक्ति को गैस या एसिडिटी की परेशानी है तो दूध पीने से बचें। यह गैस बढ़ा सकता है।

नोट: दूध को हमेशा बिना किसी एडेड शुगर या स्वीटनर मिलाकर पियें। इससे आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है और आप इसके लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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दूध के अन्य खाद्य विकल्प – Other food choices of Milk

यदि कोई लैक्टोज इंटोलेरेंट है या डेयरी प्रोडक्ट से किसी तरह की एलर्जी है तो आप इसके जगह अन्य विकल्पों से दूध जैसे पोषक तत्व प्राप्त कर सकते हैं। इसमें शामिल हैं:

  • बादाम
  • काजू
  • नारियल
  • सन
  • बकरी का दूध
  • हेज़लनट
  • Macadamia अखरोट
  • जई (ओट्स)
  • मटर
  • मूंगफली
  • क्विनोवा
  • चावल
  • सोया
  • सूरजमुखी

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निष्कर्ष – Conclusion

इस प्रकार दूध के फ़ायदे और नुकसान यह बताते हैं कि शुगर में दूध पीना चहिए कि नहीं। दूध में कई तरह के पोषक तत्व होते है जो शुगर के मरीजों के लिए ज़रूरी है। लेकिन साथ ही इसकी सही मात्रा लेना बहुत आवश्यक है। सही मात्रा दूध का सेवन करने से बहुत फायदे हो सकते हैं।

इसके अलावा दूध में किसी तरह की शुगर या एडेड शुगर न मिलाएं। यह उसके पोषण को खत्म करके नुकसानदायक बना सकती है। कोशिश करें की रेगुलर दूध के स्थान पर उसके विकल्पों को चुनें जो अधिक स्वास्थ्यवर्धक हो और ब्लड शुगर लेवल को न बढ़ाएं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

क्या मैं शुगर में दूध पी सकता हूँ?

शुगर में दूध पीने का कोई विशेष नियम नहीं हैं। यह व्यक्तिगत जरूरत और आपके शुगर लेवल पर निर्भर करता है कि क्या शुगर में दूध पीना चाहिए। शुगर में दूध पीना चाहिए कि नहीं यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपकी फिजिकल एक्टिविटी, कुल कैलोरी इनटेक, सही मात्रा में फैट का सेवन और ब्लड शुगर लेवल की रेगुलर मॉनीटरिंग हो रही है या नहीं, यदि आपका शुगर लेवल मेनेज हैं

क्या दूध शुगर लेवल बढ़ाता है?

अगर सही मात्रा और सही तरीके से दूध का सेवन किया जाए तो यह शुगर लेवल नहीं बढ़ाता। इसमें कार्ब और फैट होता है लेकिन कार्ब काउन्ट और फैट काउन्ट के अनुसार दूध को अपने डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। दूध का ग्लाइसेमीक इंडेक्स भी कम होता है जो शुगर लेवल को अचानक नहीं बढ़ाता। इसके साथ ही इसमें मौजूद प्रोटीन कार्बोहाईड्रेट के अवशोषण को धीमा कर देता है जिससे शुगर लेवल धीरे- धीरे बढ़ता है। इस बात का ध्यान रखें कि अगर आपको गैस या एसिडिटी की परेशानी है या आप लेक्टोज़ इंटोलेरेंट हैं तो दूध पीने से बचें।

क्या दूध पीने से शुगर लेवल कम होता है?

दूध एक लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला प्रोडक्ट है और साथ ही इसमें मौजूद प्रोटीन शुगर को धीरे-धीरे एब्जॉर्ब करता है। दूध में मौजूद कई पोषक तत्व इंसुलिन सेंसटिविटी और ग्लूकोज टॉलरेंस को बढ़ाते हैं जिससे यह शुगर में फ़ायदा पहुंचाता है। लेकिन इसकी मात्रा सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है। अगर सही मात्रा में इसे ना लिया जाए तो यह शुगर लेवल को बहुत अधिक बढ़ा सकता है।

शुगर में दूध पीने के क्या नुकसान हैं?

शुगर में पाचन से संबंधित कई समस्याएं होती है ऐसे में अगर आपको एसिडिटी या गैस की परेशानी है तो दूध ना पियें। ज़्यादा दूध पीने से एसिडिटी और दस्त की समस्या हो सकती है। इसके अलावा कुछ लोग लेक्टोज़ इंटोलेरेंट होते हैं, उन्हें भी दूध पीने से बचना चाहिए। दूध में अच्छी मात्रा में कार्ब और फैट होता है इसलिए शुगर में दूध की मात्रा का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है। अपने कार्ब और फैट काउन्ट के अनुसार एक या दो कप दूध ही अपने डाइट में शामिल करें। हाई फैट दूध पीने से बचें इससे शुगर लेवल बढ़ सकता है।

शुगर में दूध पीना चाहिए कि नहीं?

शुगर के मरीज रात को सोने से पहले हल्का गुनगुना दूध पी सकते हैं। दूध से प्राप्त होने वाले पेप्टाइड्स के चलते शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। अलमंड मिल्क और दूध में हल्दी या दालचीनी भी मिलाकर पी सकते हैं, दोनो में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट होता है जिससे शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

Last Updated on by Dr. Damanjit Duggal 

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